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अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के पहले दिन प्रश्न पत्रों की कमी से अव्यवस्था
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25jjrp21- स्कूल में परीक्षा देते विद्यार्थी। स्रोत : विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। जिले के सरकारी स्कूलों में शुक्रवार से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गईं। परीक्षा के पहले ही दिन कई स्कूलों में प्रश्न पत्रों की कमी के चलते अव्यवस्था देखने को मिली। कुछ स्कूलों में प्रश्न पत्र कम संख्या में पहुंचे, जबकि कई जगह प्रश्न पत्र पहुंचे ही नहीं। इसके चलते स्कूलों को कलस्टर स्तर से प्रश्न पत्र मंगवाने पड़े।
शिक्षकों के अनुसार, प्रश्न पत्र एक दिन पहले स्कूलों तक पहुंच जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई स्कूलों में प्रश्न पत्र कम होने के कारण फोटोस्टेट करवाकर परीक्षा करानी पड़ी। इससे परीक्षा शुरू करने में भी कुछ समय की देरी हुई। प्रश्न पत्रों को लेकर शिक्षक दिनभर भागदौड़ करते नजर आए।
बताया गया कि कलस्टर स्तर पर कुछ स्कूलों के प्रश्न पत्र दूसरे स्कूलों में पहुंच गए। ऐसे में संबंधित स्कूलों को दूसरे विद्यालयों से प्रश्न पत्र मंगवाने पड़े। इससे परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।
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शुक्रवार को तीसरी कक्षा की अंग्रेजी, चौथी की ईवीएस, पांचवीं की अंग्रेजी, छठी की सामाजिक विज्ञान, सातवीं की हिंदी, आठवीं की विज्ञान, नौवीं की सामाजिक विज्ञान और दसवीं की विज्ञान की परीक्षा हुई। 11वीं और 12वीं की विभिन्न विषयों की परीक्षाएं भी आयोजित की गईं। जिले में तीसरी से बारहवीं कक्षा तक करीब 47 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
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झज्जर। जिले के सरकारी स्कूलों में शुक्रवार से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गईं। परीक्षा के पहले ही दिन कई स्कूलों में प्रश्न पत्रों की कमी के चलते अव्यवस्था देखने को मिली। कुछ स्कूलों में प्रश्न पत्र कम संख्या में पहुंचे, जबकि कई जगह प्रश्न पत्र पहुंचे ही नहीं। इसके चलते स्कूलों को कलस्टर स्तर से प्रश्न पत्र मंगवाने पड़े।
शिक्षकों के अनुसार, प्रश्न पत्र एक दिन पहले स्कूलों तक पहुंच जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई स्कूलों में प्रश्न पत्र कम होने के कारण फोटोस्टेट करवाकर परीक्षा करानी पड़ी। इससे परीक्षा शुरू करने में भी कुछ समय की देरी हुई। प्रश्न पत्रों को लेकर शिक्षक दिनभर भागदौड़ करते नजर आए।
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बताया गया कि कलस्टर स्तर पर कुछ स्कूलों के प्रश्न पत्र दूसरे स्कूलों में पहुंच गए। ऐसे में संबंधित स्कूलों को दूसरे विद्यालयों से प्रश्न पत्र मंगवाने पड़े। इससे परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।
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शुक्रवार को तीसरी कक्षा की अंग्रेजी, चौथी की ईवीएस, पांचवीं की अंग्रेजी, छठी की सामाजिक विज्ञान, सातवीं की हिंदी, आठवीं की विज्ञान, नौवीं की सामाजिक विज्ञान और दसवीं की विज्ञान की परीक्षा हुई। 11वीं और 12वीं की विभिन्न विषयों की परीक्षाएं भी आयोजित की गईं। जिले में तीसरी से बारहवीं कक्षा तक करीब 47 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।