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Hindi News ›   City & states ›   Farmers distressed over lack of paddy and pearl millet procurement in mandis: Jaikaran Mandauthi

मंडियों में धान-बाजरे की खरीद नहीं होने से किसान परेशान : जयकरण मांडौठी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 02:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बहादुरगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा ने हरियाणा की मंडियों में धान और बाजरे की खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मोर्चे की नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य जयकरण मांडौठी ने कहा कि फसलों की आवक का पहले से अंदाजा होने के बावजूद खरीद के पर्याप्त प्रबंध नहीं किए गए। मंडियों में खुले में पड़ी फसल पर बारिश से नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
मांडौठी ने आरोप लगाया कि एक अक्तूबर से खरीद शुरू होने के बावजूद बाजरे की खरीद में देरी हो रही है। धान की खरीद भी प्रभावित है। उन्होंने मंडियों में बारिश से खराब हुई फसल की भरपाई और खेतों में खड़ी फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी कराने की मांग की। उन्होंने प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
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खरीद में प्रति एकड़ सीमा, जिलावार शर्तों और पोर्टल संबंधी प्रक्रियाओं के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने धान का 2461 रुपये और बाजरे का 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी सुनिश्चित करने, खरीद संबंधी शर्तें हटाने और सुचारु खरीद व्यवस्था लागू करने की मांग की। मांडौठी ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर बुधवार को होने वाले विरोध प्रदर्शन में भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
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