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बुजुर्गों की संगति में जीवन निखरता है: उनकी उपस्थिति हमें मार्गदर्शन और मानसिक शांति प्रदान करती

Fri, 10 Apr 2026 07:39 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shubham Kumar Updated Fri, 10 Apr 2026 07:39 AM IST
सार

जब हम बुजुर्गों के साथ समय बिताते हैं, तब हमें यह एहसास होता है कि जीवन केवल संघर्ष नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी यात्रा है, जिसमें हर चरण का अपना महत्व और सौंदर्य होता है।
 

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Life flourishes in the company of elders their presence offers us guidance and mental peace
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मनुष्य को सच में खुश रहना सीखने में कई वर्ष लग जाते हैं। यह कोई सहज प्राप्त होने वाली अवस्था नहीं है, बल्कि अनुभवों, संघर्षों और समझ के साथ धीरे-धीरे विकसित होती है। हर नया साल हमारी कुछ बेकार उम्मीदों को खत्म करता है और उनकी जगह एक सच्चा और टिकाऊ संतोष दे जाता है। मैं यह नहीं मान सकती कि जीवन के सबसे प्रारंभिक दिन ही सबसे अधिक सुखद होते हैं। बचपन बाहर से देखने पर भले ही सुंदर और आनंदमय प्रतीत होता है, परंतु वास्तव में वह कई अनजाने भय और उलझनों से भरा होता है।

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एक बच्चा उन उलझनों को पूरी तरह से नहीं समझ पाता है। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ा होता जाता है, जीवन की वास्तविकताओं को समझने लगता है और उसके भीतर धैर्य, विवेक और संतुलन का विकास होता है।
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समय के साथ जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची खुशी बाहरी वस्तुओं में नहीं, बल्कि हमारी सोच, संतोष और संबंधों में होती है। यही वह अवस्था है, जहां वरिष्ठजनों का महत्व हमारे जीवन में बढ़ जाता है। बुजुर्ग केवल उम्र में बड़े नहीं होते, बल्कि वे अनुभव, ज्ञान और जीवन की सच्चाइयों के भंडार होते हैं।
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उन्होंने जीवन के उतार-चढ़ाव देखे होते हैं, असफलताओं का सामना किया होता है और उनसे सीखकर ही आगे बढ़े होते हैं। उनकी उपस्थिति हमें स्थिरता, मार्गदर्शन और मानसिक शांति प्रदान करती है। वे हमें सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य कैसे बनाए रखें और जीवन के छोटे-छोटे सुखों में खुशी कैसे तलाशें।


जब हम उनके साथ समय बिताते हैं, तो हमें यह एहसास होता है कि जीवन केवल संघर्ष नहीं है, बल्कि यह एक यात्रा है, जिसमें हर चरण का अपना महत्व और सौंदर्य है। तब हम अनावश्यक चिंताओं से मुक्त होकर उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं-जैसे, प्रेम, संबंध और आत्मिक शांति। यही कारण है कि वृद्धावस्था को जीवन का सबसे परिपक्व और संतुलित चरण माना जाता है। इसलिए, यह विश्वास करना न केवल सांत्वना देता है, बल्कि हमें प्रेरित भी करता है कि बुजुर्गों की संगति में हमारा भविष्य और अधिक बेहतर, संतोषजनक और सुखद होगा।

 

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