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गो की सेवा से प्रभु की विशेष कृपा मिलती है : माधवी शरण
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29jjrp17- श्रद्धालुओं को कथा सुनाते कथा व्यास। स्रोत : आयोजक
- फोटो : 1
झज्जर। गो सेवा और संत सेवा ईश्वरीय कृपा और प्रेरणा से ही संभव होती है। सनातन संस्कृति में गाय को माता और संतों को भगवान का रूप माना गया है।
यह बात टाउन पार्क के निकट धार्मिक कथा उत्सव स्थल पर सूखदा कुंज एवं राधा कृष्ण परिवार महिला मंडल झज्जर एवं गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में संत स्वामी करुणा दास महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित श्री भक्त माल कथा एवं रासलीला कार्यक्रम में कथा व्यास माधवी शरण ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि गौ सेवा ही सच्ची सेवा है। जहां गौ माता का सम्मान होता है, वहां भगवान का निवास होता है। जो संतों का सम्मान करता है और गौ माता की सेवा करता है, उस पर प्रभु की विशेष कृपा होती है।
कथा वाचक राधा शरण ने कहा कि ‘भूखे भजन न होय गोपाला।’ भूखे पेट भगवान के भजन में ध्यान नहीं लगता। जब भूख लगी हो तो भगवान के ध्यान में मन लगाना मुश्किल होता है। भजन करने से भक्ति बढ़ती है और भक्ति से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। भूखे रहकर भक्ति संभव नहीं है, मगर ईश्वर प्राप्ति के लिए महान लोगों को उपवास करना पड़ा। उपवास को तप माना गया है।
मनोज दिवान और बिजेंद्र सोनी ने बताया कि पहली बार हो रही भक्त माल कथा और रासलीला का झज्जर निवासी खूब आनंद ले रहे हैं।
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यह बात टाउन पार्क के निकट धार्मिक कथा उत्सव स्थल पर सूखदा कुंज एवं राधा कृष्ण परिवार महिला मंडल झज्जर एवं गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में संत स्वामी करुणा दास महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित श्री भक्त माल कथा एवं रासलीला कार्यक्रम में कथा व्यास माधवी शरण ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि गौ सेवा ही सच्ची सेवा है। जहां गौ माता का सम्मान होता है, वहां भगवान का निवास होता है। जो संतों का सम्मान करता है और गौ माता की सेवा करता है, उस पर प्रभु की विशेष कृपा होती है।
कथा वाचक राधा शरण ने कहा कि ‘भूखे भजन न होय गोपाला।’ भूखे पेट भगवान के भजन में ध्यान नहीं लगता। जब भूख लगी हो तो भगवान के ध्यान में मन लगाना मुश्किल होता है। भजन करने से भक्ति बढ़ती है और भक्ति से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। भूखे रहकर भक्ति संभव नहीं है, मगर ईश्वर प्राप्ति के लिए महान लोगों को उपवास करना पड़ा। उपवास को तप माना गया है।
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मनोज दिवान और बिजेंद्र सोनी ने बताया कि पहली बार हो रही भक्त माल कथा और रासलीला का झज्जर निवासी खूब आनंद ले रहे हैं।