{"_id":"577eb1c84f1c1b446c7facff","slug":"baba-banda-singh-bahadur-isbt-name-in-baba-banda-bahadur-name-mohali-isbt-mohali-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":" बाबा बंदा सिंह बहादुर के नाम पर होगा मोहाली का नया ISBT","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा बंदा सिंह बहादुर के नाम पर होगा मोहाली का नया ISBT
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Fri, 08 Jul 2016 06:41 PM IST
विज्ञापन
बाबा बंदा सिंह बहादुर के नाम पर होगा मोहाली का नया ISBT
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली के फेज-6 में बनाए जा रहे इंटर स्टेट बस टर्मिनल का नाम बाबा बंदा सिंह बहादुर इंटर स्टेट बस टर्मिनल होगा। बस स्टैंड पर वीरवार को कंपनी ने साइड बोर्ड लगा दिया। इसमें बड़े शब्दों में पंजाबी व अंग्रेजी में बाबा बंदा सिंह बहादुर अंतरराज्यीय टर्मिनल लिखा हुआ है। यह बोर्ड 43 मीटर लंबा है। अधिकारियों का कहना है कि इस पर अब बोर्ड में लाइट व बिजली के कनेक्शन देने की कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड के टावर ए की दो मंजिलें 31 जुलाई तक तैयार करने की कार्रवाई पूरे जोरों से चल रही है। कंपनी का दावा है कि जो समय अब गमाडा को दिया उसी के मुताबिक काम किया जा रहा है। जिक्रयोग है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट के नाम पर रखने का फैसला लिया गया था। लेकिन अभी तक यह मामला अधर में है।
वहीं, 7.02 एकड़ में बसाए जा रहे बस स्टैंड का नींव पत्थर 2009 में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने रखा था। पहले इसे 2012 में बनकर तैयार होना था। लेकिन इसी बीच विधानसभा चुनाव आ गए। इससे प्रोजेक्ट ठंडा पड़ गया था। इसके बाद काम लटकता जा रहा है। गमाडा कई बार इस संबंध में सहयोग कर चुकी है। जिक्रयोग है कि अमर उजाला ने 11 जून के अंक में ही बता दिया था कि बस स्टैंड का नाम बाबा बंदा सिंह बहादुर के नाम पर होगा।
विज्ञापन
दो हजार बसों से हुआ कांट्रेक्ट
जानकारी के मुताबिक जो कंपनी बस स्टैंड के विभिन्न टावरों को बना रही है। उस कंपनी के पास बस स्टैंड के तीन टावरों का 99 साल के लिए ठेका भी रहेगा। यहां पर कंपनी द्वारा शोरूम, दुकानों समेत कई दफ्तर बसाए जाने हैं। हालांकि कंपनी बसों से फीस सिर्फ 20 साल ही वसूलेगी। कंपनी के सेल्स मैनेजर ओम प्रकाश ने बताया कि कंपनी का करीब 1950 बसों से कांट्रेक्ट हुआ है। जिनमें सरकारी व प्राइवेट बसें शामिल है।
यह सुविधाएं रहेंगी बस स्टैंड
कंपनी जुलाई माह से आधुनिक बस टर्मिनल शुरू करने की तैयारी में है। यह आधुुनिक किस्म का चार मंजिला एसबीटीएसी टावर है। पहली मंजिल पर बस अड्डा होगा। दूसरी मंजिल पर फूड कोर्ट बनाए जाएंगे। जो कि 75 हजार वर्ग गज का होगा। इसमें 60 के करीब दुकानें होंगी। तीसरी मंजिल में नौ मल्टीप्लेक्स होंगे। जबकि चौथी मंजिल पर मॉडयूलर आफिस बन रहे हैं। इनमें 53 दफ्तरों की जगह होगी।
खुद बुझ जाएगी आग
बस स्टैंड में आग बुझाने के लिए अति आधुनिक किस्म का का फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जा रहा है। इसे फेंकलिन सिस्टम भी कहा जाता है। इस सिस्टम की विशेषता यह है कि अगर बस स्टैंड में आग लगने की घटना होती है तो तापमान 67 डिग्री पहुंचने पर पाइप अपने आप फट जाएगा। इसके बाद आग बुझने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
दो हजार कारों की पार्किंग की सुविधा
कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक बस स्टैंड में तीन बेसमेंट बनाए गए हैं। इनमें दो हजार कारों के पार्क करने की व्यवस्था होगी। वहीं, बसों की एंट्री मोहाली के फेज-1 वाली साइड से होगी। जबकि बाहर जाने के लिए रास्त वेरका मिल्क प्लांट की तरफ से रहेगा। इसी तरह टावर की पहली मंजिल के 14 टिकट काउंटर बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड के टावर ए की दो मंजिलें 31 जुलाई तक तैयार करने की कार्रवाई पूरे जोरों से चल रही है। कंपनी का दावा है कि जो समय अब गमाडा को दिया उसी के मुताबिक काम किया जा रहा है। जिक्रयोग है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट के नाम पर रखने का फैसला लिया गया था। लेकिन अभी तक यह मामला अधर में है।
विज्ञापन
वहीं, 7.02 एकड़ में बसाए जा रहे बस स्टैंड का नींव पत्थर 2009 में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने रखा था। पहले इसे 2012 में बनकर तैयार होना था। लेकिन इसी बीच विधानसभा चुनाव आ गए। इससे प्रोजेक्ट ठंडा पड़ गया था। इसके बाद काम लटकता जा रहा है। गमाडा कई बार इस संबंध में सहयोग कर चुकी है। जिक्रयोग है कि अमर उजाला ने 11 जून के अंक में ही बता दिया था कि बस स्टैंड का नाम बाबा बंदा सिंह बहादुर के नाम पर होगा।
विज्ञापन
दो हजार बसों से हुआ कांट्रेक्ट
जानकारी के मुताबिक जो कंपनी बस स्टैंड के विभिन्न टावरों को बना रही है। उस कंपनी के पास बस स्टैंड के तीन टावरों का 99 साल के लिए ठेका भी रहेगा। यहां पर कंपनी द्वारा शोरूम, दुकानों समेत कई दफ्तर बसाए जाने हैं। हालांकि कंपनी बसों से फीस सिर्फ 20 साल ही वसूलेगी। कंपनी के सेल्स मैनेजर ओम प्रकाश ने बताया कि कंपनी का करीब 1950 बसों से कांट्रेक्ट हुआ है। जिनमें सरकारी व प्राइवेट बसें शामिल है।
यह सुविधाएं रहेंगी बस स्टैंड
कंपनी जुलाई माह से आधुनिक बस टर्मिनल शुरू करने की तैयारी में है। यह आधुुनिक किस्म का चार मंजिला एसबीटीएसी टावर है। पहली मंजिल पर बस अड्डा होगा। दूसरी मंजिल पर फूड कोर्ट बनाए जाएंगे। जो कि 75 हजार वर्ग गज का होगा। इसमें 60 के करीब दुकानें होंगी। तीसरी मंजिल में नौ मल्टीप्लेक्स होंगे। जबकि चौथी मंजिल पर मॉडयूलर आफिस बन रहे हैं। इनमें 53 दफ्तरों की जगह होगी।
खुद बुझ जाएगी आग
बस स्टैंड में आग बुझाने के लिए अति आधुनिक किस्म का का फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जा रहा है। इसे फेंकलिन सिस्टम भी कहा जाता है। इस सिस्टम की विशेषता यह है कि अगर बस स्टैंड में आग लगने की घटना होती है तो तापमान 67 डिग्री पहुंचने पर पाइप अपने आप फट जाएगा। इसके बाद आग बुझने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
दो हजार कारों की पार्किंग की सुविधा
कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक बस स्टैंड में तीन बेसमेंट बनाए गए हैं। इनमें दो हजार कारों के पार्क करने की व्यवस्था होगी। वहीं, बसों की एंट्री मोहाली के फेज-1 वाली साइड से होगी। जबकि बाहर जाने के लिए रास्त वेरका मिल्क प्लांट की तरफ से रहेगा। इसी तरह टावर की पहली मंजिल के 14 टिकट काउंटर बनाए जाएंगे।