Indore: इंफोसिस से मिली जमीन दूसरी आईटी कंपनियों को दी जाएगी,इंफोसिस कंपनी ने खुद जमीन लौटाई
इंदौर के सुपर काॅरिडोर पर पहले टीएसएस कंपनी को 100 एकड़ जमीन दी गई थी। इसके बाद इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति इंदौर आए थे। उन्होंने भी इंदौर में कैम्पस खोलने की इच्छा जताई और सरकार से 130 एकड़ जमीन मांगी थी।
विस्तार
इंदौर मेें एसईझेड के लिए आईटी कंपनी इंफोसिस को दी गई 130 एकड़ मेें से 50 एकड़ जमीन कंपनी ने खुद सरकार को लौटा दी। कंपनी ने कहा कि उन्हें कैम्पस के लिए ज्यादा जमीन की आवश्यकता नहीं है। अब प्रदेश का आईटी विभाग दूसरी कंपनियों को जमीन आंवटित कर सकता है। एलएंडटी कंपनी ने भी इंदौर में निवेश की इच्छा जताई हैै।
आईटी मंत्री अेामप्रकाश सकलेचा ने कहा कि कंपनी ने करीब 80 एकड़ जमीन पर कैम्पस विकसित किया है। कंपनी को दस साल पहले 130 एकड़ जमीन आंवटित की गई थी। कैम्पस का बड़ा हिस्सा कंपनी के लिए अनुपयोगी था, इसलिए कंपनी ने ही जमीन लौटाने के लिए पत्र लिखा था। इस विषय को हमने कैबिनेट बैठक में रखा था। जिसमें कंपनी से 50 एकड़ जमीन वापस लेने का निर्णय हुआ।सकलेचा ने कहा कि दूसरी कंपनियों को वहां जमीन आवंटित करने के बाद आईटी सेक्टर का ईको सिस्टम विकसित हो जाएगा।
टीसीएस से ज्यादा जमीन इंफोसिस को
इंदौर के सुपर काॅरिडोर पर पहले टीएसएस कंपनी को 100 एकड़ जमीन दी गई थी। इसके बाद इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति इंदौर आए थे। उन्होंने भी इंदौर में कैम्पस खोलने की इच्छा जताई और सरकार से 130 एकड़ जमीन मांगी थी। इंदौर विकास प्राधिकरण ने 230 एकड़ जमीन प्रदेश के आईटी विभाग को सौंप दी। दोनों कंपनियों को सरकार ने 20 लाख रुपये प्रति एकड़ के भाव से जमीन आवंटित की है। सरकार ने यह शर्त भी रखी है कि दोनो कंपनियों मेें 50 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के युवकों को देना होगा। प्रदेश के कम कर्मचारियों को नौकरी दिए जाने पर पिछले साल प्रशासन ने एक कंपनी को नोटिस भी दिया था।