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विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: नोरा एफ्रॉन- स्क्रीनप्ले में रोमांस-कॉमेडी का तड़का

Thu, 14 Dec 2023 03:28 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Thu, 14 Dec 2023 03:28 PM IST
सार

बीसवीं सदी की कई रोमांटिक कॉमेडी- ‘यू हैव गॉट मेल’, ‘व्हेन हैरी मेट सैली’, ‘स्लीपलेस इन सीटल’ आदि फिल्मों के लिए नोरा एफ्रॉन को सम्मान हासिल है। निर्देशक के रूप में नोरा एफ्रॉन ने अपनी पहली कॉमेडी 1992 में ‘दिस इज माई लाइफ’ नाम से बनाई।

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history of world cinema Nora Ephron filmmaker British Academy Film Award
nora Ephron - फोटो : Twitter

विस्तार

आपने शायद 1998 की ‘यू हैव गॉट मेल’ फिल्म देखी हो, शायद न भी देखी हो, लेकिन इस पर आधारित बॉलीवुड की कई फिल्में जरूर देखी होंगी। खैर, आज बात करती हूं इसी और कई अन्य फिल्मों की स्क्रीनप्ले रैटर नोरा एफ्रॉन की। नोरा एफ्रॉन को रॉम-कॉम का एक सर्वोत्तम स्क्रीनप्ले राइटर माना जाता है।

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बीसवीं सदी की कई रोमांटिक कॉमेडी– ‘यू हैव गॉट मेल’, ‘व्हेन हैरी मेट सैली’, ‘स्लीपलेस इन सीटल’ आदि फिल्मों के लिए उन्हें सम्मान हासिल है।
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नोरा एफ्रॉन 19 मई 1941 को अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में जन्मी थीं। प्यार से लोग उन्हें नोर बुलाते थे। उनके पिता का नाम हेनरी एफ्रॉन तथा माता का नाम फीबी एफ्रॉन था।
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‘मैं औरतों के लिए ऐसे पार्ट लिखती हूं, जो उतने ही जटिल एवं मजेदार होते हैं, जितनी औरतें खुद होती हैं।’ कहने वाली नोरा एफ्रॉन की शिक्षा मेसाचुसेट्स से हुई। लेख, उपन्यास तथा कई फिल्मों के स्क्रीनप्ले लिखने के अलावा उन्होंने कुछ फिल्में भी निर्देशित कीं। उन्होंने खूब मजबूत चरित्र गढ़े हैं।

एंटी-न्यूक्लियर एक्टिविस्ट कैरेन सिल्कवुड (1983 की फिल्म ‘सिल्कवुड’), एक दबंग की स्वतंत्र बेटी कुकी वोल्टेकी (1989 की फिल्म ‘कुकी’) दोनों चरित्र उन्होंने एलिस एर्लेन के साथ मिल कर लिखे।

निर्देशक के रूप में नोरा एफ्रॉन ने अपनी पहली कॉमेडी 1992 में ‘दिस इज माई लाइफ’ नाम से बनाई। इसका स्क्रीनप्ले उन्होंने अपनी बहन डेलिया एफ्रॉन के साथ मिलकर लिखा। इस फिल्म में जूली कैवनेर ने एकल मां की भूमिका की है, जो स्वयं को ‘स्टैंड-अप’ कॉमेडियन के रूप में स्थापित करने हेतु संघर्ष करती है।

वैसे तो उनके सब स्क्रीनप्ले विशिष्ट हैं, मगर वे खास तौर पर ऊपर लिखित तीन फिल्मों- ‘यू हैव गॉट मेल’, ‘व्हेन हैरी मेट सैली’, ‘स्लीपलेस इन सीटल’ के लिए जानी जाती हैं। तो इन्हीं को विस्तार से देखा जाए।

सन 1998 की फिल्म व्हेन हैरी मेट सैली

आधुनिक रोमांस की उनकी फिल्म ‘व्हेन हैरी मेट सैली’ (1998) के लिए उन्हें मौलिक स्क्रीनप्ले राइटिंग का ऑस्कर नामांकन मिला। इस डेढ़ घंटे की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ने 5 पुरस्कार जीते। हैरी-सैली को अपने प्रेम में पड़ने में 12 वर्ष का लम्बा समय लगा। पहली बार वे शिकागो यूनिवर्सिटी में मिलते हैं और वे न्यू यॉर्क की एक ट्रिप की ड्राइव साझा कर रहे हैं। वे बार-बार मिलते हैं।

सैली पत्रकार बनना चाहती है और हैरी का सपना राजनैतिक सलाहकार बनने का है। उनके रहन-सहन से लगता है शायद वे बने भी हैं, पर फिल्म इस बात को बहुत स्पष्ट नहीं करती है।

एक बार वे एक एयरपोर्ट पर मिलते हैं, उस समय सैली अपने एक नए ब्वायफ्रेंड के साथ है। एक बार जब वे मिलते हैं किसी और के साथ रिश्ते में होते हैं। एक बार मिलते हैं तब तक सैली का बॉयफ्रेंड जा चुका है और हैरी की पत्नी तलाक लेना चाहती है। वे बराबर टकराते रहते हैं और उन्हें भान होता है कि वे एक-दूसरे को बहुत पसंद करते हैं। वे दोस्त बन जाते हैं। ठहरिए यहां ट्विस्ट है।

हैरी सैली को सावधान करता है, स्त्री-पुरुष के बीच दोस्ती असंभव है क्योंकि रास्ते में सदा सैक्स आ जाता है। और सैक्स सब गड़बड़ कर देता है, अत: सैक्स से वे बचना चाहते हैं। रॉब रेनेर निर्देशित इस फिल्म में बिली क्रिस्टल और मेग रायन ने हैरी तथा सैली की भूमिकाएं की हैं।

history of world cinema Nora Ephron filmmaker British Academy Film Award
when harry met sally - फोटो : Twitter

नोरा एफ्रॉन की अपनी पसंददीदा फिल्म 1958 की ‘इन्डिस्क्रीट’ (स्टैनली डॉनेन निर्देशित) है, जिसमें कैरी ग्रांट तथा इंग्रिड बर्गमैन ने अभिनय किया है। वे खुद ‘यू हैव गॉट मेल’ के लिए भी जानी जाती हैं। 6 पुरस्कार लेने वाली 1998 की दो घंटे की यह फिल्म स्वीट रोमांटिक कॉमेडी की श्रेणी में आती है। जो फॉक्स (टॉम हैंक्स) किताब स्टोर की एक चेन चलाता है, उसका नवीनतम स्टोर न्यू यॉर्क में खुलने वाला है। बगल में एक छोटा बुक स्टोर कैथलीन केली (मेग रायन) चलाती है, जिसे नए स्टोर से खतरा है और वे दुश्मन बन जाते हैं। सब कुछ बिना एक-दूसरे को देखे हो रहा है, जबकि देख कर, मिल कर वे प्रेम में हैं।

जैसे ‘व्हेन हैरी मेट सैली’ की सैली पत्रकार बनना चाहती है, नोरा भी स्क्रीनप्ले राइटर बनने के पूर्व एक पत्रकार थीं। उनके स्क्रीनप्ले में उनका जीवन शामिल होता है। उनका लेख ‘क्रेजी सलाद’ खूब लोकप्रिय हुआ था और इतना ही नहीं उन्होंने 1983 में ‘हार्टबर्न’ नाम से एक उपन्यास भी लिखा था। उनके पात्र पात्र न लग कर जीते-जागते मनुष्य लगते हैं।

स्लीपलेस इन सीटल

टॉम हैंक्स की दोस्त नोरा एफ्रॉन अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी की स्क्रीनप्ले राइटर थी। उनके अभिभावक भी यही काम करते थे। उनकी मां कहा करती थीं, जीवन की त्रासदी एक दिन कॉमेडी कहानी की संभावना रखती है। यही वे ‘स्लीपलेस इन सीटल’ के अपने स्क्रीनप्ले में दिखाती हैं।

चार पुरस्कार जीतने वाली इस फिल्म में भी मेग रायन (एनी रीड) तथा टॉम हैंक्स (सैम बॉल्डविन) मुख्य भूमिका में हैं। इस कॉमेडी-ड्रामा-रोमांस फिल्म में आज के सोशल मीडिया (रेडियो टॉक-शो) द्वारा एक बेटा हाल में विधुर हुए अपने पिता के लिए साथी की तलाश में है। इस बार प्यार का माध्यम रेडियो बनता है।

नायक सीटल में और नायिका बाल्टीमोर में यानी महादेश के दो छोर पर हैं और उनमें प्रेम होता है। प्यार किसी भी बाधा को पार करने की कूबत रखता है। पौने दो घंटे कैसे बीत जाते हैं, दर्शक नहीं जान पाता है।

नोरा ने इसका स्क्रीनप्ले कहानी के लेखक जेफ आर्च तथा डेविड एस. वार्ड के साथ मिल कर लिखा था। नोरा एफ्रॉन का मानना है कि जब आप किसी के साथ रहना तय करते हैं, तो यह काम आप शीघ्रातिशीघ्र करना चाहते हैं। इस फिल्म को देखते हुए आपको पिछली सदी की फिल्म ‘एन अफेयर टू रिमेंबर’ की याद आना स्वाभाविक है। 

अभिनेत्री मेरिल स्ट्रीप ने उनकी लिखी तीन फिल्मों ‘सिल्कवुड’, ‘हार्टबर्न’ तथा ‘जूली एंड जूली’ में काम किया। नोरा की मां बहुत अच्छा खाना बनाती थीं। ‘जूली एंड जूली’ में जूली नाम की दो स्त्रियां हैं, एक ब्लॉगर है, तो दूसरी कुकिंग प्रोफेशन में है। यह फिल्म 26 पुरस्कार बटोर ले गई।

‘जूली एंड जूली’ फिल्म की प्रसिद्धि वाली नोरा एफ्रॉन की मृत्यु ब्लड तथा बोन मैरो कैंसर की जटिलता के साथ निमोनिया से हुई। वे न्यूयॉर्क सिटी में 26 जून 2012 को गुजरीं। अपनी बीमारी की बात उन्होंने केवल कुछ करीबी लोगों को बताई थी।

तीन बार ऑस्कार के लिए नामित नोरा एफ्रॉन ने 8 फिल्में भी निर्देशित कीं। उनका मानना था कि जो लोग शुरु में सुंदर नहीं होते हैं उम्र के साथ खूबसूरत होते जाते हैं और ऐसे लोगों में वे खुद को गिनती थीं।


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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