फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Ambulances assigned to Dighal and Badli remain stationed at the Civil Hospital.

नागरिक अस्पताल में खड़ी रहती हैं डीघल और बादली में तैनात की गईं एंबुलेंस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:37 AM IST
विज्ञापन
Ambulances assigned to Dighal and Badli remain stationed at the Civil Hospital.
31jjrp03- झज्जर। नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद
झज्जर। ग्रामीण क्षेत्रों में दिहाड़ी-मजदूरी कर पेट पालने वाले वे लोग, जो शहर के सरकारी अस्पताल तक आने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए सरकार ने मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) बनाई हुई हैं। डीघल और बादली के लिए दो एमएमयू एंबुलेंस निर्धारित की गई हैं। मगर ये एंबुलेंस फील्ड में जाने की जगह ज्यादातर समय नागरिक अस्पताल में ही खड़ी रहती हैं और इन पर तैनात स्टाफ फरलो पर रहता है। इससे लोग सुविधाओं से महरूम हो रहे हैं, साथ ही सरकारी योजना पर भी पलीता लग रहा है।
विज्ञापन


जिले में ईंट भट्टों का बहुत बड़ा कारोबार है। इनमें से ज्यादातर पर प्रवासी मजदूर काम करते हैं। बीमार होने पर भी वे अस्पताल तक नहीं जा पाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उन्हें जानकारी नहीं होना है। दूसरा, उन्हें काम से छुट्टी भी नहीं मिलती है। ऐसे में इन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से मोबाइल मेडिकल यूनिट बनाई गई हैं। इसमें लोगों की जांच के लिए चिकित्सक की तैनाती होती है। ज्यादातर मजदूर धूल में काम करते हैं, जिसके कारण उन्हें टीबी होने का खतरा रहता है। इसलिए एमएमयू में टीबी एक्सरे की भी सुविधा दी गई है। रक्त के सामान्य टेस्ट की सुविधा भी इस एमएमयू में होती है। टेस्ट करने के लिए एक एलटी इस पर तैनात किया जाता है। दवा देने के लिए एक फार्मासिस्ट की भी तैनाती रहती है।
विज्ञापन


कंट्रोल रूम के साथ ही खड़ी रहती हैं एमएमयू

जिन एमएमयू को डीघल और बादली क्षेत्र में तैनात रहना चाहिए, वे लगभग पूरा दिन नागरिक अस्पताल में खड़ी रहती हैं। इन्हें एंबुलेंस कंट्रोल रूम के साथ ही खड़ा किया जाता है। इनकी निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी फ्लीट मैनेजर का कार्यालय भी कंट्रोल रूम में ही स्थित है। मगर कोई अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीपीएस लोकेशन की होनी चाहिए जांच

एमएमयू एंबुलेंस में भी जीपीएस लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग को लोकेशन की मदद से इनकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए। पीछे के रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए। सूत्रों की मानें तो ये सुबह 10 बजे नागरिक अस्पताल से निकलती हैं और 12 या एक बजे तक वापस आ जाती हैं। इन्हीं दो से तीन घंटों में इनके आने-जाने का समय भी शामिल है।

वर्जन

यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. सुशील, डिप्टी सीएमओ, रोड ट्रांसपोर्ट, झज्जर

31jjrp03- झज्जर। नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद

31jjrp03- झज्जर। नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed