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भारतीय क्रिकेट टीम पर हर रोज एक नया सवाल

Tue, 30 Jan 2024 08:14 PM IST
Nitin Yadav नितिन यादव
Updated Tue, 30 Jan 2024 08:14 PM IST
सार

कहा जा सकता है कि मैदान के बाहर बैठकर सलाह देना आसान है। सच यह भी है कि किसी बड़ी हार पर आलोचना होना स्वाभाविक है। इस बीच भारतीय  क्रिकेट इसी आलोचनात्मक दौर से गुजर रही है। इसके घेरे में सबसे ज्यादा कोच द्रविड़ ही दिखाई दे रहे हैं।

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ind vs eng test series Team India Test Squad Selection Sarfaraz khan vs Rajat Patidar
सरफराज खान और रजत पाटीदार - फोटो : PTI

विस्तार

भारतीय क्रिकेट के लिए पिछला कुछ समय बड़ा उतार-चढ़ाव वाला रहा है। वनडे विश्वकप में फाइनल तक के सफर की तारीफ हुई तो हार ने भी कई सवाल उठाए। अब टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों घर में हुई पराजय ने मिस्टर वॉल यानी भारतीय कोच राहुल द्रविड़ सहित पूरी टीम प्रबंधन की रणनीति पर बड़े सवाल उठा दिए हैं। बात यहीं तक नहीं है। केएल राहुल और रविंद्र जडेजा की चोट ने द्रविड़ के दर्द को और बढ़ा दिया है। अब ऐसे में चयन के लिए सरफराज खान को बुलाया गया है। 

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घरेलू क्रिकेट में तमाम रन बनाने वाले सरफराज को टीम में नहीं लिए जाने पर काफी दिनों से सवाल उठ रहे थे। ऐसे में देखना है कि रजत पाटीदार और सरफराज में से किसे मौका मिलेगा। ज्यादा संभावना है कि रजत को ही खिलाया जाए। उन्हें पहले टेस्ट के लिए चयन के दौरान सरफराज पर तरजीह मिली थी। यहां सवाल इन दोनों के चयन के साथ ही विराट की अनुपस्थिति में किसी अनुभवी को लेने या नहीं लेने पर भी उठ रहे हैं।
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क्या ऐसे में अनुभवी चेतेश्वर पुजार को मध्यक्रम में मजबूत खिलाड़ी के तौर पर नहीं रखा जाना चाहिए। वह तो घरेलू क्रिकेट में काफी अच्छे रन बना रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में स्कोर का पीछा करते हुई कई बार लगा कि पुजारा जैसा मजबूत खिलाड़ी खड़ा रहता तो विकेटों के गिरने का सिलसिला थम सकता था। साफ दिखता है कि इन सवालों का सही जवाब अभी तक चयनकर्ता भी नहीं तलाश पाए हैं।
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शुभमन गिल की फॉर्म इस चिंता को और भी बढ़ा रही है। एक अहम सवाल पहले मैच में कुलदीप यादव के चयन नहीं होने पर भी है। वह भी तब जब वह अपने पिछले टेस्ट मैच 2022 में आठ विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच रहे थे। कलाई के स्पिनर को भारत की घूमती हुई पिचों पर जगह न मिल पाना हैरानी भरा तो था ही वो भी जब तीन स्पिनर खिलाने हों। ऐसा लगा जैसे इंग्लैंड इससे ज्यादा तैयारी करके आया हो और उन्होंने जो रूट सहित चार स्पिनर खिलाए।


कहा जा सकता है कि मैदान के बाहर बैठकर सलाह देना आसान है। सच यह भी है कि किसी बड़ी हार पर आलोचना होना स्वाभाविक है। इस बीच भारतीय  क्रिकेट इसी आलोचनात्मक दौर से गुजर रही है। इसके घेरे में सबसे ज्यादा कोच द्रविड़ ही दिखाई दे रहे हैं। ईशान किशन प्रकरण के बारे में कोई भी साफ तौर पर नहीं बता रहा है लेकिन सवाल है कि इतने प्रतिभाशाली क्रिकेटर की अचानक उपेक्षा क्यों होने लगी। दरअसल, एक भारतीय क्रिकेट प्रेमी होने के नाते हमारी और आपकी कई चिंताएं हैं। हर क्रिकेट प्रेमी के दिमाग के इस तरह के सवाल लगातार उठते रहते हैं। जवाब बस खिलाड़ियों को मैदान में मैच जीतकर ही देना होगा। तभी कोच और कप्तान पर उठ रहे सवाल भी कम होंगे।



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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

 

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