रानी मुखर्जी का ब्लॉग: अलविदा दादा- यकीन ही नहीं हो रहा आप ऐसे चले जाएंगे !
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पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए दादा (प्रदीप सरकार) का नाम ही काफी था, उनका जाना इंडस्ट्री के साथ-साथ मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है, ऐसी क्षति जिसकी पूर्ति करना कठिन है। दादा के निधन की खबर से मैं बहुत सदमे में हूं। अभी हाल ही में तो उनसे मेरी लंबी बातचीत हुई थी, मैं स्वर्ण मंदिर अमृतसर दर्शन के लिए गई थी, उसी दौरान दादा का फोन आया। उन्होंने मुझे अपनी फिल्म के बारे में बताते हुए फेसटाइम कॉल करने के लिए भी कहा, लेकिन वहां उस दिन नेटवर्क अच्छा नहीं था इसलिए मैं उसके साथ वीडियो कॉल नहीं कर सकी, काश कर पाती।
हम इसी सप्ताह मिलने की योजना भी बना रहे थे, हालांकि जब मैं वापस आई और ऐसी चौंकाने वाली खबर मिली तो जैसे यकीन ही नहीं हो रहा है।
दादा अभी तो कुछ दिनों पहले शूटिंग भी कर रहे थे, पता नहीं चंद दिनों में यह सब कैसे हो गया? हाल ही में उनकी पत्नी (पांचली बौदी) ने मुझे बताया कि वह स्वस्थ हैं, अक्सर काम में व्यस्त रहते हैं। पर आज सुबह जब चार बजे बौदी का कॉल आया तो ऐसी अप्रत्याशित खबर मिलेगी, इस बारे में सोचा भी नहीं था।
मुझे यकीन है कि हर कोई जो दादा को जानता है, वह उनकी कमी को गहराई से महसूस करेगा, जिस तरह से मैं महसूस कर रही हूं। मेरा उनके साथ बहुत अच्छा संबंध था, हमने साथ मिलकर कितना काम किया, इसलिए यह सचमुच मेरे लिए परिवार के किसी सदस्य को खोने जैसा है।
दादा का पूरा परिवार, वह सभी लोग जो दादा के प्रोडक्शन हाउस में काम करते थे और वर्षों से उनसे जुड़े हुए थे, सभी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि यह खबर सही है। मैं वास्तव में इससे और भी दुखी हूं क्योंकि मैं जल्द ही उनसे मिलने वाली थी। आप कभी महसूस नहीं करते कि जीवन कितना अप्रत्याशित है, आप किसी व्यक्ति से बात करते हैं और अगली बार क्या फिर उससे बात हो पाएगी, यह तक निश्चित नहीं है।
मेरी फिल्म को लेकर हर तरफ से मिल रही प्रतिक्रियाओं के बारे में बताने के लिए मुझे दादा ने बुलाया था, वह मेरे लिए कितने खुश और उत्साहित थे पर किसे पता था कि हम अब कभी मिल नहीं पाएंगे। दादा आप जहां भी हो, खुश रहो, आपकी यादें-मार्गदर्शन सदैव मेरे साथ रहेंगे।
मिस यू दादा।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।