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एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता सचिन को किया सम्मानित
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17jjrp13- सचिन सहरावत का सम्मान करते ग्रामीण। स्रोत : परिजन
साल्हावास। हाल ही में किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित सीनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 67 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक विजेता सचिन सहरावत के सम्मान में पैतृक गांव बिरोहड में समारोह का आयोजन किया गया।
उन्हें खुली जीप में बैठाकर घर से मोरनी चौपाल तक लाया गया। इस दौरान महिलाएं और युवा ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए। ग्रामीणों की तरफ से पहलवान सचिन सहरावत व पिता वीरेंद्र सिंह को पगड़ी बांधकर, फूल व नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र ने बताया कि यह आयोजन ग्रामीणों व ग्राम पंचायत के सौजन्य से आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम में पहलवान अमन सहरावत को भी रजत पदक जीतने पर सम्मानित किया जाना था लेकिन समय अभाव के चलते कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। सचिन सहरावत ने कहा कि वे भविष्य में आयोजित होने वाली कुश्ती चैंपियनशिप में अवश्य ही अपने मेडल का रंग बदलने का काम करेंगे।
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उन्होंने कहा कि युवा पहलवानों को जब भी उनके मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी तो वे हमेशा खड़े मिलेंगे। पिता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सचिन सहरावत 3 साल चोट से पीड़ित रहे हैं लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा। इसी तरह आप सभी को भी विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास करना है और बिरोहड़ गांव के लिए पदकों की झड़ी लगा देनी है। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र सहरावत, जगबीर श्योराण, सुधीर, जयप्रकाश सहरावत, विजय डीपी, धर्मवीर, धौलिया, जय भगवान मास्टर, सतबीर मौजूद रहें। पूर्व सरपंच प्रदीप सहरावत ने भी उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की।
सहरावत खाप भी सचिन को कर चुकी सम्मानित
सचिन सहरावत की उपलब्धि को देखते हुए सहरावत खाप ने दिल्ली के मटियाला क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में परिजनों के साथ सम्मानित कर चुकी है। सचिन ग्रीको रोमन में सेना की टीम में खेलने वाले पहलवान हैं। सचिन सहरावत वर्ष 2017 में सेना में खेल कोटे से भर्ती हुए। वे सेना सहायता संस्थान पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
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उन्हें खुली जीप में बैठाकर घर से मोरनी चौपाल तक लाया गया। इस दौरान महिलाएं और युवा ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए। ग्रामीणों की तरफ से पहलवान सचिन सहरावत व पिता वीरेंद्र सिंह को पगड़ी बांधकर, फूल व नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र ने बताया कि यह आयोजन ग्रामीणों व ग्राम पंचायत के सौजन्य से आयोजित किया गया है।
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कार्यक्रम में पहलवान अमन सहरावत को भी रजत पदक जीतने पर सम्मानित किया जाना था लेकिन समय अभाव के चलते कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। सचिन सहरावत ने कहा कि वे भविष्य में आयोजित होने वाली कुश्ती चैंपियनशिप में अवश्य ही अपने मेडल का रंग बदलने का काम करेंगे।
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उन्होंने कहा कि युवा पहलवानों को जब भी उनके मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी तो वे हमेशा खड़े मिलेंगे। पिता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सचिन सहरावत 3 साल चोट से पीड़ित रहे हैं लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा। इसी तरह आप सभी को भी विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास करना है और बिरोहड़ गांव के लिए पदकों की झड़ी लगा देनी है। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र सहरावत, जगबीर श्योराण, सुधीर, जयप्रकाश सहरावत, विजय डीपी, धर्मवीर, धौलिया, जय भगवान मास्टर, सतबीर मौजूद रहें। पूर्व सरपंच प्रदीप सहरावत ने भी उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की।
सहरावत खाप भी सचिन को कर चुकी सम्मानित
सचिन सहरावत की उपलब्धि को देखते हुए सहरावत खाप ने दिल्ली के मटियाला क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में परिजनों के साथ सम्मानित कर चुकी है। सचिन ग्रीको रोमन में सेना की टीम में खेलने वाले पहलवान हैं। सचिन सहरावत वर्ष 2017 में सेना में खेल कोटे से भर्ती हुए। वे सेना सहायता संस्थान पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।