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फर्रुखाबाद संसद में ज्वलंत मुद्दे उठे
फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:09 PM IST
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फर्रुखाबाद संसद में हंगामा करते पक्ष व विपक्ष के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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21 वें फर्रुखाबाद महोत्सव के तहत शनिवार को आयोजित फर्रुखाबाद संसद में छुट्टा मवेशियों का मुद्दा उठाया गया। सदन में सत्तापक्ष पर विपक्ष हावी रहा। इस दौरान सदन में गलत बयानबाजी करने पर प्रधानमंत्री को माफी भी मांगनी पड़ी। सभापति को आठ सूत्री प्रस्ताव प्रस्तावक डॉ. नीतू सिंह तोमर ने सौंपा।
नेहरू युवा केंद्र फर्रुखाबाद के तत्वावधान में फर्रुखाबाद संसद का आयोजन हुआ। पक्ष में प्रधानमंत्री बने वैभव शुक्ल ने कहा कि वह 23 घंटे काम करते हैं, महज दो घंटे सोते हैं। इस पर विपक्ष ने हूटिंग करना शुरू कर दी। बाद में प्रधानमंत्री ने सदन में माफी भी मांगी। विपक्ष के राजगौरव पांडेय ने कहा कि शहर में आवारा पशुओं को पकड़ने में लापरवाही बरती जा रही है।
नगर विकास मंत्री की भूमिका निभा रहे संजय गर्ग ने कहा कि यह लोगों की गलती है, जो गायों को दुहने के बाद छुट्टा छोड़ देते हैं। इस दौरान सदन में कुत्ता घुस आने पर माहौल गर्म होते बचा। बाद में सभापति की भूमिका निभा रहे अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने दोनों पक्षों को शांत किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन में रहते हुए सदन की गरिमा बनाए रखें। कई मुद्दों में विपक्ष पूरी तरह से सत्ता पक्ष पर हावी रहा। नोटबंदी, खेलकूद और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी छाया रहा।
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इस दौरान गृहमंत्री की भूमिका पवन कटियार, रक्षामंत्री की अवनीश सिंह, कृषि मंत्री की रजत मिश्र, रेल मंत्री की सुधांशु कटियार, रक्षा मंत्री की अवनीश सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आकाश सिंह ने निभाई। विपक्ष में आम आदमी पार्टी के राजगौरव पांडेय, कांग्रेस के राकेश सगर, वोटर्स पार्टी के नरेश गांधी और भोजराज वर्मा आदि मौजूद रहे।
निर्भीक होकर करें पत्रकारिता
महोत्सव में शनिवार को साहित्य पत्रकारिता व इतिहास संगोष्ठी का आयोजन किया गया। योगेंद्र यादव ने कहा कि साहित्यकारों का समाज में अलग महत्व होता है। सुनील कटियार ने कहा कि साहित्य जीवन यथार्थ से जुड़ा होना चाहिए। सतीशचंद्र गंगवार ने कहा कि साहित्यकार को विभाजित नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ पत्रकार उपकार मणि उपकार ने कहा कि आजादी के बाद पत्रकारिता का चरित्र बदल गया है। अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण राजपूत ने पत्रकारों और साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. श्रीकृष्ण गुप्त, देवकीनंदन गंगवार, डॉ. राजकुमार सिंह और ओमप्रकाश शुक्ल आदि मौजूद रहे। संचालन दीपिका त्रिपाठी ने किया। इससे पहले लखनऊ से आई हरिओम पपेट एंड मिरेकिल ग्रुप के कलाकारों ने कठपुतली नाटक प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
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नेहरू युवा केंद्र फर्रुखाबाद के तत्वावधान में फर्रुखाबाद संसद का आयोजन हुआ। पक्ष में प्रधानमंत्री बने वैभव शुक्ल ने कहा कि वह 23 घंटे काम करते हैं, महज दो घंटे सोते हैं। इस पर विपक्ष ने हूटिंग करना शुरू कर दी। बाद में प्रधानमंत्री ने सदन में माफी भी मांगी। विपक्ष के राजगौरव पांडेय ने कहा कि शहर में आवारा पशुओं को पकड़ने में लापरवाही बरती जा रही है।
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नगर विकास मंत्री की भूमिका निभा रहे संजय गर्ग ने कहा कि यह लोगों की गलती है, जो गायों को दुहने के बाद छुट्टा छोड़ देते हैं। इस दौरान सदन में कुत्ता घुस आने पर माहौल गर्म होते बचा। बाद में सभापति की भूमिका निभा रहे अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने दोनों पक्षों को शांत किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन में रहते हुए सदन की गरिमा बनाए रखें। कई मुद्दों में विपक्ष पूरी तरह से सत्ता पक्ष पर हावी रहा। नोटबंदी, खेलकूद और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी छाया रहा।
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इस दौरान गृहमंत्री की भूमिका पवन कटियार, रक्षामंत्री की अवनीश सिंह, कृषि मंत्री की रजत मिश्र, रेल मंत्री की सुधांशु कटियार, रक्षा मंत्री की अवनीश सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आकाश सिंह ने निभाई। विपक्ष में आम आदमी पार्टी के राजगौरव पांडेय, कांग्रेस के राकेश सगर, वोटर्स पार्टी के नरेश गांधी और भोजराज वर्मा आदि मौजूद रहे।
निर्भीक होकर करें पत्रकारिता
महोत्सव में शनिवार को साहित्य पत्रकारिता व इतिहास संगोष्ठी का आयोजन किया गया। योगेंद्र यादव ने कहा कि साहित्यकारों का समाज में अलग महत्व होता है। सुनील कटियार ने कहा कि साहित्य जीवन यथार्थ से जुड़ा होना चाहिए। सतीशचंद्र गंगवार ने कहा कि साहित्यकार को विभाजित नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ पत्रकार उपकार मणि उपकार ने कहा कि आजादी के बाद पत्रकारिता का चरित्र बदल गया है। अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण राजपूत ने पत्रकारों और साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. श्रीकृष्ण गुप्त, देवकीनंदन गंगवार, डॉ. राजकुमार सिंह और ओमप्रकाश शुक्ल आदि मौजूद रहे। संचालन दीपिका त्रिपाठी ने किया। इससे पहले लखनऊ से आई हरिओम पपेट एंड मिरेकिल ग्रुप के कलाकारों ने कठपुतली नाटक प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।