बिहार में 'शराब' पीने से एक की मौत, छह गंभीर
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बिहार के औरंगाबाद में नशीले पदार्थ के सेवन से एक व्यक्ति की मौत हो गई, प्रशासन का कहना है कि ये ज़हरीली शराब का मामला है या नहीं, जांच के बाद पता चलेगा।
बिहार में पिछले महीने अप्रैल से जबसे शराबबंदी लागू हुई है, कथित रूप से ज़हरीली शराब पीने से कम से कम छह लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
ताज़ा घटना में ओबरा गांव में पंचायत चुनाव के लिए मतदान के बाद एक प्रत्याशी ने 'शराब' बंटवाई थी, जिसे पीने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि छह का इलाज हो रहा है।
प्रशासन का कहना नशीले पदार्थ के ओवरडोज से हुई मौत
ज़िला उपायुक्त कंवल तनुज का कहना है, ‘‘विजय डोम की मौत नशीले पदार्थ के ओवरडोज़ से हुई, सामान्य मात्रा में पीने वाले अन्य छह लोग बीमार पड़ गए।’’ उपायुक्त के मुताबिक़ यह नशीला पदार्थ शराब था कि नहीं, जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
लेकिन जिन मरीज़ों का इलाज चल रहा है, उनके रिश्तेदारों ने एक स्थानीय न्यूज़ चैनल से बातचीत में शराब पीने की बात कही है। बिहार में पिछले महीने शराबबंदी लागू होने के बाद 1300 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। यह गिरफ्तारियां बिहार पुलिस, उत्पाद विभाग और रेल पुलिस की अगल-अलग कार्रवाइयों के दौरान हुई हैं।
इनमें से करीब 1200 लोग अभी जेल में हैं और सरकार चाहती है कि इन मामलों के निपटारे के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए जाएं। उत्पाद और मद्य निषेध विभाग के उपायुक्त सत्येंद्र कुमार सिन्हा कहते हैं, ‘‘हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए क़ानून के तहत दर्ज होने वाले मामलों में अपराध साबित कराया जाए।’’