भारत में अब गायों के आएंगे 'अच्छे दिन', डेनमार्क की तरह दी जाएगी ये सुविधा
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अब गायों के भी अच्छे दिन आने वाले हैं। डेनमार्क की तर्ज पर ही अब भारत में भी गाय गंदे फर्श पर नहीं बल्कि मखमली बिस्तर पर आराम करेंगी।
उत्तराखंड के दुग्ध विकास एवं सहकारिता राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत की मानें, तो गायों के अच्छे दिन आने वाले हैं। गायें अब गंदे फर्श के बजाय गद्दों में सोएंगी।
धन सिंह का कहना है कि पूरे विश्व में सबसे अधिक दूध का उत्पादन डेनमार्क में होता है। वहां गायों के लेटने के लिए गद्दों की व्यवस्था है। ऐसी ही व्यवस्था उत्तराखंड में भी की जाएगी।
दुग्ध विकास राज्य मंत्री दुग्ध विकास विभाग पौड़ी की ओर से चलाए गए उपभोक्ता जागरूकता सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
गढ़वाल विवि के सीनेट हॉल में संपन्न कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया गया है, लेकिन इसके अनुरूप उसका पालन-पोषण नहीं हो रहा है।
यदि गाय के रहने और चारे की उचित व्यवस्था होगी, तो दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा, लिहाजा डेनमार्क की तर्ज पर उत्तराखंड में गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मां के दूध के बाद आंचल का दूध सबसे शुद्ध है। दूध में बड़ी मात्रा में मिलावट की जा रही है। बाजार में बिक रहे दूध के 10 हजार सैंपल लिए गए, जिसमें अधिकांश ब्रांड के दूध में 60 फीसदी पानी और 40 फीसदी यूरिया मिला हुआ पाया गया।
उन्होंने कहा कि दूध की शुद्धता जांच करने का अधिकार स्वास्थ्य विभाग को है। यदि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग और दुग्ध विकास के सहयोग से चले, तो मिलावटी दूध पर रोक लगाई जा सकती है।
दुग्ध विकास राज्य मंत्री ने कहा कि विपणन की व्यवस्था सुधारी जा रही है। यदि कोई दुग्ध उत्पादक बाजार में दूध बेचने नहीं पहुंच पा रहा है, तो विभाग के कर्मचारी स्वयं गांव तक जाएंगे।
आंचल दूध के एजेंटों को विभाग की ओर से फ्री में रेफ्रिजरेटर दिए जाएंगे। 1900 समितियों को मुफ्त में दूध के केन दिए जाने की भी योजना है।
उन्होंने कहा कि 10 जुलाई से नेहरू युवा केंद्र एवं एनएसएस के स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण देकर इनके माध्यम से आंचल दूध की ब्रांडिंग कराई जाएगी। इस अवसर विधायक पौड़ी मुकेश कोहली, दुग्ध संघ के अध्यक्ष हरेंद्र नेगी आदि ने भी विचार रखे।