रोहतक। हॉस्पिटेलिटी और पर्यटन क्षेत्र में कौशल, उद्यमिता और रोजगारपरक शिक्षा को नई दिशा देते हुए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के होटल एवं पर्यटन प्रबंधन संस्थान (आईएचटीएम) ने बीते वर्षों में एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। यह संस्थान विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रत्यक्ष अनुभव देकर आत्मनिर्भर बना रहा है।
आईएचटीएम के निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान ने समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक नई पहल आरंभ की हैं।
दक्षिण एशिया का पहला खाद्य वाहन संचालन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, उद्योग से जुड़ी अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री योजनाएं और भारतीय पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम इनमें प्रमुख हैं, जिन्हें भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान, पूसा एवं पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।