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सरकारी खरीद से इन्कार के बाद 2100 रुपये प्रति क्विंटल में बाजरे की प्राइवेट खरीद शुरू
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07jjrp38- झज्जर। झज्जर मंडी में किसानों का गेट पास काटते ऑपरेटर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। बाजरे की सरकारी खरीद का एक सप्ताह इंतजार करने के बाद खरीद शुरू नहीं होने के चलते बुधवार को झज्जर अनाज मंडी में 2100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य पर प्राइवेट खरीद शुरू की गई। इसके अलावा मातनहेल व बेरी मंडी में भी प्राइवेट खरीद शुरू हुई।
झज्जर अनाज मंडी में मंगलवार को आढ़तियों ने 2100 रुपये प्रति क्विंटल बाजरे की प्राइवेट खरीद किए जाने पर सहमति जताई थी। झज्जर अनाज मंडी के चार अलग-अलग खरीददारों की तरफ से बाजरे की प्राइवेट खरीद की जा रही है। वहीं, किसानों को सरकार की तरफ से 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर दिया जाएगा।
अनाज मंडी के प्रधान विनोद पूनिया ने बताया कि छह दिन में वेयर हाउस खरीद एजेंसी की तरफ से झज्जर मंडी में पहुंचकर गुणवत्ता जांच की गई। इस दौरान गुणवत्ता जांच यंत्र से बाजरे की गुणवत्ता जांची तो सैंपल फेल बताए गए। इस दौरान बाजरे की गुणवत्ता आठ से 17 प्रतिशत तक बताई गई। इसके चलते बाजरे की खरीद करने से इन्कार कर दिया। झज्जर मंडी छोटी होने व धान की आवक तेज होने के चलते बाजरे की प्राइवेट खरीद शुरू की गई है।
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कई आढ़तियों से बुधवार को किसानों का बाजरा 2100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया है। इसमें किसान का 200 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान है। झज्जर अनाज मंडी के देशवाल ट्रेडिंग कंपनी, सिंगला ट्रेडिंग कंपनी, स्वामी नित्यानंद ट्रेडिंग कंपनी व बच्छराज ट्रेडिंग कंपनी की तरफ से बाजरे की प्राइवेट खरीद की जा रही है।
एमएसपी से कम में नहीं खरीदेंगे किसानों का बाजरा : हरेंद्र
बाजरे की खरीद शुरू करवाने और किसानों की मांगों के समाधान को लेकर झज्जर अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हरेंद्र सिलाना का धरना व भूख हड़ताल लगातार जारी है। हरेंद्र सिलाना का कहना है कि जब तक किसानों और आढ़तियों से जुड़ी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका भूख हड़ताल का आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वह 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी से कम में किसानों का बाजरा नहीं खरीदेंगे। अगर सरकार की तरफ से बाजरे की सरकारी रेट पर खरीद नहीं की गई तो वह स्वयं उनके पास आए किसानों के बाजरे को सरकारी मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद करेंगे।
दीवार टूटी, करीब 100 क्विंटल बाजरे का नुकसान
अनाज मंडी झज्जर में पूर्व प्रधान हरेंद्र सिलाना के पास किसानों की तरफ से बाजरे की फसल लाई गई है। इस दौरान दीवार के पास कई क्विंटल बाजरे की फसल डाली गई है। बुधवार को बाजरे की मात्रा अधिक होने के चलते दीवार टूट गई, जिसके चलते करीबन 100 क्विंटल बाजरे का नुकसान होने की आशंका है। हरेंद्र सिलाना ने इस दौरान मार्किट कमेटी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मार्किट कमेटी की तरफ से समय पर दीवारों की मरम्मत का कार्य नहीं कराया जाता है।
अब तक फसल की आवक व खरीद
जिले की अनाज मंडियों में अब तक बाजरे की फसल के लिए 2703 किसानों के गेट पास काटे गए हैं, जिनसे 79196.50 क्विंटल बाजरे की आवक दर्ज की गई। इसके अलावा अब तक छह किसानों से 221.50 क्विंटल पीआर धान की आवक हुई है, जो अभी नहीं खरीदा गया है। वहीं, झज्जर अनाज मंडी में बुधवार को 1509 व 1692 किस्म का 1500 क्विंटल मशीन का धान 3950 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया। इसके अलावा हाथ का धान 4200 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया है।
वर्जन
सरकार की तरफ से बाजरे की खरीद नहीं किए जाने के चलते 2100 रुपये प्रति क्विंटल में बाजरे की प्राइवेट खरीद हुई है। इस दौरान प्राइवेट खरीददारों को बाजरा बेचा गया है। बाजरे की सरकारी खरीद नहीं किए जाने के चलते मजबूरी में प्राइवेट खरीददारों को बेचना पड़ रहा है।
श्रीभगवान, पूर्व प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन झज्जर अनाज मंडी
वर्जन
अनाज मंडी झज्जर में ई-खरीद पोर्टल पर सुचारू रूप से किसानों के गेट पास काटे जा रहे हैं। मौजूदा समय में गेट पास को लेकर किसी प्रकार कोई परेशानी है। बाजरे की फसल ज्यादा होने के चलते दबाव बनने से दीवार टूटी है।
कुलदीप जाखड़, सचिव, मार्किट कमेटी झज्जर
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झज्जर। बाजरे की सरकारी खरीद का एक सप्ताह इंतजार करने के बाद खरीद शुरू नहीं होने के चलते बुधवार को झज्जर अनाज मंडी में 2100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य पर प्राइवेट खरीद शुरू की गई। इसके अलावा मातनहेल व बेरी मंडी में भी प्राइवेट खरीद शुरू हुई।
झज्जर अनाज मंडी में मंगलवार को आढ़तियों ने 2100 रुपये प्रति क्विंटल बाजरे की प्राइवेट खरीद किए जाने पर सहमति जताई थी। झज्जर अनाज मंडी के चार अलग-अलग खरीददारों की तरफ से बाजरे की प्राइवेट खरीद की जा रही है। वहीं, किसानों को सरकार की तरफ से 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर दिया जाएगा।
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अनाज मंडी के प्रधान विनोद पूनिया ने बताया कि छह दिन में वेयर हाउस खरीद एजेंसी की तरफ से झज्जर मंडी में पहुंचकर गुणवत्ता जांच की गई। इस दौरान गुणवत्ता जांच यंत्र से बाजरे की गुणवत्ता जांची तो सैंपल फेल बताए गए। इस दौरान बाजरे की गुणवत्ता आठ से 17 प्रतिशत तक बताई गई। इसके चलते बाजरे की खरीद करने से इन्कार कर दिया। झज्जर मंडी छोटी होने व धान की आवक तेज होने के चलते बाजरे की प्राइवेट खरीद शुरू की गई है।
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कई आढ़तियों से बुधवार को किसानों का बाजरा 2100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया है। इसमें किसान का 200 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान है। झज्जर अनाज मंडी के देशवाल ट्रेडिंग कंपनी, सिंगला ट्रेडिंग कंपनी, स्वामी नित्यानंद ट्रेडिंग कंपनी व बच्छराज ट्रेडिंग कंपनी की तरफ से बाजरे की प्राइवेट खरीद की जा रही है।
एमएसपी से कम में नहीं खरीदेंगे किसानों का बाजरा : हरेंद्र
बाजरे की खरीद शुरू करवाने और किसानों की मांगों के समाधान को लेकर झज्जर अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हरेंद्र सिलाना का धरना व भूख हड़ताल लगातार जारी है। हरेंद्र सिलाना का कहना है कि जब तक किसानों और आढ़तियों से जुड़ी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका भूख हड़ताल का आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वह 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी से कम में किसानों का बाजरा नहीं खरीदेंगे। अगर सरकार की तरफ से बाजरे की सरकारी रेट पर खरीद नहीं की गई तो वह स्वयं उनके पास आए किसानों के बाजरे को सरकारी मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद करेंगे।
दीवार टूटी, करीब 100 क्विंटल बाजरे का नुकसान
अनाज मंडी झज्जर में पूर्व प्रधान हरेंद्र सिलाना के पास किसानों की तरफ से बाजरे की फसल लाई गई है। इस दौरान दीवार के पास कई क्विंटल बाजरे की फसल डाली गई है। बुधवार को बाजरे की मात्रा अधिक होने के चलते दीवार टूट गई, जिसके चलते करीबन 100 क्विंटल बाजरे का नुकसान होने की आशंका है। हरेंद्र सिलाना ने इस दौरान मार्किट कमेटी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मार्किट कमेटी की तरफ से समय पर दीवारों की मरम्मत का कार्य नहीं कराया जाता है।
अब तक फसल की आवक व खरीद
जिले की अनाज मंडियों में अब तक बाजरे की फसल के लिए 2703 किसानों के गेट पास काटे गए हैं, जिनसे 79196.50 क्विंटल बाजरे की आवक दर्ज की गई। इसके अलावा अब तक छह किसानों से 221.50 क्विंटल पीआर धान की आवक हुई है, जो अभी नहीं खरीदा गया है। वहीं, झज्जर अनाज मंडी में बुधवार को 1509 व 1692 किस्म का 1500 क्विंटल मशीन का धान 3950 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया। इसके अलावा हाथ का धान 4200 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया है।
वर्जन
सरकार की तरफ से बाजरे की खरीद नहीं किए जाने के चलते 2100 रुपये प्रति क्विंटल में बाजरे की प्राइवेट खरीद हुई है। इस दौरान प्राइवेट खरीददारों को बाजरा बेचा गया है। बाजरे की सरकारी खरीद नहीं किए जाने के चलते मजबूरी में प्राइवेट खरीददारों को बेचना पड़ रहा है।
श्रीभगवान, पूर्व प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन झज्जर अनाज मंडी
वर्जन
अनाज मंडी झज्जर में ई-खरीद पोर्टल पर सुचारू रूप से किसानों के गेट पास काटे जा रहे हैं। मौजूदा समय में गेट पास को लेकर किसी प्रकार कोई परेशानी है। बाजरे की फसल ज्यादा होने के चलते दबाव बनने से दीवार टूटी है।
कुलदीप जाखड़, सचिव, मार्किट कमेटी झज्जर

07jjrp38- झज्जर। झज्जर मंडी में किसानों का गेट पास काटते ऑपरेटर। संवाद

07jjrp38- झज्जर। झज्जर मंडी में किसानों का गेट पास काटते ऑपरेटर। संवाद