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गंगोत्री के इन इलाकों पर रहेगी अब 'ISRO' की नजर, जानिए किस डर की वजह से किया था सीएम ने अनुरोध

Wed, 20 Dec 2017 03:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 20 Dec 2017 03:44 PM IST
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 ISRO will keep eyes on Gangotri highlands
trivendra singh rawat

गंगोत्री में भोजवासा से गोमुख के बीच न तो कोई भूस्खलन हुआ और न ही कोई झील बनी है। तो फिर आखिर किस डर की वजह त्रिवेंद्र सरकार ने इसरो से गंगोत्री के ऊंचाई वाले इलाके में निगाह रखने और उपग्रह तस्वीरें भेजने का आग्रह किया।  पढ़िए पूरी खबर... ‌

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एहतियात के तौर पर हैदराबाद स्थित इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरसी) को गंगोत्री के ऊंचाई वाले इलाके में निगाह रखने और उपग्रह तस्वीरें भेजने का आग्रह किया है। वहीं, गंगोत्री में झील न होने के संबंध में प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय में दाखिल की जाने वाली रिपोर्ट भी तैयार कर ली है।
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सरकार ने जमीनी व हवाई सर्वेक्षण और उपग्रह तस्वीरों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट बुधवार को न्यायालय में पेश की जा सकती है। पिछले हफ्ते भूस्खलन से गंगोत्री के ऊंचाई वाले इलाके में झील बनने की चर्चाएं खूब गर्म रही थीं। इस मामले में हुई एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार से ब्यौरा मांगा है। सरकार की ओर से जवाब तैयार कर लिया गया है।
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आधिकारिक सूत्रों की मानें तो गंगोत्री के जिस इलाके में भूस्खलन से नदी का प्रवाह रुकने से झील बन जाने की आशंका जताई गई थी, वह निर्मूल है। शासन ने यह राय जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के स्तर पर कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर बनाई गई है।

भागीरथी नदी में झील नहीं, हवाई सर्वेक्षण में भी हालात सामान्य

 ISRO will keep eyes on Gangotri highlands
bhagirathi river - फोटो : file photo
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने सचिव आपदा प्रबंधन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें कहा गया है कि उक्त क्षेत्र में गंगोत्री से गोमुख तक किसी भी प्रकार का भूस्खलन नहीं हो रहा है तथा भागीरथी नदी में झील नहीं बनी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भागीरथी चिह्नित क्षेत्र से ही बह रही है। इस संबंध में विभाग को फोटोग्राफ और वीडियो भी भेजी गई।

हवाई सर्वेक्षण में भी हालात सामान्य
शासन स्तर से हवाई सर्वेक्षण के लिए भेजे गए विशेष दल की रिपोर्ट में भी गंगोत्री से गोमुख वाले क्षेत्र में हालात सामान्य पाए गए। तीन सदस्यीय दल ने हालांकि अपनी रिपोर्ट में कहा कि खराब मौसम और तेज हवाएं होने की वजह से हेलीकाप्टर 500 फीट से नीचे नहीं आ सका, लेकिन सर्वे में जो देखा गया, उसके मुताबिक, भागीरथी नदी पर कोई झील नहीं थी। नदी का प्रवाह भी सामान्य था। टीम ने मार्च या अप्रैल में बर्फ पिघलने के बाद हालातों का जायजा लेने की सिफारिश की है।

गंगोत्री से लौटी टीम की रिपोर्ट के मुताबिक, नदी का प्रवाह सामान्य है। झील बनने की भी सूचना नहीं है। सरकार सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर अदालत में अपना पक्ष रखेगी। एनआरसी को लिखा गया है कि वे गंगोत्री क्षेत्र की सेटेलाइट पिक्चर शेयर करें। केंद्रीय जल आयोग से भी नदी के प्रवाह पर निगाह रखने का आग्रह किया गया है। - अमित सिंह नेगी, सचिव, आपदा प्रबंधन
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