{"_id":"65172df196ee26996b033164","slug":"nick-bakers-fined-rs-30000-for-selling-bad-cakes-na-news-c-87-1-pan1004-4966-2023-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब केक बेचने पर निक बेकर्स पर लगा 30 हजार रुपये हर्जाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब केक बेचने पर निक बेकर्स पर लगा 30 हजार रुपये हर्जाना
विज्ञापन
केक के 3,186 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित शिकायतकर्ता को लौटाने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पीजीआई के वैज्ञानिक को खराब केक बेचने पर जिला उपभोक्ता निवारण आयोग ने सेक्टर-5 स्थित निक बेकर्स पर 30 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। पीजीआई गरीब रोग कल्याण कोष में बीस हजार रुपये और अनुचित व्यापार के लिए दस हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया था कि वह पीजीआई में वैज्ञानिक हैं। 26 जून 2019 को अपने बेटे के जन्मदिन मनाने के लिए निक बेकर्स को केक का ऑर्डर दिया था।
3 जुलाई 2019 को केक लेने के लिए सेक्टर-5 स्थित निक बेकर्स की दुकान पर गई। उसी दिन उनके परिवार के लोग जन्मदिन मनाने के लिए उनके घर पर एकजुट हुए। केक कटिंग सेरेमनी के दौरान शिकायतकर्ता महिला के पति और उसके परिजनों को महसूस हुआ कि केक में कलर मिला है। केक को पकड़ने पर उनके हाथों पर लाल निशान पड़ गए। जब वह बच्चों को केक देने लगे तो केक खाने लायक नहीं था। किसी भी मेहमान ने केक नहीं खाया। उस रात केक में मिले रंग का मिलावट रंग दिखने लगी। उनके बेटे को उल्टी होने लगी और वह दर्द से रोने लगा उनके बेटे को दस्त लग गए। अगले दिन जब वह सुबह डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर ने बताया कि अनहाइजीन फूड खाने के कारण ऐसा हुआ है।
शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई 2019 की रात को निक बेकर्स को ईमेल के जरिए इसकी शिकायत की। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने कई बार ईमेल के जरिए निक बेकर्स को शिकायत की। निक बेकर्स की तरफ से कोई भी सही जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचने पर उपभोक्ता आयोग को शिकायत दी थी। उपभोक्ता आयोग ने केक के 3,186 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित शिकायतकर्ता को लौटाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही मानसिक और आर्थिक नुकसान के लिए दस हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता आयोग ने मुआवजे की राशि 45 दिनों के अंदर शिकायतकर्ता और पीजीआई गरीब रोग कल्याण कोष को देने के आदेश दिए हैं। अदालत के आदेशों की पालना न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 71,72 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पीजीआई के वैज्ञानिक को खराब केक बेचने पर जिला उपभोक्ता निवारण आयोग ने सेक्टर-5 स्थित निक बेकर्स पर 30 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। पीजीआई गरीब रोग कल्याण कोष में बीस हजार रुपये और अनुचित व्यापार के लिए दस हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया था कि वह पीजीआई में वैज्ञानिक हैं। 26 जून 2019 को अपने बेटे के जन्मदिन मनाने के लिए निक बेकर्स को केक का ऑर्डर दिया था।
3 जुलाई 2019 को केक लेने के लिए सेक्टर-5 स्थित निक बेकर्स की दुकान पर गई। उसी दिन उनके परिवार के लोग जन्मदिन मनाने के लिए उनके घर पर एकजुट हुए। केक कटिंग सेरेमनी के दौरान शिकायतकर्ता महिला के पति और उसके परिजनों को महसूस हुआ कि केक में कलर मिला है। केक को पकड़ने पर उनके हाथों पर लाल निशान पड़ गए। जब वह बच्चों को केक देने लगे तो केक खाने लायक नहीं था। किसी भी मेहमान ने केक नहीं खाया। उस रात केक में मिले रंग का मिलावट रंग दिखने लगी। उनके बेटे को उल्टी होने लगी और वह दर्द से रोने लगा उनके बेटे को दस्त लग गए। अगले दिन जब वह सुबह डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर ने बताया कि अनहाइजीन फूड खाने के कारण ऐसा हुआ है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने 3 जुलाई 2019 की रात को निक बेकर्स को ईमेल के जरिए इसकी शिकायत की। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने कई बार ईमेल के जरिए निक बेकर्स को शिकायत की। निक बेकर्स की तरफ से कोई भी सही जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचने पर उपभोक्ता आयोग को शिकायत दी थी। उपभोक्ता आयोग ने केक के 3,186 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित शिकायतकर्ता को लौटाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही मानसिक और आर्थिक नुकसान के लिए दस हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता आयोग ने मुआवजे की राशि 45 दिनों के अंदर शिकायतकर्ता और पीजीआई गरीब रोग कल्याण कोष को देने के आदेश दिए हैं। अदालत के आदेशों की पालना न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 71,72 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।