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गोसेवा करें, लेकिन खीर-पूरी से नहीं बिगाड़ें गोवंश की सेहत
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फोटो-54: बीमार गोवंश का इलाज करते डॉक्टर। स्रोत उपचार केंद्र
बहादुरगढ़। पितृपक्ष में सड़क पर रहने वाले गोवंश को खीर, पूरी और अन्य तली-घी वाली चीजें खिलाने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नया गांव-सोलधा बाईपास स्थित गार्डियन ऑफ एंजेल्स ट्रस्ट के गोवंश एवं जीव उपचार केंद्र में श्राद्ध के दिनों में रोजाना ऐसे 10 से 12 मामले पहुंच रहे हैं। अमावस्या पर इनकी संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
ट्रस्ट के संचालक हरी किशन मंगले ने बताया कि अधिक मात्रा में तली और घी वाली चीजें खाने से गोवंश में अफारा होने की समस्या बढ़ जाती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सड़क पर रहने वाले गोवंश को खीर, पूरी और हलवा खिलाने के बजाय हरा चारा, गुड़, फल व सब्जियां देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि खीर-पूरी खिलानी हो तो बड़ी गोशाला में जाकर खिलाएं, जहां अधिक संख्या में गोवंश होने के कारण भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिल सके। ट्रस्ट में बेसहारा, बीमार और घायल गोवंश समेत अन्य जीवों का निशुल्क उपचार किया जाता है। मंगले ने लोगों से अपील की कि बीमार या घायल गोवंश, बंदर, कुत्ता अथवा अन्य जीव दिखाई देने पर ट्रस्ट को सूचित करें।
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फोटो-54: बीमार गोवंश का इलाज करते डॉक्टर। स्रोत उपचार केंद्र
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ट्रस्ट के संचालक हरी किशन मंगले ने बताया कि अधिक मात्रा में तली और घी वाली चीजें खाने से गोवंश में अफारा होने की समस्या बढ़ जाती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सड़क पर रहने वाले गोवंश को खीर, पूरी और हलवा खिलाने के बजाय हरा चारा, गुड़, फल व सब्जियां देने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि खीर-पूरी खिलानी हो तो बड़ी गोशाला में जाकर खिलाएं, जहां अधिक संख्या में गोवंश होने के कारण भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिल सके। ट्रस्ट में बेसहारा, बीमार और घायल गोवंश समेत अन्य जीवों का निशुल्क उपचार किया जाता है। मंगले ने लोगों से अपील की कि बीमार या घायल गोवंश, बंदर, कुत्ता अथवा अन्य जीव दिखाई देने पर ट्रस्ट को सूचित करें।
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फोटो-54: बीमार गोवंश का इलाज करते डॉक्टर। स्रोत उपचार केंद्र