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तीन चरणों में 6183 ने किया आवेदन, 133.51 में से 44.68 करोड़ की रिकवरी
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फोटो-1
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर।
प्रदेश सरकार की एकमुश्त निपटान योजना के तहत तीन चरणों में चलाए गए अभियान के तहत 44.68 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है, जो 33.46 प्रतिशत है जबकि विभाग को मिले आवेदनों के बाद यह रिकवरी 133.51 करोड़ रुपये की है। इसमें से अब तक तीन चरणों में 44.68 करोड़ रुपये की रिकवरी हो पाई है जबकि 88.83 करोड़ रुपये की रिकवरी बकाया है।
विभागीय अधिकारियों ने पात्र करदाताओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने के साथ लंबित मामलों की पहचान कर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए है। पहले चरण में 1123 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 31.33 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी, जिसमें से 14.37 करोड़ रुपये की वसूली की गई। दूसरे चरण में 3928 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 46.93 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी और 7.08 करोड़ रुपये की वसूली की गई। तीसरे चरण में 1132 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 55.25 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी, जिसमें से 23.23 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
डीईटीसी (जीएसटी) अजय कंसल ने बताया कि कर व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी दिशा में जिला झज्जर में कर विवरणियों और उपलब्ध सूचनाओं की निरंतर निगरानी करते हुए अनुचित अथवा अधिक लिए गए कर लाभ की पहचान कर उसकी वापसी की कार्यवाही की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर।
प्रदेश सरकार की एकमुश्त निपटान योजना के तहत तीन चरणों में चलाए गए अभियान के तहत 44.68 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है, जो 33.46 प्रतिशत है जबकि विभाग को मिले आवेदनों के बाद यह रिकवरी 133.51 करोड़ रुपये की है। इसमें से अब तक तीन चरणों में 44.68 करोड़ रुपये की रिकवरी हो पाई है जबकि 88.83 करोड़ रुपये की रिकवरी बकाया है।
विभागीय अधिकारियों ने पात्र करदाताओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने के साथ लंबित मामलों की पहचान कर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए है। पहले चरण में 1123 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 31.33 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी, जिसमें से 14.37 करोड़ रुपये की वसूली की गई। दूसरे चरण में 3928 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 46.93 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी और 7.08 करोड़ रुपये की वसूली की गई। तीसरे चरण में 1132 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 55.25 करोड़ रुपये की राशि शामिल थी, जिसमें से 23.23 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
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डीईटीसी (जीएसटी) अजय कंसल ने बताया कि कर व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी दिशा में जिला झज्जर में कर विवरणियों और उपलब्ध सूचनाओं की निरंतर निगरानी करते हुए अनुचित अथवा अधिक लिए गए कर लाभ की पहचान कर उसकी वापसी की कार्यवाही की गई।
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