कोरोना से लड़ता यूरोप: इटली में ऑनलाइन मनाया गया ईस्टर
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इटली में ईस्टर का त्योहार ऑनलाइन मनाया गया और यहांं के चर्च से पोप का संदेश लाइव हुआ। यह पहले कभी किसी में नहीं सोचा होगा कि लोग अपने घरों में बंद रहकर ईस्टर मनाएंंगे और ख़ुशियांं बांंटने के लिए वीडियो चैट का सहारा लेंगे। समय तेज़ी से बदल रहा है। इतिहास के पन्नों में ऐसी घटनाएंं दर्ज हो रही हैं जो अबतक कल्पना मात्र ही थी। इटली में ईस्टर की रौनक़ ख़ास होती है। यहांं ईस्टर काफ़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लोग साल भर इस त्योहार का इंतज़ार करते हैं।
बड़ी तादाद में लोग घरों से बाहर अपने परिवार व दोस्तों के साथ जश्न मनाने के लिए जाते हैं। सड़कों पर निकलने वाली झाकियां, बैंड लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होती है। हफ़्ते दिनों तक चलने वाली पार्टियांं, ख़ास मिठाई और आउटडोर प्लान ईस्टर की विशेष तैयारी का हिस्सा माना जाता है। लेकिन इस साल का ईस्टर दुनिया के लिए अकल्पनीय है। इटली में इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। बेशक लोग अपनी खिड़की, बालकनी से ही डॉक्टरों व तमाम स्वास्थ्य कर्मियों के सम्मान में ताली बजाते रहे। यही उनके ईस्टर का एकमात्र जलसा रहा।
ईस्टर मनाने के लिए इटली के किसी भी चर्च में कोई रौनक़ नहीं थी। शोक में डूबे इटली के लोगों के लिए यह पहला अनुभव है जबकि इस त्योहार के मौक़े पर लोग घर से बाहर नहीं निकले। यहांं ईस्टर का मौक़ा अपनों से बिछड़ने का ग़म अधिक दे रही है।
अप्रैल का महीना इटली के व्यस्तम समय में से एक है। दुनिया भर से भी लोग ईस्टर मनाने या फिर इस समय की रौनक़ देखने यहांं आते हैं। जबकि स्थानीय लोगों के बीच सजावट, पकवान और पार्टी के लिए ख़रीदारी भी चरम पर होती है। लेकिन इस वर्ष मामला बिल्कुल उलट है। लोग घर बैठे ईस्टर मना रहे हैं।कोरोना काल में लोगों से प्यार जताने और शुभकामनाएंं देने का तरीका उनसे नहीं मिलना हो चुका है। यही सबसे सुरक्षित और स्वागतयोग्य तरीक़ा दुनिया भर में माना जा रहा है।
यूरोप में ईस्टर के मौक़े पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार व दोस्तों के साथ पिकनिक पर जाते हैं। ईस्टर की यह परंपरा काफ़ी पुरानी है। लेकिन इटली इस बार जश्न मनाने की हालत में नहीं है। पोप ने टीवी व इंटरनेट के ज़रिए इस त्योहार को मनाया और मौजूदा परिस्थितियों का मुक़ाबला करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। लोग अपने घरों में बैठे प्रार्थना कर रहे थे। ताकि उनके जीवन की आज़ादी पर लगी बंदिशें जल्द से जल्द ख़त्म हो सके।
आपको बता दूंं कि कि कोरोनावायरस संक्रमण से यूरोप में इटली को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंंचा है। यहांं सबसे ज़्यादा लोगों के संक्रमित होने के साथ-साथ मौत का आंंकड़ा भी सर्वाधिक है। यहां अबतक 1 लाख 56 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो चुके हैं। जबकि मरने वालों की संख्या क़रीब बीस हज़ार है।
कोरोना संक्रमित मरीज़ों का इलाज करते करते सबसे ज़्यादा डॉक्टरों की मौत भी इसी देश में हुई है। यहांं कोरोनावायरस से मरने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या 66 पहुंंच चुकी है। सहायता के लिए आगे आए लोग भी कोरोना के गिरफ़्त में पहुंंच रहे हैं। वहीं आस-पड़ोस के लोग इस बात से ज़्यादा घबराए हुए हैं कि कहीं मदद को आगे आए उनके पड़ोसी संक्रमित तो नहीं है।
क्या है ईस्टर मनाने की परंपरा
इटली में ईस्टर, क्रिसमस के बाद दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक त्योहार है। इस अवसर पर ईस्टर एग या चॉकलेट एग सबसे लोकप्रिय उपहार होता है जिसे लोग एक दूसरे को बधाई स्वरूप देते हैं। अंडाकार चॉकलेट या इस आकार के डब्बे में रखे गए उपहार का इंतज़ार छोटे-बड़े सभी को होता है। अंडे को नई शुरूआत का परिचायक मानकर एक दूसरे को उपहार दिया जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।