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कर्नाटक चुनाव परिणाम 2023: कांग्रेस को ऑक्सीजन, बीजेपी को तगड़ा झटका

Sat, 13 May 2023 03:56 PM IST
Satish Alia सतीश एलिया
Updated Sat, 13 May 2023 03:56 PM IST
सार

हिमाचल में हारने के बाद बीजेपी ने शायद सबक नहीं लिया, कांग्रेस ने हिमाचल की जीत को कर्नाटक में जारी रखा। महाराष्ट्र-कर्नाटक विवाद का हल दोनों राज्यों और केंद्र में भी बीजेपी सरकार होने के बावजूद नहीं करना बीजेपी की कर्नाटक में पराजय की बड़ी वजह बनी। 

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Karnataka Assembly Election Result 2023 Impact On 2024 Lok Sabha Elections
कर्नाटक विधानसभा चुनाव का परिणाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जैसा प्री पोल सर्वे और एक्जिट पोल बता रहे थे, कर्नाटक के चुनाव नतीजे वैसे ही आए। हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक ने भी कांग्रेस को जोरदार विजय शक्ति से भर दिया है। पांच साल पहले भी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, पर जनादेश नहीं मिला था। इस बार भी वोट प्रतिशत बना रहने के बावजूद बीजेपी दूसरे नंबर पर खिसक गईय और कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है। 

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बजरंग दल को पीएफआई के बराबर बताकर कांग्रेस ने जो दांव खेला, उससे पार्टी को जेडीएस के मुस्लिम वोट में सेंधमारी का लाभ मिला। दूसरी तरफ बजरंग दल की खिलाफत को हिंदुत्व का अपमान साबित करने के बीजेपी के अभियान का कोई फायदा नहीं हुआ। 40 प्रतिशत भ्रष्टाचार का मुद्दा बीजेपी पर भारी पड़ा। इसी साल मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के चुनाव में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने पर बीजेपी इंकार करेगी तो यह माना जाएगा कि कर्नाटक से सबक नहीं लिया, क्योंकि अभी सच को स्वीकारने और सुधार करने का समय है।

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भाजपा ने नहीं लिया हिमाचल की हार से सबक

हिमाचल में हारने के बाद बीजेपी ने शायद सबक नहीं लिया, कांग्रेस ने हिमाचल की जीत को कर्नाटक में जारी रखा। महाराष्ट्र-कर्नाटक विवाद का हल दोनों राज्यों और केंद्र में भी बीजेपी सरकार होने के बावजूद नहीं करना बीजेपी की कर्नाटक में पराजय की बड़ी वजह बनी। मुंबई कर्नाटक और महाराष्ट्र कर्नाटक कहे जाने वाले क्षेत्रों में बीजेपी को इस बार काफी नुकसान हुआ।

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कर्नाटक में कांग्रेस को राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' का लाभ मिला और पार्टी में आज तक एकजुटता भी बनी रही, इसे बरकरार रखने की चुनौती अब कांग्रेस के सामने होगी।
 

मुख्यमंत्री तय करना आसान नहीं

कर्नाटक में अब मुख्यमंत्री तय करना आसान नहीं होगा। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को मोदी के लिए गाली साबित करने में बीजेपी नाकाम रही। गुजरात का फार्मूला कर्नाटक में नहीं चला क्योंकि सामने कर्नाटक का अपना बेटा ही था। कर्नाटक के घर-घर का मिल्क ब्रांड नंदिनी के सामने गुजरात के अमूल को लाने का मुद्दा बीजेपी के खिलाफ गया। आधा लीटर नंदिनी दूध देने के वादे ने इस मुद्दे पर बीजेपी को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की। आने वाले चुनावों में अन्य राज्यों में भी बीजेपी को ऐसे मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है।

 

अपने गृह राज्य हिमाचल में पार्टी की सरकार बरकरार ना रख सके बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को कर्नाटक की पराजय का कुछ तो हलाहल पीना ही पड़ेगा। दूसरी तरफ अपने गृह राज्य कर्नाटक में बंपर जीत से मल्लिकार्जुन खरगे को ताकत मिलेगी और उन्हें कठपुतली बताने वाली बीजेपी की जुबान पर इस मामले में ताला लग सकेगा।

सोनिया गांधी की कर्नाटक चुनाव में उपस्थिति भी कांग्रेस के लिए संजीवनी बनी, ऐसा कहा जा सकता है, इसका उल्टा करें तो सवाल बनता है कि मोदी ना गए होते तो बीजेपी का और क्या हुआ होता?

 

Karnataka Assembly Election Result 2023 Impact On 2024 Lok Sabha Elections
कर्नाटक चुनाव 2023 - फोटो : अमर उजाला

कर्नाटक चुनाव परिणाम से क्षेत्रीय दल लें सबक

2024 की संभावनाओं के मद्देनजर देखें तो कर्नाटक में जेडीएस के हश्र से क्षेत्रीय दलों को सबक लेना होगा। मुस्लिम वोट बैंक का दम भरने वाले दल एसपी, जदयू, राजद, तृणमूल कांग्रेस इत्यादि 2024 में कांग्रेस के पास जाएं या दूर ही रहें? महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का दल कांग्रेस की बैसाखी पर रहेगा या नहीं ये बड़ा सवाल होगा। 
          
आज ही उत्तर प्रदेश में ट्रिपल इंजन के नारे पर बीजेपी की निकाय चुनाव में हुई बंपर जीत ने कांग्रेस की देश के सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीट वाले प्रदेश में हालात को फिर सतह पर रखा है। कर्नाटक से उत्साहित कांग्रेस को यूपी के आईने में अपनी चुनावी शक्ल देख लेनी चाहिए क्योंकि राजस्थान में पार्टी की रार ही सरकार बरकरार रहने के खिलाफ संकेत दे रही है। वहां सरकार हर 5 साल में बदलने का रिवाज भी है, हालांकि हिमाचल में यह बरकरार रहा, उत्तराखंड में बदल गया।

कुल मिलाकर कांग्रेस को ऑक्सीजन और बीजेपी को चिंतन, कर्नाटक चुनाव नतीजे दे चुके हैं। डीके शिवकुमार या सिद्धारमैया में से कौन? यह प्रश्न अभी कई नाटक दिखा सकता है। कर्नाटक की सियासत का यह अहम किरदार है और हिस्सा भी। बीजेपी और कांग्रेस के अलावा अन्य दलों के लिए कर्नाटक 2023 के नतीजे 2024 के लिहाज से कई संदेश दे चुके हैंं।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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