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नौकरी पाने के लिए पांच लाख की सुपारी देकर करा दी पिता की हत्या

Tue, 06 Dec 2016 03:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Tue, 06 Dec 2016 03:21 PM IST
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son was made by five lac to get the job of killing father
हत्यारोपी वरुण उर्फ मोंटी - फोटो : अमर उजाला
रजिस्ट्रार कानूनगो दीनदयाल आर्या की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रविवार को पुलिस ने कुख्यात सतीश गिरी और सुरेंद्र राणा समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर दावा किया था कि कानूनगो की हत्या 10 लाख की रंगदारी न देने पर की गई थी। लेकिन सोमवार को पुलिस ने इस केस में रजिस्ट्रार के इकलौते पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पिता की जगह सरकारी नौकरी पाने की चाहत में बेटे ने शूटर सुरेंद्र को पांच लाख की सुपारी देकर अपने पिता की हत्या करवाई थी। 
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इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी निवासी दीनदयाल आर्या सदर तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो तैनात थे। 22 अक्टूबर की शाम उनकी तहसील गेट पर तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में पुलिस की जांच परिवार के सदस्य पर ही घूम रही थी। क्योंकि दीनदयाल ने अपने परिवार को बता रखा था कि उसकी मौत गोली से होगी। रिटायरमेंट के करीब एक माह पहले ही उनकी हत्या होने से पुलिस का शक और भी बढ़ गया। सोमवार को एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी और सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि दीनदयाल की हत्या उनके इकलौते बेटे वरुण उर्फ मोंटी ने कराई थी। जांच पड़ताल और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर देहली गेट इंस्पेक्टर मिथलेश उपाध्याय ने हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया। 
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दोनों हाथ में होते लड्डू
वरुण ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी अपने पिता दीनदयाल से अनबन रहती थी। पैसों की परेशानी के चलते वह दूसरी तहसील में प्राईवेट नौकरी करता था। ऐसे में उसने सोचा था कि पिता का एक माह बाद रिटायरमेंट है। यदि उनकी हत्या करा दी जाये तो 30 लाख रुपये फंड तो मिलेगा ही, साथ ही खुद को सरकारी नौकरी भी मिल जायेगी। 
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थप्पड़ का बदला हत्या से
एसपी सिटी के सामने हत्यारोपी बेटे वरुण ने बताया कि चार माह पहले उसका पिता से विवाद हो गया था। जिसके बाद पिता ने सुधरने की नसीहत देते हुए वरुण को थप्पड़ मार दिया था। कई बार उसने घर छोड़ने की बात कही, लेकिन वरुण की पत्नी समझाकर शांत करा लेती थी। उसके बाद ही वरुण ने अपने पिता की हत्या की प्लानिंग बनाई। एसपी सिटी के अनुसार वरुण चोरी के मामले में जेल जा चुका है। उसी दौरान जेल गए सुरेंद्र राणा निवासी वैरा फिरोजपुर थाना स्याना, बुलंदशहर से उसकी दोस्ती हो गई थी। 
पकड़ा जाए तो रंगदारी बोलना
पिता की हत्या के लिए वरुण अपने दोस्त और शूटर सुरेंद्र से मिला। सुरेंद्र का दोस्त सतीश गिरी फतेहगढ़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जो चार अक्तूबर को मेरठ सिटी स्टेशन से पेशी से जाते समय कस्टडी से फरार हो गया था। वरुण ने सुरेंद्र को पांच लाख रुपये की सुपारी देने के लिए कहा। साथ ही सुरेंद्र से कहा कि यदि वह पकड़ा जाए तो पुलिस से बताना कि रंगदारी को लेकर हत्या की गई है।
सतीश ने दागी थी सीने में गोली
हत्या करने के लिए कुख्यात सतीश और शूटर सुरेंद्र राणा तहसील पहुंचे थे। जहां सतीश ने दीनदयाल के सीने से सटाकर गोली मारी थी। जिससे दीनदयाल की मौके पर ही मौत हो गई थी।
नोटबंदी में फंसी रकम
रिठानी, परतापुर में कानूनगो की हत्या का सौदा हुआ था। जहां सुरेंद्र, सतीश गिरी और एक अन्य युवक के साथ वरुण की डीलिंग हुई थी। वरुण ने कहा था कि पांच लाख रुपये वह पिता की हत्या के बदले में देगा। लेकिन इस बीच नोटबंदी के चलते वह पैसा नहीं दे पाया। जबकि सुरेंद्र ओर सतीश गिरी के पीछे पुलिस पड़ी थी। 

सतीश ने किया गुमराह
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी के अनुसार रविवार को रंगदारी की बात कहकर सतीश ने गुमराह किया था। वरुण को रविवार देर रात पकड़ा गया तो उसके बाद पूरा राज खुला। 
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