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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: दिल्लीवासियों की उम्मीदों की कसौटी पर डबल इंजन, भाजपा के सामने होंगी चुनौतियां

Sat, 08 Feb 2025 02:42 PM IST
Jay singh Rawat जयसिंह रावत
Updated Sat, 08 Feb 2025 02:42 PM IST
सार

यह विजय न केवल वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में परिवर्तन का संकेत देती है, बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। दिल्ली की राजनीति में भाजपा का संघर्ष लंबे समय से जारी रहा है, और इस जीत को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यद्यपि भाजपा दिल्ली में 1993 से लेकर 1998 तक तीन बार सरकार में रही लेकिन उसकी तीनों सरकारों में से किसी ने भी पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया।

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Delhi election result 2025 BJP is set to stage a thumping comeback in delhi after 26 years know key highlights
यह विजय न केवल वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में परिवर्तन का संकेत देती है, बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत की राजधानी के बाशिंदो ने आखिर अपनी अगली सरकार चुन ही ली और देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा को सल्तनत सौंप ही दी। आम आदमी पार्टी का शासन भले ही उतना बुरा नहीं था, लेकिन 10 सालों की एण्टी इन्कम्बेंसी और शराब घोटाले जैसे आरोपों के कारण गिरती छवि ने आम आदमी पार्टी को न केवल सत्ता से बेदखल कर दिया अपितु पार्टी के आने वाले संकटों के द्वार भी खोल दिए।

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शराब काण्ड में जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद अरविन्द केजरीवाल ने कहा था कि वह बुगुनाह हैं और अदालत से पहले वह अपनी बेगुनाही जनता की अदालत में साबित करेंगे और तभी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैंठेंगे। उनकी निजी हार और उनके संकल्प के मायनों को तोल कर तो यही लगता है कि जनता ने उनको बेगुनाह नहीं माना।
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बहरहाल, अब देश की राजधानी में भाजपा शासन का डबल इंजन आ गया है। अब तक केजरीवाल सरकार कहती थी कि केन्द्र सरकार उनको काम करने नहीं दे रही और विकास के कामों में रोड़ा अटका रही है। लेकिन अब डबल इंजन की सरकार आ गई तो दिल्लीवारियों की उम्मीदों पर पंख लगने लाजिमी हैं। वैसे भी भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में जो वायदे किए थे, उनको कसौटी पर कसने का समय आ गया है।

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अब तक अल्पजीवी रहीं दिल्ली में भाजपा सरकारें

यह विजय न केवल वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में परिवर्तन का संकेत देती है, बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। दिल्ली की राजनीति में भाजपा का संघर्ष लंबे समय से जारी रहा है, और इस जीत को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यद्यपि भाजपा दिल्ली में 1993 से लेकर 1998 तक तीन बार सरकार में रही लेकिन उसकी तीनों सरकारों में से किसी ने भी पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया। अंतिम मुख्यमंत्री सुष्मा स्वराज तो केवल 52 दिन ही सत्ता में रह पाईं। चूंकि अब स्वयं प्रधानमंत्री मोदी समेत भाजपा की सरकारें दीर्घजीवी हो रही हैं। अतः उम्मीद है कि दिल्ली में भी भाजपा का शासन लंबा खिंचेगा और दिल्लीवासियों की आशाओं और अभिलाषाओं पर पानी नहीं फिरेगा।

बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की अपेक्षा

इन चुनावों में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कई वादे किए थे, जो अगर पूरे हुए तो दिल्ली के भविष्य को दिशा देंगे। पार्टी ने घोषणा-पत्र में बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया था। पार्टी ने सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और शहरी सुविधाओं को उन्नत करने की प्रतिबद्धता जताई थी, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके। दिल्ली मेट्रो के विस्तार और नई बस सेवाओं की शुरुआत के साथ-साथ ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के प्रयास किए जाने की घोषणा की गई थी।

भाजपा ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भाजपा ने सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, तेज प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय करने और सामुदायिक सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत करने का वादा कर रखा है। इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए नई योजनाएँ लागू करने की बात कही गई है। अब तक पुलिस के केन्द्र सरकार के अधीन होने के कारण केजरी सरकार स्वयं कानून व्यवस्था का सवाल उठा कर दिल्ली पुलिस को कोसती थी, लेकिन अब वह नौबत नहीं आयेगी। दिल्ली अकेला प्रदेश है जहां कानून व्यवस्था राज्य का विषय न हो कर केन्द्र सरकार का विषय है।

 

दिल्ली को स्वच्छ सांस लेने योग्य हवा की दरकार

दिल्ली विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जा रहा है। वहां की सांस जहरीली हो चुकी है। उम्मीद है कि नई भाजपा सरकार दिल्लीवासियों को स्वच्छ और सांस लेने योग्य हवा का प्रबंध कराएगी। वैसे भी उसने घोषणा-पत्र में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर व्यापक योजना का वायदा कर रखा है। दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, जिसके समाधान के लिए पार्टी ने हरित क्षेत्रों के विकास, वायु गुणवत्ता सुधारने के उपाय और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया है। इसके अलावा, यमुना नदी की सफाई और कचरा प्रबंधन में सुधार के लिए विशेष योजनाएँ शुरू करने की बात कही गई है।

यद्यपि केजरीवाल सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा काम किया था। उसके कार्यकाल के मोहल्ला क्लीनिक काफी चर्चा में रहे। फिर भी दिल्लीवासियों ने सरकार अदली है तो इसका मतलब है कि वे और भी अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं की दरकार रखते हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में भाजपा सरकार ने सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण, नए अस्पतालों की स्थापना और मोहल्ला क्लीनिक जैसी सुविधाओं के विस्तार का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, टेलीमेडिसिन सेवाओं को बढ़ावा देकर दूर-दराज के इलाकों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

केजरीवाल सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि शिक्षा क्षेत्र में सुधार मानी जाती है। अब देखना है कि भाजपा शासन में यह सुविधा किस दिशा में जाती है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की अपेक्षा रखते हुए मतदाता सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने, डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहित करने और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने की उम्मीद कर रहे हैं। भाजपा ने संकल्प पत्र में सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक के उपयोग, शिक्षकों के प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।

दिल्ली के शहरी विकास और आवास योजनाओं पर भी भाजपा ने विशेष ध्यान देने का वायदा किया है। झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने और निम्न आय वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। जल संकट और सीवर प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नई परियोजनाओं की घोषणा की गई है, जिससे स्वच्छ पानी की आपूर्ति और अपशिष्ट जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जा सके।



भाजपा की यह सरकार ‘‘डबल इंजन’’ सरकार का भी हिस्सा होगी, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वय से विकास कार्यों को गति देने की बात कही गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को दिल्ली में तेजी से लागू किया जाएगा, जिससे आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में बड़े सुधार की उम्मीद की जा रही है। दिल्ली के मतदाता नई सरकार से आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की भी अपेक्षा रखते हैं। युवाओं को अधिक रोजगार देने, स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने, और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भाजपा सरकार से ठोस नीतियाँ लागू करने की उम्मीद की जा रही है।

ईमान्दारी की कसौटी पर खरा उतरना होगा

भाजपा के सत्ता में आने के बाद मतदाता एक पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन की अपेक्षा भी कर रहे हैं। सरकार की नीतियों और योजनाओं को सुचारु रूप से लागू करने के लिए जनता से संवाद बढ़ाने और भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

भाजपा सरकार से दिल्ली के लोग एक समग्र विकास मॉडल की अपेक्षा कर रहे हैं, जिसमें अवसंरचना सुधार, प्रदूषण नियंत्रण, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी जाए। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में यह बदलाव भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे वह दिल्ली के राजनीतिक भविष्य को नया स्वरूप दे सकती है। डबल इंजन सरकार की मदद से यह उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली का तेजी से विकास होगा और नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान निकलेगा।
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 

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