विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: रीना यंग- ब्रिटिश सिनेमेटोग्राफर्स सोसायटी में पहली एशियाई स्त्री
रीना यंग की सफलता और उनके नाम का एक कारण उनका लोगों से व्यवहार है। वे लोगों से बहुत अच्छा व्यवहार करती हैं, विचार साझा करती हैं, दूसरों की बात सुनती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने तकनीक कुशलता और सिनेमाटोग्राफी की कुशलता के साथ एक बहुत महत्वपूर्ण बात सीखी है, वह है लोगों से सलूक करना।
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पहला होने का अपना महत्व है। आपका स्थान कोई कभी नहीं ले सकता है। 66 फिल्मों की सिनेमेटोग्राफर रीना यंग को यह गौरव हासिल है। उनके नाम पर एक और प्रथम जुड़ा है। वे पहली महिला डॉयरेक्टर ऑफ फोटोग्राफर हैं जिन्हें ब्रिटिश एरो पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वे कैमरा के साथ इलैक्ट्रिकल विभाग संभालती हैं और उन्होंने सिने-निर्देशन भी किया है।
रीना अयंग का जन्म 1967 में जापान के एक छोटे शहर में हुआ, आजकल वे लंदन में रहती हैं। जापान में उन्होंने स्टिल लाइफ एवं पोर्ट्रेट पेंटिंग का अध्ययन किया था। बाफ्टा ब्रेकथ्रू 2020 के लिए उनका चुनाव हुआ था। बाफ्टा सिमरु 2019 के लिए कमर्शियल तथा नरेटिव दोनों श्रेणियों में उनका नामांकन हुआ, ऐसा भी पहली बार ही हुआ।
वे सीधे सिनेमाटोग्राफर नहीं बन गईं, तीन साल तक उन्होंने सहायक कैमरापर्सन के रूप में शागिर्दी की।
रीना यंग ने मुख्यरूप से म्यूजिक वीडियो की सिनेमेटोग्राफी की है, मगर उनकी झोली में कई प्रमुख शॉर्ट एवं फीचर फिल्मों का काम भी शामिल है। ‘द गोल्डेन प्रेजेन्ट’,‘मोन्युमेंटल जर्नी’, ‘डेड बॉय्ज’, ‘स्ट्रट फाइटर मैस’, ‘वी बिलॉन्ग टू समथिंग ब्यूटीफुल’, ‘रॉकेट फ्युल’ आदि उनके कुछ म्यूजिक वीडियो हैं।
हाल में उन्होंने नेटफ्लिक्स के ‘टॉप बॉय’ की शूटिंग की और इसके साथ वे नरेटिव की ओर मुड़ गई हैं। ‘मदर मेरी’, ‘द फायर इनसाइड’, ‘ऑल टू वेल: द शॉर्ट फिल्म’ जैसी फिल्मों की सिनेमाटोग्राफर वे रही हैं। उन्होंने रेचल मरीसन (‘द फायर इनसाइड’), टेलर स्विफ्ट (‘ऑल टू वेल: द शॉर्ट फिल्म’), नादिया हैलग्रेन (‘बिकमिंग’), जेरेमी जेस्पर (2025 में आने वाली म्यूजिकल ड्रामा फिल्म ‘ओ’डेसा’), सैम लेविसन, ए ज रोजास, रॉब चिउ, मैट लैम्बर्ट, जोनास लिंस्ट्रोएम जैसे प्रसिद्ध निर्देशकों की फिल्म के लिए काम किया है।
म्यूजिक वीडियो के अलावा कमर्शियल शूट
म्यूजिक वीडियो, फीचर फिल्म के अलावा रीना यंग ने कमर्शियल भी शूट किए हैं। ‘जोर्डन बियॉन्ड’ उनका ऐसा ही एक कमर्शियल है जिसका संदेश है, अपने सपनों का पीछा एक यात्रा की भांति करो, बाधाओं से बचना संभव नहीं है। पर जो भी हो पहला कदम है, सरल कदम- अपने आप में विश्वास। जब आप खुद पर भरोसा करते हो, तो भय पर विजय प्राप्त कर अपनी सीमाओं रास्ते में आए अवरोधों को पार कर तुम उड़ सकते हो।
एक अन्य कमर्शियल है ‘माई वे’ यह जॉर्जिओ अरमानी के नए इत्र का विज्ञापन है जिसमें अभिनेत्री एड्रिया एर्जोना ने अभिनय किया है।
रीना यंग अपनी तकनीक कुशलता के कारण पहचानी जाती हैं। वे व्यतिरेक, असरदार और टेक्सचुअल विजुअल शैली के लिए जानी जाती हैं। विशेषज्ञ टेक्चर और कॉन्ट्रास्ट को उनकी खासियत बताते हैं। टेक्शुरल भाव कैमरा की गति, लेंस, और कलर ग्रेड से आता है जिसका चुनाव रीना बहुत सावधानी से करती है।
वे स्वयं कहती हैं, ‘मैं तकनीक सटीक होने की बनिस्बत इमोटिव इमेजेज सृजन करने में रूचि रखती हूं।’ वे कहानी कहने के लिए सिनेमैटिक दृष्टि से थोड़ा अव्यवस्थित रहना पसंद करती हैं।
इंटीरियर के लिए वे हेज मशीन का प्रयोग करती हैं। इससे इमेज बहुत शार्प और स्पष्ट नहीं आती है। लेंस पर बैक लाइट डाल कर इमेज के पार प्रकाश की लकीरें अंकित करती हैं। प्रकाश की योजना उनकी विशिष्टता है। वे खूब सारी बैक लाइट और बहुत थोड़ी की लाइट का प्रयोग करती हैं। बैक लाइट में रोशनी का स्रोत पात्र के पीछे से आता है।
सामने की रोशनी का कम प्रयोग पात्र के चेहरे पर रिम लाइट का प्रभाव पैदा करता है। जब हाई लाइट डाली जाती है तो रिम लाइट अलग से दीखती है और बाकी पात्र छाया में रहता है। कई दिशाओं से आने वाला प्रकाश कम विरोध पैदा करता है जबकि एक दिशा से आने वाली रोशनी अधिक कॉन्ट्रास्ट पैदा करती है।
सिनेमा में अद्भुत प्रयोग
रीना यंग की सफलता और उनके नाम का एक कारण उनका लोगों से व्यवहार है। वे लोगों से बहुत अच्छा व्यवहार करती हैं, विचार साझा करती हैं, दूसरों की बात सुनती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने तकनीक कुशलता और सिनेमाटोग्राफी की कुशलता के साथ एक बहुत महत्वपूर्ण बात सीखी है, वह है, लोगों से सलूक करना।
फिल्म अथवा टीवी सेट पर जो प्रमुख प्रकाश तकनीशियन होता है, उसे फिल्मी भाषा में ‘गाफर’ कहते हैं। गाफर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। गाफर लाइटिंग की योजना बनाता है। लाइट सेटअप करता है, जरूरत के अनुसार उपकरणों का इंतजाम करता है। लाइट का एडजस्टमेंट करना उसका काम है, सुरक्षा का दायित्व उसका होता है। रीना हर कदम पर अपने गाफर से सलाह-मशवरा करती हैं। संवाद का नतीजा बेहतर परिणाम होता है। वे मेकअपमैन, हेयरड्रेसर, कोस्ट्यम पर्सन सबसे तालमेल रखती हैं।
वे अधिकतर हैंडहेल्ड कैमरे का प्रयोग करती हैं, जरूरत पड़ने पर डौली का प्रयोग भी करती हैं। जब लम्बे समय तक कैमरा प्रयोग करना होता है तो ईजीरिग का प्रयोग करती हैं। अधिकांश समय रीना एलईडी का उपयोग करती हैं। वे पोस्ट प्रोडक्शन में भी खूब मेहनत करती हैं।
फिल्म ‘फायर इनसाइड’
‘फायर इनसाइड’ फिल्म दो बार ओलम्पिक बॉक्सर विजेता क्लैरेसा शील्ड्स की जीवनी है। इस फिल्म के सिनेमाटोग्राफर के रूप में रना यंग ने मिशिगन के भयंकर ठंड को सच में पकड़ा है। साथ ही वे बॉक्सिंग मैच की बारीकियों, दर्शकों की प्रतिक्रिया को पकडने में कामयाब रह हैं। 55 मिनट की टीवी पर दिखाई ‘यूफोरिया’ एक ड्रग एडिक्ट रुए बेनेट की कहानी है, जो हाल में रिहैबिलिटेशन सेंटर से लौटी है और लत से दूर रहने का प्रयास कर रही इसे 9 प्राइमटाइम एमी पुरस्कार मिले। है।
उनकी चर्चा सब ओर है, उनका काम हर स्थान पर नजर आ रहा है। वे 12 घंटे काम करते हुए जीवन को संतुलित करने की कला जानती हैं। अभी सिने-जगत को रीना यंग से बहुत उम्मीद है।
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