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झज्जर में बारिश का कहर: स्टेडियम, बस अड्डा और रेस्ट हाउस जलमग्न
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09jjrp18- शहर के महर्षि दयानंद स्टेडियम में भरा बारिश का पानी जबकि स्टेडियम में ही बने बास्केट
झज्जर। शहर में शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से पानी निकल गया है। हालांकि, सरकारी संस्थाओं में अभी भी भारी जलभराव है। रविवार को पूरे दिन पंप लगाकर पानी निकालने का काम जारी रहा लेकिन कई स्थानों पर पानी की निकासी में अभी और समय लगेगा।
शहर के महर्षि दयानंद स्टेडियम, पुराना बस अड्डा और सरकारी रेस्ट हाउस में पानी जमा है। तलाव रोड पर निजी जमीन पर भी काफी मात्रा में पानी भरा हुआ है। पुराना बस अड्डा परिसर में लगभग पांच फीट पानी जमा हो गया है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर तक जाने के लिए महिलाओं को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बस अड्डा मैदान नीचा है, जिस कारण पुराना बस अड्डा रोड का सारा पानी अंदर घुस जाता है। परिसर से पानी निकालने के लिए पंप लगाया गया है, जिसे पुराना बर्फखाना रोड के नालों में डाला जा रहा है।
इस स्थान से पानी निकलने में कम से कम दो दिन और लगने का अनुमान है। दादरी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के रेस्ट हाउस में भी बारिश का पानी जमा है। यहां एक से दो फीट पानी एकत्रित हो गया था, जिससे अंदर आवागमन प्रभावित हो रहा है। रेस्ट हाउस में भी पंप लगाया गया है, लेकिन अब तक पानी की निकासी नहीं हो सकी है।
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महर्षि दयानंद स्टेडियम भी बारिश के पानी से पूरी तरह भरा हुआ है। आसपास के मार्गों का पानी स्टेडियम के अंदर घुस जाता है। पानी निकासी के लिए अब तक कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। इससे खिलाड़ियों का अभ्यास पूरी तरह रुक गया है। यहां प्रतिदिन 100 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं। सुबह-शाम घूमने आने वाले सैकड़ों लोग भी अब स्टेडियम नहीं आ पा रहे हैं।
इंसेट
जलघर की सफाई और विभाग का दावा
रेवाड़ी रोड स्थित जलघर की दीवार टूटने के बाद उसे स्टील की चादर से ढका गया है। जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दूसरे दिन भी वहां सफाई का काम जारी रहा। ठेकेदार के कर्मचारी जलघर में उतरकर गंदगी साफ करते दिखे। हालांकि, जन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पानी पूरी तरह साफ करके सप्लाई किया जा रहा है। विभाग स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
इंसेट
जिला प्रशासन की सतर्कता और निर्देश
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन जलनिकासी को लेकर पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन का प्रयास है कि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। संबंधित विभागों को जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को भी कहा गया है। अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश मिले हैं। किसानों की फसलों और खेतों को जलभराव से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए गंभीरता से कार्य करने को कहा गया है।
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शहर के महर्षि दयानंद स्टेडियम, पुराना बस अड्डा और सरकारी रेस्ट हाउस में पानी जमा है। तलाव रोड पर निजी जमीन पर भी काफी मात्रा में पानी भरा हुआ है। पुराना बस अड्डा परिसर में लगभग पांच फीट पानी जमा हो गया है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर तक जाने के लिए महिलाओं को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बस अड्डा मैदान नीचा है, जिस कारण पुराना बस अड्डा रोड का सारा पानी अंदर घुस जाता है। परिसर से पानी निकालने के लिए पंप लगाया गया है, जिसे पुराना बर्फखाना रोड के नालों में डाला जा रहा है।
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इस स्थान से पानी निकलने में कम से कम दो दिन और लगने का अनुमान है। दादरी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के रेस्ट हाउस में भी बारिश का पानी जमा है। यहां एक से दो फीट पानी एकत्रित हो गया था, जिससे अंदर आवागमन प्रभावित हो रहा है। रेस्ट हाउस में भी पंप लगाया गया है, लेकिन अब तक पानी की निकासी नहीं हो सकी है।
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महर्षि दयानंद स्टेडियम भी बारिश के पानी से पूरी तरह भरा हुआ है। आसपास के मार्गों का पानी स्टेडियम के अंदर घुस जाता है। पानी निकासी के लिए अब तक कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। इससे खिलाड़ियों का अभ्यास पूरी तरह रुक गया है। यहां प्रतिदिन 100 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं। सुबह-शाम घूमने आने वाले सैकड़ों लोग भी अब स्टेडियम नहीं आ पा रहे हैं।
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जलघर की सफाई और विभाग का दावा
रेवाड़ी रोड स्थित जलघर की दीवार टूटने के बाद उसे स्टील की चादर से ढका गया है। जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दूसरे दिन भी वहां सफाई का काम जारी रहा। ठेकेदार के कर्मचारी जलघर में उतरकर गंदगी साफ करते दिखे। हालांकि, जन स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पानी पूरी तरह साफ करके सप्लाई किया जा रहा है। विभाग स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
इंसेट
जिला प्रशासन की सतर्कता और निर्देश
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन जलनिकासी को लेकर पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन का प्रयास है कि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। संबंधित विभागों को जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को भी कहा गया है। अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश मिले हैं। किसानों की फसलों और खेतों को जलभराव से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए गंभीरता से कार्य करने को कहा गया है।

09jjrp18- शहर के महर्षि दयानंद स्टेडियम में भरा बारिश का पानी जबकि स्टेडियम में ही बने बास्केट

09jjrp18- शहर के महर्षि दयानंद स्टेडियम में भरा बारिश का पानी जबकि स्टेडियम में ही बने बास्केट