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कृत्रिम बुद्धिमत्ता: एआई, नया साल और 2035 के संकेत
Sat, 27 Dec 2025 05:21 AM IST
लव गौर
रॉबर्ट बूथ
रॉबर्ट बूथ
Published by: लव गौर
Updated Sat, 27 Dec 2025 05:21 AM IST
सार
एआई के विकास को देखते हुए द गार्जियन के स्तंभकार बताते हैं कि 2026 अलग होगा। पर सवाल है कि 2035 कैसा होगा?
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
जब 2035 आएगा, तो चिकित्सा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का ही बोलबाला होगा। इलाज के लिए डॉक्टरों के रिसेप्शनिस्ट से बात करने की खातिर सुबह-सुबह की भागदौड़ खत्म हो जाएगी। मरीज अपने एआई चिकित्सक को बीमारियों के बारे में बताएंगे। वह तेजी से मरीज की मेडिकल हिस्ट्री से जानकारी मिलाएगा और शुरुआती उपचार देगा।
एआई मरीज की बीमारी के तथ्यों को हजारों चिकित्सकीय अध्ययनों से मिला सकता है, और ताजा शोध के आधार पर दवाएं सुझा सकता है, जिसे कोई इन्सानी डॉक्टर पूरी तरह से समझ नहीं सकता। चिकित्सकीय जांच बहुत ज्यादा परिष्कृत और थोड़ी आक्रामक हो जाएगी। दवाएं बिल्कुल आपके शरीर तथा उसकी जरूरतों के हिसाब से बनाई जा सकेंगी। बेहतर डॉक्टर वही होंगे, जो एआई के नतीजों को समझने में सबसे ज्यादा माहिर होंगे।
न्याय के क्षेत्र में देखें, तो सुनवाई की तैयारी कर रहे वकीलों ने मामले से संबंधित कानून ढूंढने और दलीलें तैयार करने का काम एआई को सौंपना सीख लिया है, जो उन्हें अदालत में सबसे बेहतर दलील देने का तरीका बताता है। नए, ज्यादा मजबूत आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) सिस्टम कई दिनों के काम को कुछ ही घंटों में पूरा कर देते हैं, जिससे वकील को सिर्फ एआई के सुझावों को जांचने का काम करना होता है। एक प्रयोग शुरू किया गया है, जिसमें एआई को इन्सानी जज और जूरी के सामने केस लड़ने की इजाजत दी गई। इसके प्रभावकारी नतीजे भी मिले हैं।
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रोजमर्रा के कामों की बात करें, तो पहनने लायक एआई डिवाइस, जैसे चश्मे, घड़ियां और अंगूठियां, अब हर जगह आम हो गए हैं। ये अतिरिक्त इंद्रियों की तरह काम करते हैं, हमारे आसपास की उन चीजों को पहचानते हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं-जैसे फ्रिज में अंडे कम हो रहे हों, या ये हमारी बातचीत को भी रिकॉर्ड करते हैं, ताकि बाद में हमें भूली हुई बातें याद दिला सकें। आप इन्फॉर्मेशन एजेंट की मदद से अपने दिन की शुरुआत कर सकते हैं। जब आप सुबह उठते हैं और अपने दांत साफ कर रहे होते हैं, तो यह आपको खबरों का सारांश तथा मतलब पढ़कर सुनाता है। यह आपको कुछ गहरी समझ दे सकता है।
2035 में एआई खेती-बाड़ी के काम में भी भूमिका निभाता दिख रहा है। एक किसान का काम बहुत थकाने वाला होता है, जिसमें वह जानवरों, फसलों, चारे की आपूर्ति और मशीनरी की देखभाल की जांच करता है। पेड़ों, खलिहानों, बाड़ के खंभों और घूमने वाले रोबोट पर लगे कैमरों व सेंसर की मदद से, हर खेत उत्पादकता एवं जानवरों की देखभाल में मदद करने के लिए बहुत सारे आंकड़े भेजता है। एक दशक बाद दुनिया भर के लाखों खेतों से मिले आंकड़ों की मदद से, एआई न सिर्फ यह सलाह देगा कि क्या और कब बोना है, बल्कि यह भी बताएगा कि मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र कैसे बनाएं और मिट्टी की सेहत कैसे सुधारें। एआई संचालित रोबोट खेतों में घूमकर खरपतवारों को खत्म करने के अलावा कीटनाशकों की जरूरत को कम कर सकते हैं।
सामाजिक जीवन को देखें, तो एआई की मदद से लाखों व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों को अपने काम तेजी से निपटाने तथा आराम के लिए वक्त मिल रहा है। एआई एक ‘दोस्त’ या कोच की तरह काम कर सकता है। यह आपको सलाह दे सकता है कि दूसरे कर्मचारी के साथ नरमी से पेश आएं, क्योंकि वे थोड़े तनावग्रस्त लग रहे हैं। मीटिंग के दौरान आपको इस तरह की मदद मिलती है, जो आपको बेहतर ढंग से बातचीत करने में मदद करती है। जैसे ही बातचीत खत्म होती है, एआई आपको इस मीटिंग के बाद किए जाने वाले अगले कदमों की एक सूची भेजता है और इसे आपके प्रोजेक्ट प्लान में डाल देता है। जैसे ही आप अपनी डेस्क पर पहुंचते हैं, आपका एआई असिस्टेंट वे दस्तावेज लाकर देता है, जिनकी आपको जरूरत होती है। लेकिन जल्द ही लोगों को एहसास होगा कि वे कम काम में भी गुजारा कर सकते हैं।
विद्वानों का कहना है कि फुर्सत का मतलब आराम से काम और रचनात्मक गतिविधियों, लोगों से मिलने-जुलने तथा बच्चों या बुजुर्गों की देखभाल करने से ज्यादा होगा। लेकिन ज्यादा खाली समय मिलने से एक नई समस्या भी पैदा हो सकती है-बड़े पैमाने पर बोरियत। एक ऐसी पीढ़ी जो नौ से पांच की नौकरी की आदी थी, उसे तालमेल बिठाने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है।- साथ में डैन मिल्मो
गूगल डिस्को
यह उन्नत एआई-सक्षम वेब ब्राउजर परंपरागत वेब ब्राउजर की तुलना में अलग ढंग से काम करता है। जहां सामान्य ब्राउजिंग में आप कई टैब खोलकर जानकारी खोजते हैं, वहीं यह खुले टैब्स को जरूरत के हिसाब से तुरंत छोटे-छोटे इंटरैक्टिव वेब एप्स (जेनटैब्स) में बदल देता है, ताकि आप अपना काम आसानी से व तेजी से पूरा कर सकें। उदाहरण के लिए, अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, पढ़ाई का सारांश लिख रहे हैं या किसी जटिल विषय पर शोध कर रहे हैं, तो डिस्को इन टैब्स को समझकर एक कस्टम, इंटरैक्टिव टूल तैयार कर देगा, जिसे आप अपनी भाषा में आदेश देकर बदल भी सकते हैं। इसके लिए आपको कोड लिखने की जरूरत नहीं होगी।
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एआई मरीज की बीमारी के तथ्यों को हजारों चिकित्सकीय अध्ययनों से मिला सकता है, और ताजा शोध के आधार पर दवाएं सुझा सकता है, जिसे कोई इन्सानी डॉक्टर पूरी तरह से समझ नहीं सकता। चिकित्सकीय जांच बहुत ज्यादा परिष्कृत और थोड़ी आक्रामक हो जाएगी। दवाएं बिल्कुल आपके शरीर तथा उसकी जरूरतों के हिसाब से बनाई जा सकेंगी। बेहतर डॉक्टर वही होंगे, जो एआई के नतीजों को समझने में सबसे ज्यादा माहिर होंगे।
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न्याय के क्षेत्र में देखें, तो सुनवाई की तैयारी कर रहे वकीलों ने मामले से संबंधित कानून ढूंढने और दलीलें तैयार करने का काम एआई को सौंपना सीख लिया है, जो उन्हें अदालत में सबसे बेहतर दलील देने का तरीका बताता है। नए, ज्यादा मजबूत आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) सिस्टम कई दिनों के काम को कुछ ही घंटों में पूरा कर देते हैं, जिससे वकील को सिर्फ एआई के सुझावों को जांचने का काम करना होता है। एक प्रयोग शुरू किया गया है, जिसमें एआई को इन्सानी जज और जूरी के सामने केस लड़ने की इजाजत दी गई। इसके प्रभावकारी नतीजे भी मिले हैं।
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रोजमर्रा के कामों की बात करें, तो पहनने लायक एआई डिवाइस, जैसे चश्मे, घड़ियां और अंगूठियां, अब हर जगह आम हो गए हैं। ये अतिरिक्त इंद्रियों की तरह काम करते हैं, हमारे आसपास की उन चीजों को पहचानते हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं-जैसे फ्रिज में अंडे कम हो रहे हों, या ये हमारी बातचीत को भी रिकॉर्ड करते हैं, ताकि बाद में हमें भूली हुई बातें याद दिला सकें। आप इन्फॉर्मेशन एजेंट की मदद से अपने दिन की शुरुआत कर सकते हैं। जब आप सुबह उठते हैं और अपने दांत साफ कर रहे होते हैं, तो यह आपको खबरों का सारांश तथा मतलब पढ़कर सुनाता है। यह आपको कुछ गहरी समझ दे सकता है।
2035 में एआई खेती-बाड़ी के काम में भी भूमिका निभाता दिख रहा है। एक किसान का काम बहुत थकाने वाला होता है, जिसमें वह जानवरों, फसलों, चारे की आपूर्ति और मशीनरी की देखभाल की जांच करता है। पेड़ों, खलिहानों, बाड़ के खंभों और घूमने वाले रोबोट पर लगे कैमरों व सेंसर की मदद से, हर खेत उत्पादकता एवं जानवरों की देखभाल में मदद करने के लिए बहुत सारे आंकड़े भेजता है। एक दशक बाद दुनिया भर के लाखों खेतों से मिले आंकड़ों की मदद से, एआई न सिर्फ यह सलाह देगा कि क्या और कब बोना है, बल्कि यह भी बताएगा कि मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र कैसे बनाएं और मिट्टी की सेहत कैसे सुधारें। एआई संचालित रोबोट खेतों में घूमकर खरपतवारों को खत्म करने के अलावा कीटनाशकों की जरूरत को कम कर सकते हैं।
सामाजिक जीवन को देखें, तो एआई की मदद से लाखों व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों को अपने काम तेजी से निपटाने तथा आराम के लिए वक्त मिल रहा है। एआई एक ‘दोस्त’ या कोच की तरह काम कर सकता है। यह आपको सलाह दे सकता है कि दूसरे कर्मचारी के साथ नरमी से पेश आएं, क्योंकि वे थोड़े तनावग्रस्त लग रहे हैं। मीटिंग के दौरान आपको इस तरह की मदद मिलती है, जो आपको बेहतर ढंग से बातचीत करने में मदद करती है। जैसे ही बातचीत खत्म होती है, एआई आपको इस मीटिंग के बाद किए जाने वाले अगले कदमों की एक सूची भेजता है और इसे आपके प्रोजेक्ट प्लान में डाल देता है। जैसे ही आप अपनी डेस्क पर पहुंचते हैं, आपका एआई असिस्टेंट वे दस्तावेज लाकर देता है, जिनकी आपको जरूरत होती है। लेकिन जल्द ही लोगों को एहसास होगा कि वे कम काम में भी गुजारा कर सकते हैं।
विद्वानों का कहना है कि फुर्सत का मतलब आराम से काम और रचनात्मक गतिविधियों, लोगों से मिलने-जुलने तथा बच्चों या बुजुर्गों की देखभाल करने से ज्यादा होगा। लेकिन ज्यादा खाली समय मिलने से एक नई समस्या भी पैदा हो सकती है-बड़े पैमाने पर बोरियत। एक ऐसी पीढ़ी जो नौ से पांच की नौकरी की आदी थी, उसे तालमेल बिठाने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है।- साथ में डैन मिल्मो
गूगल डिस्को
यह उन्नत एआई-सक्षम वेब ब्राउजर परंपरागत वेब ब्राउजर की तुलना में अलग ढंग से काम करता है। जहां सामान्य ब्राउजिंग में आप कई टैब खोलकर जानकारी खोजते हैं, वहीं यह खुले टैब्स को जरूरत के हिसाब से तुरंत छोटे-छोटे इंटरैक्टिव वेब एप्स (जेनटैब्स) में बदल देता है, ताकि आप अपना काम आसानी से व तेजी से पूरा कर सकें। उदाहरण के लिए, अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, पढ़ाई का सारांश लिख रहे हैं या किसी जटिल विषय पर शोध कर रहे हैं, तो डिस्को इन टैब्स को समझकर एक कस्टम, इंटरैक्टिव टूल तैयार कर देगा, जिसे आप अपनी भाषा में आदेश देकर बदल भी सकते हैं। इसके लिए आपको कोड लिखने की जरूरत नहीं होगी।