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कोरोना से जंग: यूपी में कम्प्यूटर और तकनीक बने नए हथियार, कंट्रोल रूम में टेक्नॉलॉजी बदल रही तस्वीर

Rudra Pratap Dubey रूद्र प्रताप दुबे
Updated Sun, 12 Apr 2020 12:03 PM IST
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coronavirus covid 19 lockdown situation helpline number standard operating procedure for control rooms
कंट्रोल रूम अब तक 42320 प्रधानों से संपर्क कर चुका है - फोटो : Social Media

ऐसे समय जब कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन हुए उत्तर प्रदेश में एक बड़ी आबादी घरों में सिमट गई है। आम जन-जीवन को सुगम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अपने तकनीकी संसाधनों द्वारा लगातार प्रयासरत है। कोरोना महामारी की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं।

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इन कंट्रोल रूम द्वारा कोरोना वायरस से बचाव, रोकथाम एवं नियंत्रण से संबंधित सूचनाओं को जिला स्तर पर प्राप्त कर संकलन, समन्वय और समय से बड़े अधिकारियों को वास्तविक स्थितियों से अवगत कराया जा रहा है।
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इन कंट्रोल रूम के संचालन के लिए सरकार ने नोडल अफसर व कर्मियों की तैनाती की है। सरकार ने जिलों के कंट्रोल रूम के नंबर जारी करके जनता से किसी भी प्रकार की सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क की अपील भी की है।
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एक उदाहरण के रूप में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 में बनाए गए कंट्रोल रूम का एक संवाद आप देख सकतेे हैं।  

'हेलो, प्रधान जी बोल रहे हैं?
हम मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर कोरोना महामारी से बचाव के लिए आपसे सहयोग के लिए बात कर रहे हैं। आपके गांव में क्या कोई विदेश या बाहर से आया है?

अगर आया है तो क्या वह खांसी, बुखार, जुखाम से परेशान है? यदि ऐसा है तो उसका नाम और पता कृपया हमें बताएं। संक्रमण से ग्रस्त व्यक्ति को समझाएं कि वह परिवार व अन्य लोगों से दूरी बनाए। घर में ही रहें, बिल्कुल भी बाहर न निकलें। जब तक जांच न हो जाए, पूरी सावधानी बरतें और सलाह का पालन करें।'

इस कंट्रोल रूम द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम व प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए निर्देशों की फील्ड में की जा रही कार्रवाई का फीडबैक प्राप्त करने व संक्रमण से संदिग्ध लोगों की पहचान व उनके इलाज को लेकर जरूरी सलाह व निर्देश देकर मदद की जा रही है।

सामान्यतया इस कंट्रोल रूम में एक साथ 500 कर्मी काम कर सकते हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग को कायम रखने के लिए अभी एक साथ 250 कर्मी फोन और लैपटॉप के साथ लगातार काम कर रहे हैं। कंट्रोल रूम अब तक 42320 प्रधानों से संपर्क कर चुका है और इस दौरान 26378 शिकायतों को निस्तारित भी किया गया है।

 

लॉकडाउन हुए उत्तर प्रदेश में एक बड़ी आबादी घरों में सिमट गई है...

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आम जन-जीवन को सुगम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है

स्थानीय नगर निकायों में नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के सभासदों को भी संदेश भेजकर संवाद शुरू हो चुका है। सीएम हेल्पलाइन पर प्रधानों द्वारा संक्रमण से प्रभावित परिवारों व मरीजों की ओर से आने वाले फोन पर हो रहे संवाद का विश्लेषण भी किया जा रहा है।

इसके आधार पर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार करवाया जा रहा है जिससे ये जाना जा सकेगा कि प्रदेश भर में देश के विभिन्न हिस्सों से लौटे लोग किस तरह संक्रमित हुए। इससे जांच व इलाज की जरूरत समझने में अधिक आसानी होगी।
 


 

उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिकों की सहायता के लिए...

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उत्तर प्रदेश राहत कंट्रोल रूम अपने नंबर 1070 के साथ काम कर रहा है - फोटो : file photo

जब उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग की विस्तृत भूमि प्रबंधन प्रणाली ‘डिजिटल लैंड’ को केन्द्र सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने एक्सिलेंस इन गवर्नमेंट प्रोसेस रिइंजीनियरिंग फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत कैटेगरी-1 के लिए गोल्ड मेडल दिया था, तब किसी ने सोचा भी ना होगा कि पेपरलेस हो चुका मुख्यमन्त्री कार्यालय और ई-गवर्नेस की ओर तेजी से बढ़ रही उत्तर प्रदेश सरकार अपनी इसी ई-गवर्नेंस की जनसेवा को संकटकाल में जनसुरक्षा का भी माध्यम बना लेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों में भी फंसे अपने नागरिकों की सहायता के लिए हफ्ते के सात दिन और 24 घंटे चालू रहने वाला एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिस पर संपर्क कर के लोग कोरोना वायरस के संकट के बीच मदद प्राप्त कर सकते हैं।

दिल्ली या किसी अन्य राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के लोग 011-26110151, 26110155 और 9313434088 पर फोन करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमितों की निगरानी के लिए टॉल फ्री हेल्पलाइन 18001805145 भी शुरू किया है। यहां दस फोन लाइन हैं, जिन पर दस मेडिकल अफसर लगातार तैनात रहते हैं।

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राहत कंट्रोल रूम अपने नंबर 1070 के साथ काम कर रहा है। 052222375656 के साथ एक व्हाट्सएप्प नंबर 9454441036 भी जारी किया गया है जिस पर लोग मैसेज कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने सिर्फ एक क्लिक द्वारा मदद सीधे लाभार्थियों के खाते में भेज दी...

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सरकार ने जनता को पैनिक नहीं होने दिया

तकनीकी सेवाएं किस तरह लॉकडाउन के दौरान भी उत्तर प्रदेश सरकार को हर जरूरतमंद तक पहुंचा रही हैं। उसकी बानगी देखना हो हमें योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के 86.71 लाख वृद्ध एवं विधवा महिलाओं, दिव्यांगों और अशक्तों को 871 करोड़ रुपये की मदद को देखना होगा। मुख्यमंत्री ने सिर्फ एक क्लिक द्वारा यह मदद सीधे लाभार्थियों के खाते में भेज दी। हालांकि मुख्यमंत्री ने अब तक लॉक डाउन के दौरान प्रधानमंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों, बीजेपी कार्यकर्ताओं, श्रमिकों, डॉक्टरों आदि के साथ 38 बार वीडियो कांफ्रेंसिंग की है।

सरकार ने जिस तरह बड़ी डिलीवरी चैन वाली कंपनी जोमैटो, स्विगी, फ्लिप्कार्ट और अमेजन को लोगों तक अनाज और अन्य जरुरी सामान को पहुंचाने के लिए अपने साथ लिया उसने भी जनता को पैनिक नहीं होने दिया।

डिलीवरी सिस्टम में भी हर दिन के साथ सुधार हो रहा है...

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मुख्यमंत्री खुद लगातार अपने आईपैड द्वारा जिलों के कंट्रोल रूम से जुड़े हुए हैं - फोटो : file photo

कोरोना से निबटते वक्त उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लगातार 'फेक न्यूज' पर भी जीरो टाॅलरेंस की नीति अपना रही है और इस संबंध में जिले के पुलिस एवं प्रशासन को भी निर्देशित करके लगातार प्रभावी कार्यवाईयांं हो रही हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के पास 112 का जियो टैगिंग से युक्त बेहद उन्नत ऑफिस है। मुख्यमंत्री खुद लगातार अपने आईपैड द्वारा जिलों के कंट्रोल रूम से जुड़े हुए हैं। सरकार सोशल मीडिया पर मुस्तैद है।

डिलीवरी सिस्टम में भी हर दिन के साथ सुधार हो रहा है, प्रशासन भी व्हाट्सएप्प नंबरो पर सुनवाई कर रहा है। अब बस जरूरत है कि लोग लॉकडाउन का ईमानदारी से पालन करें क्योंकि कोई ऐसी रात नहीं, जिसकी सुबह नहीं होती।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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