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कोरोना ने ध्वस्त किए सभी अनुमान, बस इतना याद रखें- दूरी है जरूरी

Mon, 27 Apr 2020 09:56 PM IST
Anil Pandey अनिल पांडेय
Updated Mon, 27 Apr 2020 09:56 PM IST
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Coronavirus Case News In Hindi : Corona demolishes all estimates, just remember, distance is important
मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड के नक्शे

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को यह बताया कि उसके एक राज्य हुबेई का वुहान शहर एक बेहद खतरनाक और संक्रमणकारी वायरस से जूझ रहा है। हालांकि जब तक उसने यह जानकारी डब्ल्यूएचओ को दी, तब तक यह संक्रमण, इटली, फ्रांस और ब्रिटेन होते हुए अमेरिका तक पहुंच गया था। फरवरी से इसका असर दुनिया पर दिखना शुरू हो गया है।

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कोरोना को कोविड-19 नाम दिया गया और इससे संक्रमित लोगों और देशों की संख्या गुणित होकर बढ़ने लगी। देखते ही देखते दुनिया के 200 से ज्यादा देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। 27 अप्रैल की शाम साढ़े पांच बजे तक पूरी दुनिया में इस संक्रमण की वजह से मरने वालों की संख्या 196295 का आंकड़ा छू चुकी है। वहीं संक्रमितों की संख्या 2858635 हो चुकी है।
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भारत में जब कोरोना संक्रमण की दस्तक हुई तब तक लोग इसे लेकर उतने गंभीर नहीं थे, जितने आज हैं। ऐसा इसलिए भी था क्योंकि तब तक कई प्रकार की ऐसी जानकारियां भी आ चुकी थीं, जिनको जानने के बाद लोगों को लगा कि हमें इससे क्या होगा। लेकिन जैसे-जैसे इसका दायरा बढ़ा और इसके बारे में ज्यादा जानकारियां आना शुरू हुईं, लोग भी सतर्क होने लगे। सरकार एक्टिव हुई और पहले एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया।
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इसके बाद 14 दिन का लॉकडाउन लगाया, जिसे 19 दिन के लिए बढ़ाया गया है। होली के समय कोरोना का असर हमारे देश पर दिखा था। इस बार रंगों का पर्व फीका दिखा। इंदौर की चर्चित गेर नहीं निकाली गई। भोपाल में रंगपंचमी नहीं हुई। उस समय तक छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात, बिहार और झारखंड में कोरोना के मामले सामने नहीं आए थे।

ऐसा लग रहा था मानो वहां की आबोहवा और लोगों पर इसका असर नहीं होगा। लेकिन इस मुगालते को टूटने में ज्यादा दिन नहीं लगे। आज हालात यह हैं कि मध्यप्रदेश के कुल संक्रमितों में सबसे ज्यादा संख्या इंदौर के कोरोना पीड़ितों की है। वहीं गुजरात का नाम भी पीछे नहीं है। यदि देश की बात की जाए तो 27 अप्रैल तक कुल संक्रमितों में से 80 फीसदी संख्या महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में थी।


अब हालात यह हैं कि कई राज्य तीन मई को खत्म होने वाले लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाना चाहते हैं। वजह साफ है, यह महामारी संक्रमण से फैल रही है। ऐसे में यदि लोग बाहर आना शुरू हो गए तो अब तक की मेहनत खत्म हो सकती है। हमारे देश में स्वास्थ्य सुविधाएं और सेवाएं औसत भी नहीं हैं। ऐसे में यदि महामारी की लहर तेज हुई तो लोगों को बचाना लगभग असंभव हो जाएगा।

इसलिए यह आवश्यक है कि इस संक्रमण को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी न पाली जाए।

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