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Rajnandgaon: आइसक्रीम के नाम पर 'जहर', 5000 चोकोबार और 3000 ऑरेंज कैंडी जब्त कर की नष्ट; फैक्टरी पर छापा
Fri, 27 Mar 2026 08:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव
अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 08:28 PM IST
सार
खाद्य विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस की आइसक्रीम फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी से 5000 पैकेट चोकोबार आइसक्रीम, आइसक्रीम कोन और कस्टर्ड पाउडर का सैंपल जब्त किया गया।
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आइसक्रीम फैक्टरी पर छापा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खैरागढ़ जिले में कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कई खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के साथ ही नष्टीकरण की कार्रवाई भी की। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है।
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जिले में पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर, आइस और आइस कैंडी के विनिर्माताओं पर भी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में साल्हेवारा स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारा गया। यह कार्रवाई नवगठित जिला खैरागढ़ छुईखदान गंडई में की गई। टीम ने साल्हेवारा स्थित नर्मदा आइस फैक्ट्री में दबिश दी। यह फैक्ट्री बिना खाद्य अनुमति के संचालित हो रही थी।
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कार्रवाई के दौरान परिसर से राजश्री क्रीम मैजिक व्हाइट कस्टर्ड पाउडर का विधिक नमूना लिया गया। इसके साथ ही लगभग पांच हजार पैकेट चोकोबार आइसक्रीम भी जब्त की गई। इन आइसक्रीम पैकेटों पर बैच नंबर, पैकेजिंग तिथि और एक्सपायरी तिथि नहीं थी। पंद्रह पैकेट पैकेजिंग सामग्री और एक बॉक्स आइसक्रीम कोन को तीन फ्रीजर के साथ सीज किया गया।
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अतिरिक्त परिसर में मौजूद लगभग तीन हजार ऑरेंज कैंडी को मौके पर ही नष्ट कराया गया। सीज और नष्ट की गई खाद्य सामग्रियों की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा यह पूरी कार्रवाई की गई है।
विभाग ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। बिना अनुमति और बिना मानक जानकारी वाले उत्पादों पर रोक लगाना आवश्यक है। ऐसी फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लोग गर्मी में दूषित खाद्य पदार्थों से बीमार न पड़ें।