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छत्तीसगढ़: खराब रास्ता और अंधेरी रात... जब देवदूत बनकर पहुंचे CRPF जवान, तीन माह की बच्ची की बचाई जान
Sat, 04 Apr 2026 09:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 09:15 AM IST
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जवानों ने पहुचाया अस्पताल
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर स्थित नक्सल प्रभावित तिमिनार गांव में सीआरपीएफ जवानों ने तीन माह की बीमार बच्ची की जान बचाई।
देर रात सूचना मिलने पर सीआरपीएफ की 165 बटालियन की चार्ली कंपनी के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों और खराब रास्तों की परवाह किए बिना, तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सहायक कमांडेंट राजेश गुर्जर के नेतृत्व में जवानों ने घने अंधेरे और मुश्किल रास्तों को पार करते हुए गांव तक पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित निकाला।
गांव पहुंचने के बाद सीआरपीएफ जवानों ने बच्ची को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया और तुरंत दंतेवाड़ा अस्पताल के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। समय पर की गई इस त्वरित कार्रवाई से तीन माह की बच्ची की जान बचाई जा सकी।
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देर रात सूचना मिलने पर सीआरपीएफ की 165 बटालियन की चार्ली कंपनी के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों और खराब रास्तों की परवाह किए बिना, तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सहायक कमांडेंट राजेश गुर्जर के नेतृत्व में जवानों ने घने अंधेरे और मुश्किल रास्तों को पार करते हुए गांव तक पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित निकाला।
गांव पहुंचने के बाद सीआरपीएफ जवानों ने बच्ची को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया और तुरंत दंतेवाड़ा अस्पताल के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। समय पर की गई इस त्वरित कार्रवाई से तीन माह की बच्ची की जान बचाई जा सकी।
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