बर्फ में फंसे पुलिस कांस्टेबल को सेना ने निकाला
- चार दिन के भीतर सेना का यह दूसरा रेस्क्यू ऑपरेशन है।
- जानकारी मिलते ही सेना की एवलांच रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पुलिस कांस्टेबल अरशद मीर सुरक्षित निकाला।
विस्तार
भारी बर्फबारी में तंगधार निवासी स्थानीय निवासी शम्स अरशद मीर को सेना ने रेस्क्यू अभियान चला कर बचाया है। अरशद पुलिस कांस्टेबल है। वह गांव के अन्य चार साथियों के साथ घर के लिए निकला था।
चार दिन के भीतर सेना का यह दूसरा रेस्क्यू ऑपरेशन है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार रविवार को देर शाम नस्ता छुन पर तैनात सेना की टुकड़ी को जानकारी मिली थी कि बर्फबारी में एक स्थानीय निवासी फंस गया है।
जानकारी मिलते ही सेना की एवलांच रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पुलिस कांस्टेबल अरशद मीर सुरक्षित निकाला। वह नस्ता छुन से चार किलोमीटर दूर खूनी नाला इलाके में पांच फुट ऊंची बर्फ में फंसा था।
जानकारी के अनुसार जिले के चौकीबल और तंगधार के बीच भारी बर्फबारी से यातायात प्रभावित होने से तंगधार निवासी पांच स्थानीय लोगों ने चौकीबल से तंगधार तक पैदल जाने का फैसला किया।
इनमें से चार नस्ता छुन पास तक पहुंचने में सफल हुए, जबकि शम्स अरशद मीर नहीं पहुंच पाया। वह खूनी नाले के पास ही बेहोश हो गया था। सेना की टीम मौके पर पहुंची तो अरशद को गंभीर स्थिति में पाया। उसके बचने की उम्मीद सभी ने छोड़ दी थी।
रेस्क्यू टीम ने बर्फीले तूफान और कम दृश्यता के बावजूद अरशद को कंधों पर उठाते हुए नस्ता छुन पहुंचाया और इलाज दिया। यहां कुछ घंटों के बाद होश आ गया। इसके पहले 11 मार्च को सेना की टीम द्वारा 73 लोगों की जान बचाई थी जो हिमस्खलन में फंस गए थे।