{"_id":"6ad145792eed2d30c405f3e7","slug":"in-a-cheque-bounce-case-the-guilty-party-has-been-sentenced-to-six-months-in-prison-and-fined-rs-450-lakh-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-141308-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाउंस मामले में दोषी को छह माह की सजा, 4.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेक बाउंस मामले में दोषी को छह माह की सजा, 4.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया
विज्ञापन
झज्जर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आदित्य वर्मा की अदालत ने चेक बाउंस मामले में सोनू को छह महीने के साधारण कारावास और 4.50 लाख रुपये मुआवजे की सजा सुनाई है। मुआवजा तीन महीने के भीतर अदा करना होगा। ऐसा नहीं करने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार, श्रीराम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ने सोनू को वाणिज्यिक वाहन या उपकरण के लिए चार लाख रुपये का ऋण दिया था। किस्तों का भुगतान नहीं करने पर सोनू ने दो मार्च 2022 को चार लाख रुपये का चेक जारी किया, जो अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया। कंपनी ने कानूनी नोटिस भेजने के बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज कराई।
अदालत ने पाया कि चेक पर सोनू के हस्ताक्षर विवादित नहीं थे। वह वैधानिक धारणा को खंडित करने के लिए कोई ठोस बचाव भी पेश नहीं कर सका। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत में चले अभियोग के अनुसार, श्रीराम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ने सोनू को वाणिज्यिक वाहन या उपकरण के लिए चार लाख रुपये का ऋण दिया था। किस्तों का भुगतान नहीं करने पर सोनू ने दो मार्च 2022 को चार लाख रुपये का चेक जारी किया, जो अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया। कंपनी ने कानूनी नोटिस भेजने के बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन
अदालत ने पाया कि चेक पर सोनू के हस्ताक्षर विवादित नहीं थे। वह वैधानिक धारणा को खंडित करने के लिए कोई ठोस बचाव भी पेश नहीं कर सका। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया।
विज्ञापन