विशाखापट्टनम वनडे: दस विकेट की हार ने रोहित शर्मा की वनडे कप्तानी पर लगाया ग्रहण !
टी-20 और वनडे में हार्दिक अच्छे कप्तान साबित होंगे, इसमें दो राय नहीं है, लेकिन टेस्ट के लिए टीम इंडिया को निश्चित रूप से किसी अनुभवी खिलाड़ी को कमान सौंपनी चाहिए। फिलहाल रविंद्र जड़ेजा या रविचंद्रन अश्विन ऐसे खिलाड़ी नजर आते हैं, जिनसे दो-तीन साल टेस्ट टीम की कप्तानी कराई जा सकती है।
विस्तार
वैसे तो यह पहली बार नहीं हुआ कि भारतीय क्रिकेट टीम 10 विकेट से वनडे मैच हार गई हो, लेकिन इस हार ने रोहित शर्मा की कप्तानी पर एक सवालिया निशान जरूर लगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ष 2020 में विराट कोहली की कप्तानी में भी भारत 10 विकेट से वनडे हारा था और कुछ समय बाद कोहली की कप्तानी चली गई थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच सीरीज जीतकर हीरो बने रोहित शर्मा का इस हार को लेकर केवल यह कह देना कि हमने अपनी क्षमता के अनुरूप खेल नहीं खेला, काफी नहीं है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज का यह दूसरा लगातार मैच था, जिसमें भारतीय टीम का प्रदर्शन उस स्टैंडर्ड का नहीं रहा, जिसके लिए उसे जाना जाता है। मुंबई में खेले गए पहले वनडे में भी टीम जैसे-तैसे हार को टाल सकी, जहां उसे के.एल. राहुल और रविंद्र जड़ेजा की जोड़ी ने न बचाया होता तो शायद मैच हाथ से निकल ही गया था।
कंगारू गेंदबाज पड़े भारी
विशाखापट्टनम में खेले गए मैच में भारतीय बैटिंग ताश के पत्तों की तरह बिखरती चली गई। रोहित शर्मा 13, इन दिनों के स्टार बैटर शुभमन गिल शून्य, विराट कोहली ने भारतीय पारी में अधिकतम 31 रन बनाए, सूर्यकुमार यादव का बल्ला इन दिनों सोया हुआ है और वो लगातार दूसरी बार शून्य पर आउट हुए। सूर्यकुमार पहली ही गेंद पर आउट होकर पैवेलियन लौट गए। मुंबई में जीत के हीरो के.एल. राहुल ने 9, पिछले मैच के कप्तान हार्दिक पांड्या ने 1, मुंबई की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले रविंद्र जडेजा ने 16, ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने नाबाद 29 रन बनाए।
निचले क्रम के बैटर्स की तो खैर बात करना उचित नहीं होगा। फिर भी कुलदीप यादव 4, मोहम्मद शामी व मोहम्मद सिराज ने शून्य रनों का योगदान दिया। कुल मिलाकर 26 ओवर में टीम इंडिया 117 रन बनाकर पैवेलियन लौट आई।
भारतीय पारी का कमाल यह रहा कि आधी टीम को मिचेल स्टार्क ने आउट किया, जबकि भारतीय बल्लेबाज मिचेल की अच्छी पिटाई भी कर रहे थे। मिचेल ने 8 ओवर में 53 रन दे डाले, यानी भारतीय बल्लेबाज मिचेल पर चांस लेने के चक्कर में आउट हुए, जबकि वे कैमरून ग्रीन, सॉन एबॉट, नाथन एलिस और एडम जांपा को संभाल कर खेलते रहे। जांपा तो दो ओवर ही करा पाए। यहां स्टीव स्मिथ की कप्तानी की तारीफ करनी होगी, जो उन्होंने मिचेल से एक छोर से गेंदबाजी जारी रखी।
रोहित की कप्तानी
अब बात रोहित शर्मा की कप्तानी की, विराट कोहली की जगह कप्तान बने रोहित का टीम में आना-जाना लगातार लगा हुआ है। टी-20 की कप्तानी रोहित से लेकर हार्दिक पांड्या को दी जा चुकी है। वनडे में भी अब लग रहा है कि रोहित लंबी कप्तानी पारी नहीं खेल पाएंगे और यह कप्तानी भी हार्दिक पांड्या के पास चली जाएगी। रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में आने में काफी लंबा समय लगा था।
वनडे में वह वर्ष 2007 में ही पदार्पण कर चुके थे, जबकि पहला टेस्ट मैच उन्होंने वर्ष 2013 में खेला। ऐसे में टेस्ट टीम की कप्तानी भी रोहित के पास कब तक रहेगी, कहना बेहद मुश्किल है। पूरी संभावना है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के बाद भारत को नए टेस्ट कप्तान की जरूरत पड़ जाए।
यह समय की मांग भी है। टी-20 और वनडे में हार्दिक अच्छे कप्तान साबित होंगे, इसमें दो राय नहीं है, लेकिन टेस्ट के लिए टीम इंडिया को निश्चित रूप से किसी अनुभवी खिलाड़ी को कमान सौंपनी चाहिए। फिलहाल रविंद्र जड़ेजा या रविचंद्रन अश्विन ऐसे खिलाड़ी नजर आते हैं, जिनसे दो-तीन साल टेस्ट टीम की कप्तानी कराई जा सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को चाहिए कि वह टेस्ट टीम को टी-20 और वनडे से बिल्कुल अलग रखे।
फिलहाल तो भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज का जो अंतिम मैच 22 मार्च को चेन्नई में खेला जाना है, उस पर टीम इंडिया को अधिक ध्यान देना चाहिए। चेन्नई का मैच फाइनल की तरह हो गया है, यदि पहले दो मैचों से कोई सबक कप्तान रोहित शर्मा ने नहीं लिया तो वनडे सीरीज से हाथ धोना निश्चित है।
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