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अलविदा गोदार: फ्रेंच सिनेमा के मशहूर निर्देशकों में से एक थे गोदार, इनका जाना एक युग का अंत

Tue, 13 Sep 2022 06:06 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Tue, 13 Sep 2022 06:06 PM IST
सार

गोदार ने कलर वाइडस्क्रीन का प्रयोग कर ‘ए वूमन इज ए वूमन’ जैसी फिल्में बनाई। साथियों के साथ मिल कर ‘द सेवेन डेडली सीन्स’, ‘द वर्ल्ड’स मोस्ट ब्यूटीफ़ुल स्विंडलर्स’, ‘सेक्स इन पेरिस’ बनाई, जिसे बड़ी कामयाबी मिली।

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Legendary French film director Jean-Luc Godard dies at 91
सिने-निर्देशक ज्याँ लुक गोदार्द - फोटो : Twitter

विस्तार

फ़िल्म समीक्षक, स्क्रीनप्ले राइटर तथा प्रसिद्ध सिने-निर्देशक ज्याँ लुक गोदार्द नहीं रहे। 3 दिसम्बर 1930 को जन्मे गोदार्द की 13 सितम्बर 2022 को मृत्यु हो गई। फ़्रांसीसी निर्देशकों में ज्याँ लुक गोदार्द का नाम बहुत ऊँचा है। ‘ऑपरेशन कॉन्क्रीट’, ‘ऑल द ब्यॉज आर कॉल्ड पैट्रिक’, ‘शार्लट एंड हर ब्वायफ्रेंड’, ‘ए वूम इज ए वूमन’ आदि छोटी-बड़ी मिला कर करीब 131 फ़िल्में बनाई। ‘ब्रेथलेस’ उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध फ़िल्म है।

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डॉक्टर पिता और बैंकर परिवार से आई मां की संतान गोदार ने अपने विचारों को सीधे परदे तक पहुंचाया। द्वितीय विश्वयुद्ध काल में वे स्विटज़रलैंड के नागरिक रहे और वहीं स्कूल गए। मगर किशोर ज्यां का जीवन आसान न रहा होगा जब उनके माता-पिता का 1948 में तलाक हो गया। अत: उन्हें पेरिस लौटना पड़ा जो एक तरह से अच्छा ही हुआ। उन्होंने डिग्री के लिए सोर्बोन में नृजाति विज्ञान की पढ़ाई की और फ़्राँस्वा त्रूफ़ो, एरिक रोमेर, जॉक रिवेट जैसे लोगों से उनकी दोस्ती हुई। गोदार ने कहा है, ‘सिनेमा एक सेकेंड में चौबीस बार सत्य है।’ यह कथन सिनेमा के प्रति उनके जुनून को दिखाता है।
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इस दोस्ती का नतीजा हुआ 1950 में ‘गज़ट द सिनेमा’ पत्रिका की स्थापना, जिसके पाँच अंक निकले। पत्रिका में गोदार अधिकतर हैन्स लुकास के छद्म नाम से लिख रहे थे और धुंआधार लिख रहे थे। चूँकि गोदार एक अमीर परिवार से आते थे उन्होंने अपने दोस्तों– जॉक रिवेट  तथा एरिक रोमेर की फ़िल्मों में काम किया साथ ही उन्हें आर्थिक सहायता भी दी। परिवार कितना भी धनी हो उसे लड़के का अपने दोस्तों पर रकम लुटाना (अभिभावकों की नजर में) कभी ठीक नहीं लगता है। गोदार के परिवार को भी यह अच्छा नहीं लगा, नतीजन उनके परिवार ने उन्हें रकम देनी बंद कर दी। पर भला जीनियस कभी इन बातों की परवाह करते हैं?
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घर से पैसे मिलने बंद हुए तो लड़का बोहेमियन जिंदगी जीने लगा। भूख तो रोज लगती है तो जब जरूरत पड़ती है तो खाना-पैसा चोरी करने से भी आदमी को गुरेज नहीं होता है। गोदार ने भी जरूरत पड़ने पर यह सब किया। बाद में 1952 से सिने-समीक्षा लिखने लगे। वे ‘काइए न्यू सिनेमा’ में लिख रहे थे। जल्द ही पिता से पुन: संबंध बना और पिता-पुत्र उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका घूमने निकले, साथ ही बेटा अपनी पहली फ़िल्म बनाने की कोशिश में लगा। इस फ़िल्म का खास कुछ न बना।

ज्याँ लुक गोदार ने जिंदगी में बहुत पापड़ बेले। स्विटज़रलैंड में एक बांध बन रहा था तो वहां कंस्ट्रक्शन वर्कर का काम किया और इस काम से जो पैसे मिले उससे एक साल बाद वहां से मिले अनुभवों पर 1954 में अपने जुनून के तहत एक लघु फ़िल्म ‘ऑपरेशन कॉन्क्रीट’ बनाई। जिंदगी कभी सम नहीं रहती है। एक साल बाद उनकी माँ का स्विटज़रलैंड में एक्सिडेंट हुआ और वे चल बसीं। फ़िर से वे ‘काइए न्यू सिनेमा’ (सिनेमा डायरी) में लिखने लगे, साथ ही वे ‘आर्ट्स’ में भी लिख रहे थे। जल्द ही उन्हें ‘आर्टिस्ट्स एसोसीज’ का प्रेस एटैचे का काम मिल गया।

1957 में आई पहली फ़्रेंच फ़िल्म

1957 में उन्होंने अपनी पहली फ़्रेंच फ़िल्म ‘ऑल द ब्यॉज आर कॉल्ड पैट्रिक’ बनाई। जल्द ही ‘शार्लोट एंड हर ब्यॉयफ़्रैंड’ तैयार थी। दोस्त त्रूफ़ो की बाढ़ फ़िल्म के बिना उपयोग हुए फ़ुटेज को संपादित किया और लो! फ़िल्म ‘ए स्टोरी ऑफ़ वाटर’ तैयार थी। बहुमुखी प्रतिभा के धनी गोदार, दोस्तों के साथ मिल कर फ़िल्म बनाते हुए ‘फ़्रेंच न्यू वेव’ सिनेमा की स्थापना कर रहे थे, साथ गॉसिप कॉलम भी लिख रहे थे। तभी उन्होंने अपनी प्रसिद्ध फ़िल्म ‘ब्रेथलेस’ पर काम प्रारंभ किया। उसी साल 1960 में आना करीना से शादी की।

अल्जीरिया युद्ध पर ‘ले पेटिट सोलडाट’ (द लिटिल सोल्जर) बनाई जिसे फ़्रांस के सेंसर ने रोक दिया जो बाद में 1963 में प्रदर्शित हो सकी। लेकिन ‘ब्रेथलेस’ को अपार सफ़लता मिली, सिने-दर्शक तथा सिने-समीक्षक सबने इसे सराहा। यह फ़िल्म ‘फ़्रेंच न्यू वेव’ का मील का पत्थर साबित हुई। फ़िल्म अध्ययन के लिए भी यह सदा प्रयोग की जाती है। इस फ़िल्म ने अभिनेता जीन-पॉल बेल्मोंडो की किस्मत भी चमका दी।
 

कलर वाइडस्क्रीन का प्रयोग कर गोदार ने ‘ए वूमन इज ए वूमन’ बनाई, साथियों के साथ मिल कर ‘द सेवेन डेडली सिन्स’, ‘द वर्ल्ड’स मोस्ट ब्यूटीफ़ुल स्विंडलर्स’, ‘सेक्स इन पेरिस’ बनाई। ‘मेड इन यू.एस.ए’, ‘ला सिनोइस’ (द चाइनीज), ‘फ़ार फ़्रॉम वियतनाम’ (जिसकी शूटिंग के लिए उन्हें उत्तरी वियतनाम जाने से रोक दिया गया), ‘सी यू एट माओ’, ‘स्ट्रगल इन इटली’ आदि तमाम (करीब 131) फ़िल्में बनाईं। जिनमें से कई कभी या तो पूरी नहीं हुई अथवा विभिन्न कारणों से रिलीज नहीं हुईं।


गोदार ने अपनी कई फ़िल्मों में आना केटरीन को भूमिका दी। महान फ़िल्म निर्देशकों की सूचि में शामिल गोदार ने सेना में भी अपनी सेवा दी। ‘मरने से पहले इन फ़िल्मों को अवश्य देखें’ की फ़िल्म सूची में गोदार की कई फ़िल्मों के नाम शामिल हैं। गीतों में उनका नाम आता है। उन्होंने अपनी दोस्त एग्नेस वर्दा की फ़िल्म ‘क्लेओ फ़्रॉम 5 टू 7’ में काम भी किया।

‘मुझे नहीं लगता है कि मूवी को अनुभव करना चाहिए। आपको एक औरत को अनुभव करना चाहिए। आप मूवी का चुंबन नहीं ले सकते हैं’ कहने वाले ज्यॉ लुक गोदार के साथ सिनेमा के एक युग का अंत हुआ।




डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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