{"_id":"6aa077db8e5f37676800d298","slug":"kmp-becomes-expressway-of-death-7-accidents-14-deaths-in-bahadurgarh-area-in-two-years-jhajjar-news-c-200-1-bgh1002-126975-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"केएमपी बना मौत का एक्सप्रेसवे : दो साल में बहादुरगढ़ क्षेत्र में 7 हादसे, 14 की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केएमपी बना मौत का एक्सप्रेसवे : दो साल में बहादुरगढ़ क्षेत्र में 7 हादसे, 14 की मौत
विज्ञापन
-फोटो 81 : बहादुरगढ़ क्षेत्र से गुजर रहा केएमपी एक्सप्रेस-वे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे बहादुरगढ़ क्षेत्र में लगातार हादसों का केंद्र बन गया है। पिछले दो वर्षों में यहां 7 बड़े हादसों में 14 लोगों की मौत हुई और 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसे अब मौत का हाईवे कहा जाने लगा है।
मंगलवार की सुबह भी केएमपी पर एक बड़ा हादसा हुआ। एक कैंटर ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक सभी उत्तर प्रदेश के संभल जिले के निवासी बताए गए हैं। केएमपी को तेज और सुरक्षित यात्रा के लिए बनाया गया था। लेकिन बहादुरगढ़ क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसे इसकी सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। कई हादसों में लोगों की मौके पर ही मौत हुई। घायलों को उपचार के लिए बहादुरगढ़ और रोहतक भेजना पड़ा।
तेज रफ्तार वाहनों का चलना हादसों की एक बड़ी वजह है। अचानक लेन बदलना और वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी न रखना भी कारण हैं। रात के समय कम दृश्यता भी कई दुर्घटनाओं का कारण बनती है। कोहरा और बेलगाम रफ्तार भी कई बार जानलेवा साबित हुई है। पिछले दो साल में वाहन टकराने, पलटने और खड़े वाहनों से भिड़ने की घटनाएं सामने आई हैं।
विज्ञापन
वाहन चालकों ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। संदीप कुमार, विकास शर्मा और प्रवीण जैसे चालकों ने यह बात कही। उन्होंने नियमित निगरानी और रफ्तार नियंत्रण को आवश्यक बताया है। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। केएमपी पर वाहनों की अत्यधिक रफ्तार के कारण संभलने का मौका कम मिलता है।
इंसेट
दो वर्षों में केएमपी पर हुए हादसों पर एक नजर
-15 अक्टूबर 2024 मांडोठी के पास खड़ी श्रद्धालुओं की बस में केमिकल टैंकर की टक्कर से एक व्यक्ति की 1 मौत, 6 गंभीर घायल
-20 मई 2025 केएमपी पर एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर में एक व्यक्ति की मौत
-19/20 अगस्त 2025 निलोठी/बादली के पास कैंटर ने मजदूरों से भरी पिकअप को टक्कर मारी 4-5 मौतें, 33 घायल
-17 जनवरी 2026 बहादुरगढ़ क्षेत्र, केएमपी पर घने कोहरे में कई स्थानों पर 14 वाहन टकराए, 17 घायल
-24 मई 2026 केएमपी बहादुरगढ़ क्षेत्र बोलेरो पिकअप और कैंटर की टक्कर से घायल चालक की मौत
-17 जुलाई 2026 सिलोठी के पास पैदल व्यक्ति को बचाने के प्रयास में तीन कैंटर भिड़े 3 मौतें, 1 घायल
-8 सितंबर 2026 मांडोठी के पास श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को कैंटर ने मारी टक्कर, 2 मौतें, 24 से अधिक घायल
इंसेट
जनवरी और सितंबर में बड़े हादसे
जनवरी में घने कोहरे के कारण बहादुरगढ़ क्षेत्र में केएमपी पर अलग-अलग स्थानों पर 14 वाहन भिड़े और 17 लोग घायल हो गए थे। जुलाई 2026 में सिलोठी के पास तीन लोगों की मौत हुई और 8 सितंबर को मांडोठी के पास दो श्रद्धालुओं की मौत और 24 से अधिक लोगों के घायल हो गए।
वर्जन
वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाता है। फिर भी लोग वाहनों को सड़क पर बेतरतीब खड़ा कर देते हैं। सड़क पर लाइटों की भी व्यवस्था नहीं है। रात में अंधेरा छा जाता है। इस संबंध में संबंधित विभाग को भी पत्र लिखा गया है। -पवन कुमार, एसएचओ ट्रैफिक केएमपी, बहादुरगढ़।
विज्ञापन
बहादुरगढ़। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे बहादुरगढ़ क्षेत्र में लगातार हादसों का केंद्र बन गया है। पिछले दो वर्षों में यहां 7 बड़े हादसों में 14 लोगों की मौत हुई और 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसे अब मौत का हाईवे कहा जाने लगा है।
मंगलवार की सुबह भी केएमपी पर एक बड़ा हादसा हुआ। एक कैंटर ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक सभी उत्तर प्रदेश के संभल जिले के निवासी बताए गए हैं। केएमपी को तेज और सुरक्षित यात्रा के लिए बनाया गया था। लेकिन बहादुरगढ़ क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसे इसकी सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। कई हादसों में लोगों की मौके पर ही मौत हुई। घायलों को उपचार के लिए बहादुरगढ़ और रोहतक भेजना पड़ा।
विज्ञापन
तेज रफ्तार वाहनों का चलना हादसों की एक बड़ी वजह है। अचानक लेन बदलना और वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी न रखना भी कारण हैं। रात के समय कम दृश्यता भी कई दुर्घटनाओं का कारण बनती है। कोहरा और बेलगाम रफ्तार भी कई बार जानलेवा साबित हुई है। पिछले दो साल में वाहन टकराने, पलटने और खड़े वाहनों से भिड़ने की घटनाएं सामने आई हैं।
विज्ञापन
वाहन चालकों ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। संदीप कुमार, विकास शर्मा और प्रवीण जैसे चालकों ने यह बात कही। उन्होंने नियमित निगरानी और रफ्तार नियंत्रण को आवश्यक बताया है। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। केएमपी पर वाहनों की अत्यधिक रफ्तार के कारण संभलने का मौका कम मिलता है।
इंसेट
दो वर्षों में केएमपी पर हुए हादसों पर एक नजर
-15 अक्टूबर 2024 मांडोठी के पास खड़ी श्रद्धालुओं की बस में केमिकल टैंकर की टक्कर से एक व्यक्ति की 1 मौत, 6 गंभीर घायल
-20 मई 2025 केएमपी पर एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर में एक व्यक्ति की मौत
-19/20 अगस्त 2025 निलोठी/बादली के पास कैंटर ने मजदूरों से भरी पिकअप को टक्कर मारी 4-5 मौतें, 33 घायल
-17 जनवरी 2026 बहादुरगढ़ क्षेत्र, केएमपी पर घने कोहरे में कई स्थानों पर 14 वाहन टकराए, 17 घायल
-24 मई 2026 केएमपी बहादुरगढ़ क्षेत्र बोलेरो पिकअप और कैंटर की टक्कर से घायल चालक की मौत
-17 जुलाई 2026 सिलोठी के पास पैदल व्यक्ति को बचाने के प्रयास में तीन कैंटर भिड़े 3 मौतें, 1 घायल
-8 सितंबर 2026 मांडोठी के पास श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को कैंटर ने मारी टक्कर, 2 मौतें, 24 से अधिक घायल
इंसेट
जनवरी और सितंबर में बड़े हादसे
जनवरी में घने कोहरे के कारण बहादुरगढ़ क्षेत्र में केएमपी पर अलग-अलग स्थानों पर 14 वाहन भिड़े और 17 लोग घायल हो गए थे। जुलाई 2026 में सिलोठी के पास तीन लोगों की मौत हुई और 8 सितंबर को मांडोठी के पास दो श्रद्धालुओं की मौत और 24 से अधिक लोगों के घायल हो गए।
वर्जन
वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाता है। फिर भी लोग वाहनों को सड़क पर बेतरतीब खड़ा कर देते हैं। सड़क पर लाइटों की भी व्यवस्था नहीं है। रात में अंधेरा छा जाता है। इस संबंध में संबंधित विभाग को भी पत्र लिखा गया है। -पवन कुमार, एसएचओ ट्रैफिक केएमपी, बहादुरगढ़।