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प्रदूषण करने की शिकायत पर टीम ने किया दौरा
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15jjrp20- अमर उजाला में 30 मई को प्रकाशित समाचार।
साल्हावास। झाड़ली स्थित सीमेंट कंपनी द्वारा लगातार फैलाए जा रहे प्रदूषण को लेकर प्रदूषण विभाग की टीम ने कंपनी का निरीक्षण किया। बारिश के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी और टीम को वापस लौटना पड़ा। अब जल्द ही टीम दोबारा निरीक्षण कर सकती है।
गौरतलब है कि 30 मई को संवाद न्यूज एजेंसी ने अमर उजाला में “पहले ही मिल जाती है जांच की जानकारी” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद टीम सोमवार को जांच के लिए पहुंची। शिकायतकर्ता को भी जांच में शामिल किया गया, लेकिन बारिश के कारण निरीक्षण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद टीम ने परिसर का आंशिक निरीक्षण कर वापसी की।
शिकायतकर्ता दिनेश जाखड़ ने रविवार शाम को भी उच्च अधिकारियों को वीडियो भेजकर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार को जांच टीम करीब तीन घंटे तक कंपनी परिसर में मौजूद रही और विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीमेंट कंपनी में कई खामियां पाई गई हैं, जिनमें क्लिंकर का खुले में रखा होना, राख का खुले में होना और फॉगिंग मशीन का बंद पाया जाना शामिल है। हालांकि, जांच टीम ने फिलहाल किसी भी प्रकार की खामी मिलने की पुष्टि नहीं की है।
आमजन को प्रदूषण से परेशानी
सीमेंट प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण के कारण आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। खेतों में काम करने वाले लोगों को आंखें बंद करनी पड़ती हैं और फसलों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कुछ दूरी तक चलना भी मुश्किल हो जाता है।
जांच के बाद फिर फैला प्रदूषण
शिकायतकर्ता दिनेश जाखड़ ने आरोप लगाया कि टीम के करीब साढ़े चार घंटे तक रहने के दौरान बारिश के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी, लेकिन टीम के वापस जाते ही कंपनी द्वारा दोबारा प्रदूषण फैलाया गया, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।
वर्जन
सीमेंट कंपनी द्वारा प्रदूषण करने की शिकायत मिली है। इस पर जांच टीम भेजी गई है। बारिश आने की वजह से जांच पूरी नहीं हो पाई है। जल्द ही टीम फिर से दौरा करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही खामियां पता चल पाएगी।
आशीष, आरओ, प्रदूषण विभाग हरियाणा
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गौरतलब है कि 30 मई को संवाद न्यूज एजेंसी ने अमर उजाला में “पहले ही मिल जाती है जांच की जानकारी” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद टीम सोमवार को जांच के लिए पहुंची। शिकायतकर्ता को भी जांच में शामिल किया गया, लेकिन बारिश के कारण निरीक्षण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद टीम ने परिसर का आंशिक निरीक्षण कर वापसी की।
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शिकायतकर्ता दिनेश जाखड़ ने रविवार शाम को भी उच्च अधिकारियों को वीडियो भेजकर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार को जांच टीम करीब तीन घंटे तक कंपनी परिसर में मौजूद रही और विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीमेंट कंपनी में कई खामियां पाई गई हैं, जिनमें क्लिंकर का खुले में रखा होना, राख का खुले में होना और फॉगिंग मशीन का बंद पाया जाना शामिल है। हालांकि, जांच टीम ने फिलहाल किसी भी प्रकार की खामी मिलने की पुष्टि नहीं की है।
आमजन को प्रदूषण से परेशानी
सीमेंट प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण के कारण आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। खेतों में काम करने वाले लोगों को आंखें बंद करनी पड़ती हैं और फसलों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कुछ दूरी तक चलना भी मुश्किल हो जाता है।
जांच के बाद फिर फैला प्रदूषण
शिकायतकर्ता दिनेश जाखड़ ने आरोप लगाया कि टीम के करीब साढ़े चार घंटे तक रहने के दौरान बारिश के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी, लेकिन टीम के वापस जाते ही कंपनी द्वारा दोबारा प्रदूषण फैलाया गया, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।
वर्जन
सीमेंट कंपनी द्वारा प्रदूषण करने की शिकायत मिली है। इस पर जांच टीम भेजी गई है। बारिश आने की वजह से जांच पूरी नहीं हो पाई है। जल्द ही टीम फिर से दौरा करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही खामियां पता चल पाएगी।
आशीष, आरओ, प्रदूषण विभाग हरियाणा