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नफे सिंह राठी के खिलाफ अशोभनीय भाषा बर्दाश्त नहीं : राठी
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-फोटो 85 : चांद राठी, महासचिव, इनेलो कानून प्रकोष्ठ
बहादुरगढ़। इनेलो कानून प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव एडवोकेट चांद राठी ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र जून की ओर से इनेलो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक दिवंगत नफे सिंह राठी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि किसी दिवंगत नेता के खिलाफ व्यक्तिगत एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा दिवंगत नफे सिंह राठी बहादुरगढ़ से दो बार विधायक रहे और बाद में इनेलो की हरियाणा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली थी। उन्होंने कहा कि राजेंद्र जून और दिवंगत नफे सिंह राठी के बीच राजनीतिक मतभेद और चुनावी प्रतिद्वंद्विता रही है, लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का अर्थ यह नहीं कि दिवंगत व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया जाए।
राठी ने कहा अगर राजेंद्र जून को दिवंगत नफे सिंह राठी की राजनीति, नीतियों या कार्यशैली से कोई राजनीतिक आपत्ति थी तो उसका जवाब तथ्यों और तर्कों से देना चाहिए था। दिवंगत नफे सिंह राठी हमारे बीच नहीं हैं, ऐसे में उनके खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करना न केवल राजनीतिक मर्यादा का विषय है, बल्कि उनके परिवार और समर्थकों की भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ की जनता राजनीतिक बहस और व्यक्तिगत अपमान के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है। एडवोकेट चांद राठी ने कहा कि राजेंद्र जून को यदि अपने पूर्वजों से कोई संस्कार मिले हैं तो वे अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें और दिवंगत नेता की गरिमा एवं उनके परिवार की भावनाओं का सम्मान करें।
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उन्होंने कहा दिवंगत नफे सिंह राठी बहादुरगढ़ से दो बार विधायक रहे और बाद में इनेलो की हरियाणा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली थी। उन्होंने कहा कि राजेंद्र जून और दिवंगत नफे सिंह राठी के बीच राजनीतिक मतभेद और चुनावी प्रतिद्वंद्विता रही है, लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का अर्थ यह नहीं कि दिवंगत व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया जाए।
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राठी ने कहा अगर राजेंद्र जून को दिवंगत नफे सिंह राठी की राजनीति, नीतियों या कार्यशैली से कोई राजनीतिक आपत्ति थी तो उसका जवाब तथ्यों और तर्कों से देना चाहिए था। दिवंगत नफे सिंह राठी हमारे बीच नहीं हैं, ऐसे में उनके खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करना न केवल राजनीतिक मर्यादा का विषय है, बल्कि उनके परिवार और समर्थकों की भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ की जनता राजनीतिक बहस और व्यक्तिगत अपमान के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है। एडवोकेट चांद राठी ने कहा कि राजेंद्र जून को यदि अपने पूर्वजों से कोई संस्कार मिले हैं तो वे अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें और दिवंगत नेता की गरिमा एवं उनके परिवार की भावनाओं का सम्मान करें।