लालू बोले- 'महागठबंधन चट्टान की तरह मजबूत, टूट जाएंगे तुम्हारे छैनी हथोड़े'
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बिहार में राजद सांसद तसलीमुद्दीन और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल खड़े करने के बाद महागठबंधन पर खतरे की बात को राजद सुप्रीमो लालू ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। लालू ने विरोधियों को करारा जवाब देते हुए कहा आप लोग छह महीने से कोमा में हैं, अपनी सांस संभालिए। महागठबंधन चट्टान की तरह मजबूत है जो भी इस पर छैनी-हथौड़ा चलायेगा उसका छैनी टूट जायेगा।
लालू यहीं नहीं रुके उन्होंने सीधे सीधे एनडीए पर भी निशाना साधा। कहा- एनडीए के लोग भ्रम ना फैलाएं। महागठबंधन अटूट है, लार मत टपकाए। आपको कोई लाभ नहीं होने जा रहा है। आप सब थके और बुरी तरह हारे हुए लोग हैं।
उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा- बिहार के गरीबों, वंचितों, उपेक्षितों ने पूर्णविश्वास के साथ महागठबंधन को जो पूर्ण बहुमत दिया है उस अपच के कारण आप लोगों को उल्टी हो रही है। बिहार चुनावों में भाजपा की हार के जख्म को हरा करते हुए लालू ने कहा आरएसएस बीजेपी ने जंगलराज का दुष्प्रचार व ध्रुवीकरण करने की कोशिश की लेकिन बिहार की न्यायप्रिय जनता ने आप सबों को झाड़ू से बुहार कर बाहर फेंक दिया।
तीन राजद नेताओं ने उठाया थी नीतीश की काबिलियत पर सवाल
बता दें कि बीते शुक्रवार को राजद के तीन नेताओं तस्लीमुद्दीन, प्रभुनाथ सिंह और रघुवंश सिंह ने राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर नीतीश पर हमला बोला था। तस्लीमुद्दीन ने नीतीश पर अक्षमता का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह सही तरीके से राज्य की विधि-व्यवस्था नहीं देख पा रहे हैं। जब वह राज्य ही सही से नहीं चला पा रहे हैं तो देश का नेतृत्व क्या करेंगे। नीतीश को अगर राज्य नहीं देखना है तो मुख्यमंत्री का पद छोड़ दें।
हालांकि जदयू ने इस हमले का करारा जवाब दिया था। राज्य के पूर्व मंत्री और जदयू नेता श्याम रजक ने नीतीश की आलोचना करने वाले तीनों नेताओं को हताशा से भरा शख्स बताया है। जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने राजद से तीनों नेताओं पर कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि बयानबाजी पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अब तक खामोश हैं।
श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार की क्षमता पर सवाल उठाने वाले राजद नेताओं को पहले अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजद का मतलब है लालू प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी। अगर इन तीनों ने सीएम पर कोई टिप्पणी नहीं की है तो अन्य की टिप्पणी का कोई निहितार्थ नहीं है।