फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bijapur News ›   Bitten by a krait and struck by cerebral malaria—yet she survived.

छत्तीसगढ़: सोते समय करैत ने डसा, कोमा में गया 6 साल का मासूम; डॉक्टरों ने 3 दिन में बचाई जान

Thu, 27 Aug 2026 08:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 27 Aug 2026 08:58 PM IST
सार

बीजापुर में रहने वाले एक छह वर्षीय बच्चे को सोने के दौरान करैत साँप ने डस लिया। परिजनों को जब इस बात की जानकारी लगी तो उन्होंने बच्चे को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहाँ बच्चे की खराब स्थिति को देखते हुए मेकाज रेफर किया गया।

विज्ञापन
Bitten by a krait and struck by cerebral malaria—yet she survived.
मेकाज में डॉक्टरों की मेहनत से मिली नई जिंदगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीजापुर में एक दर्दनाक हादसे के बाद छह साल के मासूम को डॉक्टरों की मेहनत और समय पर मिले इलाज से नई जिंदगी मिली। बच्चा रात में सो रहा था, इसी दौरान जहरीले करैत सांप ने उसे डस लिया। सांप के जहर का असर इतना गंभीर था कि बच्चा कोमा में चला गया और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
विज्ञापन


परिजन आनन-फानन में बच्चे को जिला अस्पताल बीजापुर लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय (मेकाज), डिमरापाल रेफर कर दिया। 22 अगस्त की शाम जब बच्चा मेकाज पहुंचा, तब वह ठीक से सांस तक नहीं ले पा रहा था।
विज्ञापन


जांच में पता चला कि बच्चे को न्यूरोटॉक्सिक करैत सांप ने डसा था। जहरीले जहर के कारण वह कोमा में था। इसके साथ ही उसे ब्रेन मलेरिया, निमोनिया, फेफड़ों में गंभीर संक्रमण और खून की अत्यधिक कमी जैसी कई गंभीर परेशानियां भी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेकाज पहुंचते ही शिशु रोग विभाग की PICU टीम ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया। बच्चे को तत्काल वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने लगातार तीन दिनों तक उसकी हालत पर नजर बनाए रखी। इलाज के दौरान उसे दो बार रक्त चढ़ाया गया और शॉक व मलेरिया की स्थिति में भी उपचार जारी रखा गया।


लगातार उपचार का असर आखिरकार दिखाई दिया। जिस मासूम की हालत अस्पताल पहुंचने के समय बेहद नाजुक थी, वह अब खतरे से पूरी तरह बाहर है। मेकाज अधीक्षक डॉ. अनुरूप कुमार साहू के नेतृत्व में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय की टीम की दिन-रात की मेहनत से बच्चे की जान बचाई जा सकी। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed