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दूसरा पहलू: जम्मू-कश्मीर में फिल्मी सितारों का पसंदीदा टैक्सीवाला, अब्दुल हमीद को अभिनेता जितेंद्र ने इमरान...

Tue, 03 Jun 2025 09:20 AM IST
अमिताभ स. Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 03 Jun 2025 09:20 AM IST
सार

डल झील के सामने बने होटल के ड्राइवर अब्दुल हमीद को अपनापन  की शूटिंग के समय जितेंद्र ने नाम दिया था इमरान खान। होटल द्वारा जारी बिल्ले पर उनका नाम इमरान खान लिखा है। उनके फोटो-नाम-नंबर के साथ बाकायदा लिखा है, ‘इंडियन फिल्म स्टार टैक्सी ऑपरेटर’। 

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Abdul Hameed favourite taxi driver of film stars in Jammu and Kashmir actor Jitendra named him as Imran khan
फिल्मी सितारों का पसंदीदा टैक्सीवाला अब्दुल हमीद - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

डल झील के सामने कश्मीर का सबसे शानदार द ललित ग्रैंड पैलेस होटल 1954 में होटल ओबेरॉय पैलेस में तब्दील होने से पहले डॉ. कर्ण सिंह के परिवार का शाही निवास गुलाब भवन था। कश्मीर के बुरे दिनों में डेढ़ दशक वीरान रहने के बाद 2003 में द ललित ग्रैंड पैलेस होटल बनकर, नई शान से दरवाजे खोले। इनहाउस टीवी पर होटल की डॉक्यूमेंट्री से पता चलता है कि होटल का सबसे पुराना ड्राइवर इमरान खान होटल ओबेरॉय पैलेस के दौर से है। 

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आज वह करीब 85 साल के हैं, असली नाम अब्दुल हमीद है। होटल द्वारा जारी बिल्ले पर उनका नाम इमरान खान लिखा है। उनके फोटो-नाम-नंबर के साथ बाकायदा लिखा है, ‘इंडियन फिल्म स्टार टैक्सी ऑपरेटर’। उन्हें इमरान खान नाम दिया अभिनेता जितेंद्र ने। उन दिनों वह जितेंद्र जैसे स्टाइल के सफेद कपड़े व सफेद जूतों में तब के पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान खान की तरह लगते थे। तभी से जितेंद्र ने फिल्म अपनापन  की हीरोइन रीना राय और सुलक्षणा पंडित के सामने कहा कि आज से तुम्हारा नाम इमरान खान है।
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वह बताते हैं, ‘1960 के दशक में शम्मी कपूर जंगली, कश्मीर की कली समेत कई फिल्मों की शूटिंग करने के लिए कश्मीर आते, तो इसी होटल में ठहरते थे। उन दिनों मेरी नई एंबेसडर कार थी और मैं गाड़ी को चकाचक रखता था। होटल के रिसेप्शन के ऐन सामने ही चिनार के दरख्त के नीचे टैक्सी स्टैंड था। उनकी नजर मेरी टैक्सी पर पड़ी, तो बोले, ‘मैं तो इसी गाड़ी में जाऊंगा-आऊंगा।’ उसी दिन से वह सितारों की बिरादरी के प्रिय ड्राइवर बन गए। तब से अब तक उन्होंने शशि कपूर, राज कपूर, राजेंद्र कुमार, देव आनंद, राजेश खन्ना, संजय खान, विनोद खन्ना, सुभाष घई, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, दिलीप कुमार, संजीव कुमार, नूतन, जया प्रदा, श्रीदेवी, सुनील दत्त, संजय दत्त...कितनों को अपनी टैक्सी में घुमाया है। सुनहरे दौर के बारे में वह बताते हैं, ‘1955 से 85 के बीच यह होटल फिल्म यूनिट के लिए आधार कैंप की तरह होता था। 
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एक ही वक्त में अनेक सितारे एकसाथ यहां ठहरते थे। रॉकी, सात खून माफ समेत कई फिल्मों की शूटिंग इस होटल में भी हुई। एक दफा शम्मी कपूर शूटिंग पर आए, तो मैंने उनकी फिल्म जानवर का गीत गाकर सुनाया ‘तुम से अच्छा कौन है, दिलो-ओ-जिगर लो जान लो..’ और कहा कि आपने यह गीत अपनी हीरोइन जयश्री के लिए नहीं, बल्कि मेरे कश्मीर के लिए गाया है। यह सुनकर वह खिलखिलाए और बोले, ‘तूने तो मेरे दिल की बात कह दी यार।’

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