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पैर पसार रहा लंपी, नारनौल में 117 मामले सक्रिय, दो गोवंश की हो चुकी मौत
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फोटो 03 सड़क किनारे झुंड में खड़े बेसहारा गोवंश। संवाद
नारनौल। जिले में लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण से अब तक 221 पशु प्रभावित हो चुके हैं, जिनमें से 102 उपचार के बाद स्वस्थ हुए हैं, जबकि 117 मामले अभी भी सक्रिय हैं। संक्रमण के कारण दो गोवंश की मौत भी हो चुकी है। बीमारी अब घरों में पाले जा रहे पालतू पशुओं के साथ गोशालाओं तक पहुंच चुकी है। जिले में सबसे अधिक मामले नारनौल में पाए गए हैं जबकि कनीना में इनकी संख्या सबसे कम रही।
संक्रमण रोकने के लिए पशुपालन विभाग बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चला रहा है। जिले में कुल 70 हजार गायों के मुकाबले अब तक 60 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। गोशालाओं में वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है। इसके चलते वहां संक्रमण पर काफी हद तक अंकुश लगा है। गोशालाओं में संक्रमित मिली छह गोवंश को अलग वार्ड में रखा गया है।
बॉक्स:
ब्लॉक मामले (सक्रिय)
नारनौल 43
महेंद्रगढ़ 37
कनीना 24
वर्जन:
विभाग की टीमें सक्रिय मामलों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि शरीर पर गांठें, बुखार, कमजोरी और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुओं को आइसोलेट रखने, परिसर की साफ-सफाई करने और समय पर टीकाकरण कराने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
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डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, नारनौल।
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संक्रमण रोकने के लिए पशुपालन विभाग बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चला रहा है। जिले में कुल 70 हजार गायों के मुकाबले अब तक 60 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। गोशालाओं में वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है। इसके चलते वहां संक्रमण पर काफी हद तक अंकुश लगा है। गोशालाओं में संक्रमित मिली छह गोवंश को अलग वार्ड में रखा गया है।
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ब्लॉक मामले (सक्रिय)
नारनौल 43
महेंद्रगढ़ 37
कनीना 24
वर्जन:
विभाग की टीमें सक्रिय मामलों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि शरीर पर गांठें, बुखार, कमजोरी और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुओं को आइसोलेट रखने, परिसर की साफ-सफाई करने और समय पर टीकाकरण कराने से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
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डॉ. नसीब सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, नारनौल।