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जिले के 150 गांव होंगे ओडीएफ
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:28 PM IST
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शौच मुक्त
- फोटो : demo pic
जिले के करीब 150 गांव खुले में शौच मुक्त हो गए हैं। जिला प्रशासन ने प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखकर इन गांवों का सर्वे कराने के लिए अनुरोध किया है। प्रदेश सरकार की ओर से आने वाली टीम सर्वे कर इन गांवों को ओडीएफ घोषित करेगी। जिले में कुल 308 गांवों में से 45 गांव पहले ही ओडीएफ हैं। अब 150 नए गांव जुड़ने के बाद यह संख्या 195 हो जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से पिछले माह 20 जुलाई से अभियान शुरू किया गया था, जिसमें 65 अधिकारियों की जिले के अलग अलग 263 गांवों में ड्यूटी लगाई गई थी। हर गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने का संकल्प लेेकर नोडल ऑफिसर लगातार गांवों में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस काम में गांव के सरपंच, पंच, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, शिक्षकों के अलावा सामाजिक संगठन तथा युवा क्लब भी सहयोग कर रहे हैं। स्कूली बच्चे रैली निकालकर लोगों को खुले में शौच जाने से होने वाले नुकसानों का पाठ पढ़ा रहे हैं।
इसके लिए ग्राम स्तर पर बैठकें भी आयोजित की गईं। प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखा गया है, जिसमें जिले के करीब 150 गांव को खुले में शौच मुक्त होने का दावा किया गया है। अब प्रदेश सरकार की ओर से एक टीम हिसार जिले में आएगी, जिसमें दूसरे जिले के अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम हर गांव का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। टीम जिस गांव को ओडीएफ करार देगी वह ओडीएफ लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।
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हर गांव में निगरानी टीम
प्रशासन की ओर से हर गांव में एक निगरानी टीम का गठन किया गया है, जिसमें गांव के ही युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों को शामिल किया गया है। यह निगरानी टीम सुबह व शाम 4 से 7 बजे तक खुले में शौच वाले स्थानों पर निगरानी करती है। खुले में शौच करने आने वालों को जागरूक करती है।
पूरे जिले को ओडीएफ करने का लक्ष्य
प्रशासन की ओर से एक नवंबर तक पूरे जिले को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले के कुल 308 गांवों में से 45 पहले ही ओडीएफ हो चुके हैं। करीब 263 गांवों में अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 150 अगले माह तक ओडीएफ हो जाएंगे। बाकी 113 गांवों को नवंबर तक ओडीएफ बनाने की तैयारी है।
व्हाटस ग्रुप पर 4600 फोटो
जिला प्रशासन की ओर से इस अभियान के लिए एसबीएम ओडीएफ व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें सभी नोडल ऑफिसर शामिल किए गए हैं। इस ग्रुप में करीब 200 से अधिक अधिकारी है। ग्रुप में डीसी निखिल गजराज व एडीसी विजय कुमार खुद निगरानी करते हैं। बेहतर काम करने वालों को कमेंट भी दिए जाते हैं। इस ग्रुप में पिछले करीब एक महीने में नोडल ऑफिसर्स ने 4600 से अधिक फोटो अपलोड किए।
मुनादी, रैली, पंफ्लेट के जरिए संदेश
जिले के गांवों में खुले में शौच मुक्त के लिए गांवों में मुनादी कराई जा रही है। स्कूली बच्चे जागरूकता रैली निकाल रहे हैं। कुछ गांवों में पंफ्लेट, पोस्टर के जरिए संदेश दिया गया। आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स महिलाओं को मीटिंग के जरिए संदेश दे रही हैं। पंचायत की मीटिंग के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। युवाओं को जागरूक करने के लिए व्हाटस एप ग्रुप का उपयोग हो रहा है।
करीब 150 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। हमने प्रदेश सरकार को चिट्ठी भेजी है। सरकार की ओर से एक टीम आएगी। यह टीम जिले के इन गांवों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। उम्मीद है जल्द ही जिले के यह गांव ओडीएफ लिस्ट में शामिल हो जाएंगे।
- विजय कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त, हिसार
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जिला प्रशासन की ओर से पिछले माह 20 जुलाई से अभियान शुरू किया गया था, जिसमें 65 अधिकारियों की जिले के अलग अलग 263 गांवों में ड्यूटी लगाई गई थी। हर गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने का संकल्प लेेकर नोडल ऑफिसर लगातार गांवों में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस काम में गांव के सरपंच, पंच, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, शिक्षकों के अलावा सामाजिक संगठन तथा युवा क्लब भी सहयोग कर रहे हैं। स्कूली बच्चे रैली निकालकर लोगों को खुले में शौच जाने से होने वाले नुकसानों का पाठ पढ़ा रहे हैं।
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इसके लिए ग्राम स्तर पर बैठकें भी आयोजित की गईं। प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखा गया है, जिसमें जिले के करीब 150 गांव को खुले में शौच मुक्त होने का दावा किया गया है। अब प्रदेश सरकार की ओर से एक टीम हिसार जिले में आएगी, जिसमें दूसरे जिले के अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम हर गांव का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। टीम जिस गांव को ओडीएफ करार देगी वह ओडीएफ लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।
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हर गांव में निगरानी टीम
प्रशासन की ओर से हर गांव में एक निगरानी टीम का गठन किया गया है, जिसमें गांव के ही युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों को शामिल किया गया है। यह निगरानी टीम सुबह व शाम 4 से 7 बजे तक खुले में शौच वाले स्थानों पर निगरानी करती है। खुले में शौच करने आने वालों को जागरूक करती है।
पूरे जिले को ओडीएफ करने का लक्ष्य
प्रशासन की ओर से एक नवंबर तक पूरे जिले को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले के कुल 308 गांवों में से 45 पहले ही ओडीएफ हो चुके हैं। करीब 263 गांवों में अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 150 अगले माह तक ओडीएफ हो जाएंगे। बाकी 113 गांवों को नवंबर तक ओडीएफ बनाने की तैयारी है।
व्हाटस ग्रुप पर 4600 फोटो
जिला प्रशासन की ओर से इस अभियान के लिए एसबीएम ओडीएफ व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें सभी नोडल ऑफिसर शामिल किए गए हैं। इस ग्रुप में करीब 200 से अधिक अधिकारी है। ग्रुप में डीसी निखिल गजराज व एडीसी विजय कुमार खुद निगरानी करते हैं। बेहतर काम करने वालों को कमेंट भी दिए जाते हैं। इस ग्रुप में पिछले करीब एक महीने में नोडल ऑफिसर्स ने 4600 से अधिक फोटो अपलोड किए।
मुनादी, रैली, पंफ्लेट के जरिए संदेश
जिले के गांवों में खुले में शौच मुक्त के लिए गांवों में मुनादी कराई जा रही है। स्कूली बच्चे जागरूकता रैली निकाल रहे हैं। कुछ गांवों में पंफ्लेट, पोस्टर के जरिए संदेश दिया गया। आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स महिलाओं को मीटिंग के जरिए संदेश दे रही हैं। पंचायत की मीटिंग के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। युवाओं को जागरूक करने के लिए व्हाटस एप ग्रुप का उपयोग हो रहा है।
करीब 150 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। हमने प्रदेश सरकार को चिट्ठी भेजी है। सरकार की ओर से एक टीम आएगी। यह टीम जिले के इन गांवों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। उम्मीद है जल्द ही जिले के यह गांव ओडीएफ लिस्ट में शामिल हो जाएंगे।
- विजय कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त, हिसार