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खास खबर...फर्जी पोर्टल पकड़ा, सरकारी दस्तावेज हो रहे थे डाउनलोड, युवक गिरफ्तार
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झज्जर। साइबर पुलिस ने सरकारी दस्तावेज डाउनलोड करने में इस्तेमाल होने वाले फर्जी पोर्टल का भंडाफोड़ किया है। करनाल निवासी सनी यह पोर्टल संचालित करता था। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस सनी को पकड़ने करनाल गई थी। आरोपी को जब पकड़ा गया तब वह लैपटॉप पर फर्जी पोर्टल से सरकारी दस्तावेजों के पीडीएफ डाउनलोड कर रहा था।
एसीपी सिटी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पीपीपी फर्जीवाड़े की जांच कर रही टीम को करनाल निवासी सन्नी की संलिप्तता की जानकारी मिली थी। टीम जब करनाल पहुंची तो सनी के लैपटॉप में एक फर्जी पोर्टल चलता मिला। पूछताछ में पता चला इस पोर्टल से सरकारी दस्तावेजों को डाउनलोड किया जाता था।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सरकारी वेबसाइट को हैक कर रखा था। हालांकि, आरोपी किस प्रकार वेबसाइट हैक कर दस्तावेज के प्रिंट निकालते था इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। आरोपी सनी पर करनाल के निसिंग में परिवार पहचान पत्र में धोखाधड़ी का भी केस दर्ज है।
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फर्जी पोर्टल से ये दस्तावेज होते थे डाउनलोड
आरोपी फर्जी वेबसाइट से ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, वोटर कार्ड, पेन कार्ड, आधार, नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, आधार फिंगरप्रिंट, आधार नंबर वेरिफाई, यूआईडी पेन लिंक, चेसिस नंबर से आरसी ढूंढना, राशन कार्ड से आधार ढूंढना, वोटर कार्ड को मोबाइल से लिंक करना, वोटर कार्ड की मूल कॉपी की पीडीएफ निकालना आदि काम करता था।
सरकारी केंद्रों पर 400 रुपये तक ली जाती है फीस
आरोपी महज 100 से 150 रुपये में ही सरकारी दस्तावेजों के पीडीएफ डाउनलोड कर देता था जबकि सरल केंद्र में आवेदन करने के बाद डुप्लीकेट कॉपी निकालने के लिए 300 से 400 रुपये तक फीस देनी पड़ती है। ऐसे आरोपी सनी सरकार को भी चूना लगा रहा था।
पीपीपी फर्जीवाड़े में भी सनी ने किया बदलाव
एसपी सिटी ने बताया है कि आरोपी सनी पीपीपी में छेड़छाड़ कर आईडी में बदलाव के लिए मनीष, योगेश से ओटीपी लेता था। उसने कई बार आरोपी अंकित का लॉगिन भी इस्तेमाल कर लोगों की आईडी में बदलाव किया। सन्नी अपने पोर्टल पर ही लोगों से पीपीपी में बदलाव के आवेदन लेता था। इसके लिए एक फार्म बनाया हुआ था। फार्म में जैसे ही कई आवेदन एकत्रित हो जाते तो सन्नी दूसरे आरोपियों के जरिए उसमें बदलाव करवाता था।
वर्जन-
-पीपीपी में छेड़छाड़ केस में करनाल से आरोपी सन्नी को गिरफ्तार किया गया है। उसके लैपटॉप में एक पोर्टल चलता मिला है। इसके जरिए वह सरकारी दस्तावेज की पीडीएफ डाउनलोड करता था। इसकी भी जांच की जा रही है। -सुरेंद्र सिंह, एसीपी सिटी, झज्जर।