{"_id":"5abdbac94f1c1bce618b4648","slug":"bihar-after-samastipur-and-aurangabad-tension-increase-in-nawada-also","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार के नवादा पहुंची हिंसा की आग, कई दुकानें फूंकी, पुलिस ने की हवाई फायरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार के नवादा पहुंची हिंसा की आग, कई दुकानें फूंकी, पुलिस ने की हवाई फायरिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा
Updated Fri, 30 Mar 2018 11:10 AM IST
विज्ञापन
Nawada
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहे बिहार में लगातार बवाल जारी है। भागलपुर, औरंगाबाद, नालंदा और समस्तीपुर के बाद अब नवादा जिले में भी तनाव हो गया है। शुक्रवार की सुबह नवादा में हिंसक प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। नवादा बाईपास के गोंदापुर चौक के पास धार्मिक स्थल पर तोड़-फोड़ की गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। प्रदर्शनकारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
विज्ञापन
आसामाजिक तत्वों द्वारा धार्मिक स्थल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जिससे नाराज लोगों ने पटना-रांची राजमार्ग 31 को जाम कर दिया। सड़क जाम करने के बाद दो पक्षों के बीच पत्थरबाजी हुई। भीड़ के गुस्से का शिकार मीडिया कर्मी भी हुए। मीडिया के कैमरों को तोड़ दिया गया, उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दस राउंड फायरिंग की। भीड़ ने इलाके की कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। गाड़ियों के शीशे तोड़े गए।
विज्ञापन
हालात खराब होते देख जिलाधिकारी और एसपी भी मौके पर पहुंच गए। एतिहातन नवादा में इंटरनेट की सेवा को बंद कर दिया। जिले के सभी प्रमुख धर्मस्थलों पर पुलिस बल को तैनात किया गया है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि रामनवमी के बाद भड़की हिंसा में कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, लेकिन भागलपुर में भड़की आग औरंगाबाद, समस्तीपुर, नालंदा होते हुए मुंगेर तक पहुंची। औरंगाबाद में फायरिंग हुई, जबकि नालंदा में पुलिस पर ही पथराव हुआ। हर जगह प्रशासन ने तनाव पर काबू पाया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों बिहार दिवस के अवसर पर साफ शब्दों में कहा था कुछ लोग माहौल खराब करने में जुटे हैं, मगर हम ऐसा होने नहीं देंगे। सुशील मोदी ने भी साफ निर्देश दिये थे कि प्रशासन के बताए रूट पर ही जुलूस और विसर्जन यात्रा निकालें, भड़काऊ गाने मत बजाएं। लेकिन, भाजपा के लोगों ने ही अपने नेता की बातों को नजरअंदाज कर दिया।