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बलिया: डीएम कार्यालय पर युवक ने परिवार संग किया आत्मदाह का प्रयास, बताया ये कारण
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
Updated Mon, 24 Sep 2018 07:47 PM IST
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खुफिया विभाग के कर्मचारियों ने आग लगाने से पहले पकड़ लिया
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बलिया जिलाधिकारी कार्यालय के सामने सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक ने परिवार संग आत्मदाह करने की कोशिश की। अपने मकान पर से कब्जा हटवाने का प्रयास कर रहे नगरा थाना क्षेत्र के गौवापार मालीपुर निवासी उमेश गुप्ता ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह की कोशिश की पर वहां मौजूद खुफिया विभाग के लोगों ने उसे पकड़ लिया।
मामले में डीएम ने बेल्थरारोड एसडीएम को सीओ के साथ मौका मुआयना कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। बाद में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। गौवापार मालीपुर निवासी उमेश गुप्ता पुत्र स्व. तुलसी गुप्ता अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर सोमवार को दोपहर 12 बजे परिवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा और डीएम कार्यालय के साथ माचिस निकाल कर खुद को जलाने का प्रयास किया पर तभी वहां मौजूद खुफिया विभाग के लोगों ने उसे पकड़ लिया और माचिस छीन ली।
बाद में डीएम से मुलाकात में पीड़ित ने बताया कि मेरे बडे़े भाई सुरेश गुप्ता कोलकाता में और मैं वाराणसी में रोजगार करता हूं । पहले पिता और चार साल पूर्व माता गुजर जाने के बाद े मकान में ताला बंद था जिस पर पड़ोस के रामभवन यादव ने कब्जा कर लिया।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाने पर भी कोई कार्रवाई न होने से निराश हो कर उसे यह कदम उठाना पड़ा। डीएम ने भवानी सिंह खंगारौत ने बेल्थरारोड एसडीएम को सीओ के साथ तत्काल मौका मुआयना कर आगे की कार्रवाई करने का आदेश दिया। वहीं पुलिस उसे जेल भेज दिया।
मामले में डीएम ने बेल्थरारोड एसडीएम को सीओ के साथ मौका मुआयना कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। बाद में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। गौवापार मालीपुर निवासी उमेश गुप्ता पुत्र स्व. तुलसी गुप्ता अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर सोमवार को दोपहर 12 बजे परिवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा और डीएम कार्यालय के साथ माचिस निकाल कर खुद को जलाने का प्रयास किया पर तभी वहां मौजूद खुफिया विभाग के लोगों ने उसे पकड़ लिया और माचिस छीन ली।
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बाद में डीएम से मुलाकात में पीड़ित ने बताया कि मेरे बडे़े भाई सुरेश गुप्ता कोलकाता में और मैं वाराणसी में रोजगार करता हूं । पहले पिता और चार साल पूर्व माता गुजर जाने के बाद े मकान में ताला बंद था जिस पर पड़ोस के रामभवन यादव ने कब्जा कर लिया।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाने पर भी कोई कार्रवाई न होने से निराश हो कर उसे यह कदम उठाना पड़ा। डीएम ने भवानी सिंह खंगारौत ने बेल्थरारोड एसडीएम को सीओ के साथ तत्काल मौका मुआयना कर आगे की कार्रवाई करने का आदेश दिया। वहीं पुलिस उसे जेल भेज दिया।
पड़ोसी के बंद मकान पर कब्जा कर उठा दिया किराए पर
डीएम को अपनी समस्या सुनाता उमेश गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
बलिया कलेक्ट्रेट में सोमवार को आत्मदाह का प्रयास करने वाले नगरा थाना क्षेत्र के गौवापार मालीपुर निवासी उमेश गुप्ता के बंद पड़े पैतृक मकान को भाड़े पर देकर उसका पड़ोसी चार साल से कमाई कर रहा है। पीड़ित उमेश गुप्ता ने डीएम को बताया कि 1985 में मेरे पिताजी ने चंद्रधन उर्फ चांदधन से गौवापार थाना नगरा में जमीन खरीदी थी। जिस पर मकान बना हुआ है। इसी के बगल में रामभवन यादव ने भी जमीन खरीदा था। मेरे बडे़े भाई सुरेश गुप्ता कोलकाता में रोजगार करते है और मैं वाराणसी में रोजगार करता हूं।
गांव के मकान में माता-पिता रहते थे। मेरे पिता पहले गुजर गए और चार साल पूर्व माता भी गुजर र्गइं, जिनका अंतिम संस्कार उसी मकान पर हम दोनों भाइयों ने किया था। इसके बाद हम दोनों भाई मकान में ताला बंदकर अपने-अपने परिवारों के साथ काम करने चले गए। सात मार्च 2018 को मैं अपने प्लाट व मकान पर आया तो पता चला कि रामभवन यादव ने मकान का ताला तोड़ कब्जा कर लिया है और खाली प्लाट में बाउंड्री तोड़कर रास्ता बना लिया है।
वहीं मेरे मकान में दीपक शर्मा, चंदन वर्मा, राजेश कुमार व धमेंद्र चौहान को किराये पर दे दिया है। जब मैंने पूछताछ किया तो उसने गाली-गलौज कर भगा दिया। पूछताछ में पता चला कि उसने हम लोगों के जाने के बाद ही मकान पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद मैने थाना, तहसील से लेकर डीएम तक न्याय के लिए गुहार लगाया। कहीं से भी न्याय नहीं मिलने पर मजबूर होकर आत्मदाह करने का निर्णय लिया।
गांव के मकान में माता-पिता रहते थे। मेरे पिता पहले गुजर गए और चार साल पूर्व माता भी गुजर र्गइं, जिनका अंतिम संस्कार उसी मकान पर हम दोनों भाइयों ने किया था। इसके बाद हम दोनों भाई मकान में ताला बंदकर अपने-अपने परिवारों के साथ काम करने चले गए। सात मार्च 2018 को मैं अपने प्लाट व मकान पर आया तो पता चला कि रामभवन यादव ने मकान का ताला तोड़ कब्जा कर लिया है और खाली प्लाट में बाउंड्री तोड़कर रास्ता बना लिया है।
वहीं मेरे मकान में दीपक शर्मा, चंदन वर्मा, राजेश कुमार व धमेंद्र चौहान को किराये पर दे दिया है। जब मैंने पूछताछ किया तो उसने गाली-गलौज कर भगा दिया। पूछताछ में पता चला कि उसने हम लोगों के जाने के बाद ही मकान पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद मैने थाना, तहसील से लेकर डीएम तक न्याय के लिए गुहार लगाया। कहीं से भी न्याय नहीं मिलने पर मजबूर होकर आत्मदाह करने का निर्णय लिया।