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बच्चों की हड्डियों पर भारी पड़ रही धूप से दूरी, हो रही विटामिन डी की कमी
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फोटो 106: मरीज की जांच करती आयुर्वेदा डॉ. सुमन देशवाल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। बच्चों का धूप में खेलने से बचना और दूध पीने में आनाकानी करना उनकी हड्डियों की सेहत पर भारी पड़ सकता है। नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे बच्चों में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी सामने आ रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल के अनुसार, बच्चों को रोजाना एक से डेढ़ घंटे तक धूप में खेलने और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
वहीं, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सुमन देशवाल ने कम शारीरिक गतिविधियों को गठिया का दर्द बढ़ने का एक कारण बताया। 12 अक्तूबर को विश्व गठिया दिवस के मद्देनजर विशेषज्ञों ने खानपान और दिनचर्या में सुधार की सलाह दी।
कम उम्र में पैरों में दर्द की शिकायत
नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि 8 से 14 वर्ष तक के कुछ बच्चों में जांच के दौरान कैल्शियम का स्तर 800 मिलीग्राम से कम पाया जा रहा है। ऐसे बच्चे थोड़ी भागदौड़ करने पर मांसपेशियों और पैरों में दर्द, घुटनों के अंदर या बाहर की ओर मुड़ने और रात में पैरों में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि परिजन अक्सर बच्चों को बीमार होने के डर से धूप में खेलने नहीं देते। ऐसे में बच्चों के खानपान, धूप में रहने और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है।
कम चलने-फिरने से बढ़ रही गठिया की परेशानी
नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक डॉ. सुमन देशवाल ने बताया कि शारीरिक गतिविधियां कम होना, लंबे समय तक बैठकर काम करना और खेलकूद से दूरी जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ा सकती है। उनके अनुसार, गठिया के मरीजों में 40 से 45 वर्ष की आयु के लोग भी मिल रहे हैं। दवाओं के साथ योग, नियमित पैदल चलने और दिनचर्या में सुधार से मरीजों को राहत मिल सकती है।
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ये उपाय अपनाएं
रोजाना क्षमता के अनुसार तीन से पांच किलोमीटर पैदल चलें।
लगातार एक घंटे बैठने के बाद कुछ देर टहलें।
नियमित शारीरिक गतिविधि करें और सुरक्षित तरीके से धूप लें।
दूध नहीं पीने वाले बच्चे दही, पनीर जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ ले सकते हैं।
बच्चों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करें और संतुलित आहार दें।
फास्ट फूड का सेवन सीमित करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
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बहादुरगढ़। बच्चों का धूप में खेलने से बचना और दूध पीने में आनाकानी करना उनकी हड्डियों की सेहत पर भारी पड़ सकता है। नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे बच्चों में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी सामने आ रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल के अनुसार, बच्चों को रोजाना एक से डेढ़ घंटे तक धूप में खेलने और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
वहीं, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सुमन देशवाल ने कम शारीरिक गतिविधियों को गठिया का दर्द बढ़ने का एक कारण बताया। 12 अक्तूबर को विश्व गठिया दिवस के मद्देनजर विशेषज्ञों ने खानपान और दिनचर्या में सुधार की सलाह दी।
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कम उम्र में पैरों में दर्द की शिकायत
नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि 8 से 14 वर्ष तक के कुछ बच्चों में जांच के दौरान कैल्शियम का स्तर 800 मिलीग्राम से कम पाया जा रहा है। ऐसे बच्चे थोड़ी भागदौड़ करने पर मांसपेशियों और पैरों में दर्द, घुटनों के अंदर या बाहर की ओर मुड़ने और रात में पैरों में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि परिजन अक्सर बच्चों को बीमार होने के डर से धूप में खेलने नहीं देते। ऐसे में बच्चों के खानपान, धूप में रहने और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है।
कम चलने-फिरने से बढ़ रही गठिया की परेशानी
नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक डॉ. सुमन देशवाल ने बताया कि शारीरिक गतिविधियां कम होना, लंबे समय तक बैठकर काम करना और खेलकूद से दूरी जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ा सकती है। उनके अनुसार, गठिया के मरीजों में 40 से 45 वर्ष की आयु के लोग भी मिल रहे हैं। दवाओं के साथ योग, नियमित पैदल चलने और दिनचर्या में सुधार से मरीजों को राहत मिल सकती है।
ये उपाय अपनाएं
रोजाना क्षमता के अनुसार तीन से पांच किलोमीटर पैदल चलें।
लगातार एक घंटे बैठने के बाद कुछ देर टहलें।
नियमित शारीरिक गतिविधि करें और सुरक्षित तरीके से धूप लें।
दूध नहीं पीने वाले बच्चे दही, पनीर जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ ले सकते हैं।
बच्चों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करें और संतुलित आहार दें।
फास्ट फूड का सेवन सीमित करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।