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आज का शब्द: सम और प्रेमलता त्रिपाठी की कविता- देह माटी का खिलौना

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- सम, जिसका अर्थ है- समान, तुल्य, बराबर। प्रस्तुत है प्रेमलता त्रिपाठी की कविता- देह माटी का खिलौना 
                                                                 
                            

दीप सम जलते रहें हम
राह सत बढ़ते रहें हम।

मन गहन चिंतन करो क्या,
कर्म अपना कर रहें हम।

एक दिन जाना सभी को
हाथ क्यों मलते रहें हम।

देह माटी का खिलौना,
मेह जल घुलते रहें हम।

सोचना माया जगत में,
क्यों हृदय छलते रहें हम।

वार कर जीवन सदा यह,
प्रेम पथ चुनते रहें हम।

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3 घंटे पहले

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