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चंडीगढ़ में मनचलों को रोकेगा एंटी ईव टीजिंग दस्ता
चंडीगढ़/ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2013 01:25 PM IST
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ईव टीजिंग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने एंटी ईव टीजिंग दस्ता गठित कर लिया है। चार गजटेड अफसरों को इस दस्ते की कमान सौंपी गई है। उनके अधीन दर्जनों महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सादी वर्दी में ग्रुपों में बंटा यह दस्ता शहर के सभी सार्वजनिक और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर तैनात रहेगा।
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चंडीगढ़ पुलिस के डीआईजी आलोक कुमार ने वीरवार को हाईकोर्ट में पेश किए हलफनामे में यह जानकारी दी है। चीफ जस्टिस एके सीकरी एवं जस्टिस आरके जैन पर आधारित खंडपीठ ने एफिडेविट को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की है।
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हाईकोर्ट में दाखिल एफिडेविट में डीआईजी आलोक कुमार ने कहा कि छेड़खानी की घटनाओं के दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग ने एक विशेष अभियान छेड़ा था। पुलिस के अधिकारियों ने शहर के 83 शिक्षण संस्थानों का दौरा कर छात्राओं, अध्यापकों और अभिभावकों के सुझावों को साझा किया। पूरे अभियान के दौरान शहर से 1050 लिखित सुझाव मिले और इन सुझावों का गहनता से अध्ययन कर छेड़खानी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए विशेष ड्राफ्ट तैयार करने में मदद मिली।
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पुलिस द्वारा तैयार किए गए दस्ते को कड़े आदेश जारी किए गए हैं कि अगर कोई छेड़खानी की घटना करता हुआ दिखता है, तो उसकी तत्काल धरपकड़ सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि कठोर कानून पर भी चंडीगढ़ प्रशासन कानूनविदों से विचार विमर्श कर रहा है। इस दस्ते में स्थानीय लोगों को जोड़ा गया है। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर अवेयरनेस कैंपों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है।
ईव टीजिंग के खिलाफ ‘अमर उजाला’ की मुहिम रंग लाई
सितंबर, 2012 में एक कॉलेज की छात्रा के साथ छेड़छाड़ और मारपीट के मामले को अमर उजाला ने गंभीरता से लिया था। घटना के बाद ‘अमर उजाला’ ने ‘छेड़ने वालों को मत छोड़ो’ नाम से लगातार हफ्ते भर मुहिम चलाई तो पुलिस ने अवेयरनेस प्रोग्राम, कॉलेज के बाहर पीसीआर की तैनाती, सादी वर्दी में लेडी कांस्टेबलों की बसों में तैनाती जैसे कदम उठाए थे। उसके बाद पुलिस के आला अफसरों ने स्कूल-कॉलेजों में लड़कियों को हौसला दिया और वहां मिले फीडबैक के बाद एंटी ईव टीजिंग दस्ता बनाने का ऐलान कर दिया।