उत्तराखंडः कुलपति के लिए पहुंची ऐसी कुर्सी, कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति की कुर्सी को लेकर चल रहे प्रकरण का मंगलवार को पटाक्षेप हो गया। जिस कुर्सी की मांग कुलपति कर रहे थे, वह कुर्सी मंगलवार को विवि पहुंच गई। पहले इस कुर्सी को महंगा बताते हुए विवि के वित्ताधिकारी डॉ. तंजीम अली ने इसकी खरीद पर आपत्ति लगा दी थी।
संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित की कुर्सी खराब हो गई थी। कुलपति ने दूसरी कुर्सी पर बैठकर काम करना शुरू किया लेकिन असुविधा होने पर कुलपति प्रो. दीक्षित ने गोदरेज कंपनी की कुर्सी की मांग की। कुलपति के लिए मंगाई गई कुर्सी की कीमत करीब 60 हजार रुपये है।
जमीन पर गद्दा लगाकर बैठे थे कुलपति
विवि के वित्ताधिकारी डॉ. तंजीम अली ने महंगी बताते हुए इसकी खरीद पर आपत्ति कर दी थी। जिस पर वित्ताधिकारी और कुलपति आमने-सामने आ गए थे।
इसके बाद कुलपति जमीन पर गद्दा लगाकर काम करने लगे । मामला बढ़ता देख वित्ताधिकारी ने कुर्सी खरीदने की अनुमति दे दी थी। मंगलवार को कुर्सी कुलपति कार्यालय के लिए आ गई। विवि के कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने इसकी पुष्टि की है।
कुर्सी को लेकर उठे विवाद में उत्तराखंड विवि के कुलपति प्रो. दीक्षित ने विवि के रजिस्ट्रार को पत्र देकर कहा कि कुर्सी का पैसा उनके वेतन से काट लिया जाए। जानकारों का कहना है इससे पूर्व भी विवि के कुलपति अपने पैसे से ही एप्पल का फोन और लेपटॉप खरीद चुके हैं। विवि ने कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंध में विचार-विमर्श किया जा रहा है।